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सोशल मीडिया पर लड़कियों की तस्वीरों वाले अकाउंट से पहले फ़्रेंड रिक्वेस्ट आती थी. फिर बातचीत शुरू होती और धीरे-धीरे सेक्स चैट तक पहुँच जाती.
पुलिस के मुताबिक़, चैट करने वाले लोगों से उनकी नग्न तस्वीरें और वीडियो मंगवाए जाते थे. लेकिन इसके बाद कहानी में एक नया किरदार सामने आता था.
अब तक लड़की बनकर चैट कर रहा व्यक्ति ख़ुद को उसी लड़की का भाई बताता और पैसे मांगने लगता.
हैदराबाद पुलिस का दावा है कि लड़की और उसका भाई बनकर लोगों से बात करने वाला व्यक्ति एक ही था. 23 साल का पवन कुमार.
पुलिस के मुताबिक़, पवन ने डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों, कारोबारियों, सरकारी अधिकारियों, सॉफ़्टवेयर इंजीनियरों और लेक्चररों समेत अलग-अलग पेशों से जुड़े क़रीब 1,000 लोगों को हनी ट्रैप में फँसाया.
चारमीनार के डीसीपी किरण खरे ने बताया, "वह चार साल से कोलकाता की एक मॉडल समेत कई लड़कियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके लोगों को हनी ट्रैप में फँसा रहा था और उनसे पैसे वसूल रहा था."
"उसके हाथों ठगे गए लोगों में भारत के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ दूसरे देशों में रहने वाले लोग भी शामिल हैं."
पुलिस ने पवन के पास से तीन मोबाइल फ़ोन, एक लैपटॉप और 16 जीबी की पेन ड्राइव बरामद की है.
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कोंडाबत्तुला पवन कुमार तेलंगाना के भद्राद्रि कोठागुडेम ज़िले के टेकुलपल्ली मंडल का रहने वाला है.
पुलिस की जांच में पता चला कि पवन ने हैदराबाद के बालानगर स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टूल डिज़ाइन (सीआईटीडी) में डिप्लोमा की पढ़ाई दूसरे साल में ही छोड़ दी थी.
डीसीपी के मुताबिक़, इसके बाद उसने अपने परिवार से कहा कि वह मल्ला रेड्डी कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है.
वह हैदराबाद में रहकर छोटे-मोटे काम करता रहा और इस समय बेरोज़गार था.
पुलिस के मुताबिक़, पवन लड़कियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक पर फ़र्ज़ी अकाउंट बनाता था.
इन अकाउंट से लोगों को फ़्रेंड या फ़ॉलो रिक्वेस्ट भेजी जाती थी. रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद वह लड़की बनकर उनसे चैटिंग शुरू कर देता था.
डीसीपी किरण खरे ने बताया, "वह धीरे-धीरे बातचीत को सेक्स चैट की ओर ले जाता और यूज़र्स से उनकी नग्न तस्वीरें और वीडियो लेकर उन्हें सेव कर लेता था."
पुलिस का कहना है कि अपने ऊपर शक होने से बचने के लिए पवन कुछ मॉडलों की सेमी न्यडू तस्वीरें भी भेजता था.
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पुलिस के मुताबिक़, नग्न वीडियो और तस्वीरें हासिल करने के बाद पवन लोगों से पैसे वसूलना शुरू करता था.
जिस लड़की से अब तक चैटिंग हो रही होती थी, पवन बाद में ख़ुद को उसी लड़की का भाई बताकर सामने आता था.
इसके बाद वह नग्न तस्वीरें और वीडियो भेजने वाले लोगों से फ़ोन कॉल, व्हॉट्सऐप और सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए संपर्क करता था.
डीसीपी ने बताया, "वह उन्हें धमकाता कि उसकी बहन ने आत्महत्या कर ली है या फिर वह पुलिस में शिकायत कर देगा. इस तरह वह उनसे पैसे वसूलता था."
किरण खरे के मुताबिक़, पवन ने इस काम के लिए कोलकाता की एक मॉडल की तस्वीरों का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया.
पुलिस ने उस मॉडल से संपर्क करके उन्हें भी इसकी जानकारी दी है.
पुलिस का कहना है कि पवन ने पुलिसकर्मियों, लेक्चररों, सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, सॉफ़्टवेयर इंजीनियरों और डॉक्टरों समेत अलग-अलग पेशों से जुड़े क़रीब 1,000 लोगों के साथ सेक्स चैट करके उन्हें अपने जाल में फंसाया.
