भारत और श्रीलंका के बीच 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाना है. इस टेस्ट मैच से पहले मेजबान श्रीलंका की मुश्किलें बढ़ चुकी हैं. दिनेश चांदीमल कोलंबो टेस्ट से बाहर हो चुके हैं. वहीं कुसल मेंडिस का भी यही हाल है. मेंडिस तो पहले टेस्ट मैच के लिए भी स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थे. पथुम निसंका के भी दूसरे टेस्ट में खेलने की संभावना कम है. ऐसे में श्रीलंका के टॉप और मिडिल ऑर्डर में नए चेहरों को मौका मिल सकता है.
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका ने दूसरे टेस्ट के लिए सलामी बल्लेबाज कामिल मिशारा और बैटिंग ऑलराउंडर सहान अराचिगे को अपनी टीम में शामिल किया है. कामिल और सहान श्रीलंका के लिए टी20 इंटरनेशनल और ओडीआई मुकाबल खेल चुके हैं, लेकिन उनका अब तक टेस्ट डेब्य नहीं हुआ है. अब इन दोनों के पास रेड बॉल क्रिकेट में भी छाने का शानदार मौका है. मिशारा टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी का विकल्प देते हैं, जबकि अराचिगे मध्यक्रम में टीम के काम आ सकते हैं.
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सहान अराचिगे का हालिया प्रदर्शन चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने वाला रहा है. श्रीलंका-ए की कप्तानी करते हुए उन्होंने इंडिया-ए के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में शानदार 127 रन बनाए थे. श्रीलंका-ए वह मुकाबला 10 विकेट से हार गया था, लेकिन नंबर पांच पर बल्लेबाजी करते हुए अराचिगे की संघर्षपूर्ण शतकीय पारी मेजबान टीम के लिए सबसे बड़े सकारात्मक पहलुओं में शामिल रही थी. वह उस सीरीज में श्रीलंका-ए के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे.
दिनेश चांदीमल को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान चोट लगी थी. फील्डिंग करते समय उनकी गर्दन और कंधे में परेशानी हुई, जिसके बाद वह बीच मुकाबले से बाहर हो गए थे. पसिंदु सूरियाबंडारा को कन्कशन सब्स्टीट्यूट के रूप में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था. चांदीमल का बाहर होना श्रीलंका के लिए इसलिए भी बड़ा नुकसान है क्योंकि वह टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं.
उधर कुसल मेंडिस हैमस्ट्रिंग इंजरी से जूझ रहे हैं. उनकी चोट इतनी गंभीर है कि वह फिलहाल मैदान पर वापसी की स्थिति में नहीं हैं. श्रीलंका के हेड कोच गैरी कर्स्टन ने गॉल टेस्ट के बाद उनकी चोट को गंभीर बताते हुए कहा था कि मेंडिस कुछ समय तक उपलब्ध नहीं होंगे. उनकी जगह निरोशन डिकवेला को पहले ही स्क्वॉड में शामिल किया जा चुका है.
श्रीलंका के लिए चोटों का यह सिलसिला गलत समय पर आया है. भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उसके सामने केवल मजबूत वापसी करने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि सही कॉम्बिनेशन तलाशना भी जरूरी होगा. वैसे भी दो मैचों की सीरीज में पिछड़ चुकी श्रीलंकाई टीम के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है. उसे सीरीज बचाने के लिए जीत की जरूरत है, लेकिन अहम मुकाबले से पहले अनुभवी बल्लेबाजों का उपलब्ध नहीं होना टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
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