पुणे पुलिस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूँज' कार्यक्रम को 30 विशेष शर्तों के तहत मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी में आपत्तिजनक प्रतीक चिह्नों, बैनरों और तस्वीरों को प्रदर्शित करने पर सख्त रोक लगाई गई है। इसके अलावा, पुलिस ने आयोजकों से स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी धर्म की भावनाओं को ठेस न पहुँचे।
नेट-यूजी 2026 के प्रश्नपत्र रिसाव मामले की पृष्ठभूमि में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में देखी गई अनियमितताओं और शैक्षणिक गुणवत्ता जैसे छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है। कार्यक्रम शनिवार, 22 अगस्त को शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक पुणे के आरटीओ चौक के पास स्थित एसएसपीएमएस कॉलेज में संपन्न होगा। पुलिस की गणना के अनुसार, इस कार्यक्रम में 8,000 से 10,000 प्रतिभागियों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
19 अगस्त को जारी अधिकारिक आदेश के अनुसार, किसी भी प्रकार की उग्र या आपत्तिजनक तस्वीरों, पोस्टरों या बैनरों को प्रदर्शित करना पूर्णतः वर्जित है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यक्रम के दौरान शांति भंग होने वाला कोई भी घटनाक्रम सामने आता है, तो उसकी पूरी कानूनी जिम्मेदारी आयोजक संस्थान पर होगी। स्थल की अधिकतम धारण क्षमता से अधिक लोगों की उपस्थिति की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए आयोजकों को कम से कम चार अलग-अलग प्रवेश और प्रस्थान द्वार बनाने होंगे, साथ ही पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जारी दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि महिला प्रतिभागियों की तलाशी बंद स्थान पर ही की जाएगी और यह कार्य केवल महिला सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा ही किया जाएगा। पुरुष कर्मचारियों को तलाशी लेने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग पूर्णतः मना है, जबकि आकाश की ओर उच्च तीव्रता वाली बीम लाइट्स चलाने पर भी रोक लगाई गई है।
कार्यक्रम से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए इसे केवल 'एकतर्फी बातचीत' बताया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि सच में छात्रों से संवाद करना था, तो एक खुले प्लेटफॉर्म पर चर्चा की जाती, न कि इस प्रकार के आयोजन की। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना भी हो सकता है।
पुलिस द्वारा जारी 30 शर्तों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, अग्निशमन उपकरण और वाहन पार्किंग की व्यवस्था करना भी शामिल है। आयोजकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी अप्रिय घटना के लिए जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों की आवाज़ों को मंच देने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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