किरण खरे ने बताया, "इन लोगों की उम्र 22 से 70 साल के बीच है. हमारे पास 82 लोगों की नग्न तस्वीरें और वीडियो मिले हैं."
पुलिस के मुताबिक़, पीड़ितों में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और पंजाब के साथ-साथ सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान और कनाडा के लोग भी शामिल हैं.
पुलिस का कहना है कि पवन ने इन लोगों से अब तक 25 लाख 16 हज़ार रुपये ठगे हैं.
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पुलिस की जांच में सामने आया कि पवन ने इंस्टाग्राम पर 13 फ़र्ज़ी आईडी और फ़ेसबुक पर 14 फ़र्ज़ी पेज बनाए थे.
इंस्टाग्राम पर ये फ़र्ज़ी आईडी बनाई गई थीं:
डीसीपी के मुताबिक़, फ़ेसबुक पर ये फ़र्ज़ी अकाउंट बनाए गए थे:
किरण खरे ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को इन अकाउंट्स से मैसेज गया है तो उसे सावधान हो जाना चाहिए और पुलिस को जानकारी देनी चाहिए.
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पुलिस के मुताबिक़, पवन कुमार ने अपने एक दोस्त को भी धोखा देकर उससे चार लाख रुपये वसूले. इसके बाद ही यह पूरा मामला सामने आया.
धोखाधड़ी का शिकार हुए उसके दोस्त रमेश (बदला हुआ नाम) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
रमेश ने बताया कि सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टूल डिज़ाइन में डिप्लोमा की पढ़ाई के दौरान उनकी पहचान पवन कुमार से हुई थी.
सितंबर 2021 में रमेश को इंस्टाग्राम पर 'मून बेबी 5973' नाम की आईडी से फ़्रेंड रिक्वेस्ट मिली.
रमेश ने पुलिस को दी शिकायत में कहा, "मुझे इस अकाउंट पर शक हुआ. उसे देखने पर लगा कि यह पवन कुमार ने बनाया है."
"मैंने तुरंत उससे सवाल किया तो उसने मान लिया कि फ़र्ज़ी अकाउंट उसी ने बनाया था. इसके बाद मैंने उससे दोस्ती ख़त्म करने का फ़ैसला किया."
रमेश के मुताबिक़, बाद में वह दूसरे हॉस्टल में रहने लगे. इसके बावजूद पवन वहां आया और उनके साथ रहने की बात कही.
शिकायत के मुताबिक़, इसी दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने. रमेश का आरोप है कि पवन उन पर शारीरिक संबंध बनाने का काफ़ी दबाव डालता था और उन्हें ब्लैकमेल भी करता था.
रमेश ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पवन ने वीडियो बनाने का दावा करके उन्हें धमकाया. उसने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने के साथ-साथ उनसे डेढ़ लाख रुपये ऑनलाइन और ढाई लाख रुपये सीधे लिए.
सैदाबाद पुलिस ने 17 अक्तूबर को इस मामले में केस दर्ज करके जांच शुरू की. इसी जांच के दौरान हनी ट्रैप का मामला सामने आया.
डीसीपी किरण खरे ने कहा, "सोशल मीडिया पर किसी अकाउंट से फ़्रेंड रिक्वेस्ट आने पर उस अकाउंट की जांच ज़रूर करनी चाहिए. ख़ास तौर पर किसी अनजान अकाउंट से संदेश आने पर सावधान हो जाना चाहिए."
"ऐसे लोग पहले दोस्ती के अंदाज़ में बात करते हैं. इसके बाद नग्न तस्वीरें और वीडियो हासिल करके लोगों को ठगना शुरू कर देते हैं. पीड़ितों को तुरंत पुलिस में शिकायत करनी चाहिए."
बीबीसी ने इस पूरे मामले पर पवन कुमार से बात करने की कोशिश की. लेकिन उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के कारण उससे संपर्क नहीं हो सका.
पुलिस ने जब उसे मीडिया के सामने पेश किया, तब भी उसने बात करने से इनकार कर दिया.
बीबीसी ने पवन के परिवार के सदस्यों से भी संपर्क किया, लेकिन उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया.
अगर आपके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, तो उनसे बाहर निकलने में मदद के लिए भारत सरकार की जीवन साथी हेल्पलाइन के नंबर 18002333330 पर फ़ोन करें.
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भी 13 भाषाओं में 18005990019 हेल्पलाइन चलाता है.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज की हेल्पलाइन का नंबर 08026995000 है.
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