सावन झूला मेले को लेकर प्रशासन एलर्ट हो गया है। अयोध्या के राम मंदिर में सावन मेला के दौरान आठ अगस्त से 11 अगस्त व 23 से 28 अगस्त के मध्य आम श्रद्धालुओं को पूरे परिसर में बिना पास दर्शन की व्यवस्था पर रोक लगाए जाने की संभावना है। बताया गया कि 8 से 11 अगस्त के बीच अयोध्या में पांच से दस लाख कांवड़िया श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इसी तरह से 23 से 28 अगस्त के मध्य भी सावन झूला मेला अपने चरम पर पहुंचने की स्थिति में भी अधिकतम भीड़ की संभावना है। इसके अलावा भी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से ही सावन मेला का शुभारम्भ हो रहा है। इसके कारण भी बिना पास धारक श्रद्धालुओं को पूरे परिसर में दर्शन से रोका जा सकता है।
राम मंदिर में पूरे परिसर में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए पहली बार 11 अप्रैल 2026 से सामान्य दर्शन पास व्यवस्था लागू की गयी थी, जिसमें दर्शन के लिए निर्धारित दो-दो घंटे के अलग-अलग स्लाट में 15-15 सौ पास बनते हैं। यह पास श्रद्धालु श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्वयं बनाते हैं जिसमें प्रत्येक दर्शनार्थी के आईडी प्रूफ के साथ पास जनरेट करने वाले की फोटो भी जरूरी होती है। उधर मई माह के मध्य में बिना पास सभी श्रद्धालुओं के लिए परिसर को खोल दिया गया जो कि वर्तमान समय में भी लागू हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार सावन शुक्ल तृतीया तदनुसार 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से शुरू हो रहा है। इस मेला में परम्परागत रूप से 10-15 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। मेलार्थियों की मुख्य भीड शुक्ल पक्ष की Playing XIी से लेकर पूर्णिमा के बीच होती है। इसके पहले यहां श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। ऐसे में प्रतिदिन औसतन दो से तीन लाख श्रद्धालुओं की मौजूदगी मेला क्षेत्र में रहती है। वहीं कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्त आषाढ़ पूर्णिमा से आने लगते है जबकि मुख्य भीड सावन कृष्ण त्रयोदशी के दो दिन पहले से होती है। इस बार यह तिथि दूसरे सोमवार यानि दस अगस्त को पड़ रही है।
सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि सावन मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा पीएं सिस्टम भी लगाया जाएगा। पूरे क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था के साथ अलग-अलग यात्री सुविधा केंद्र व खोया-पाया केंद्र बनाए जाएंगे। वहीं अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पीएसी व जल पुलिस की डिमांड भेजी गई है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर में एक दिन में दो लाख श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की क्षमता है। इससे अधिक भीड़ बढ़ने की दशा में दर्शनार्थियों को लंबी दूरी का चक्कर लगवा कर दर्शन कराया जाएगा।
कांवड़ यात्रियों की सर्वाधिक भीड़ सावन के दूसरे सोमवार 10 अगस्त को अनुमानित है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही है। पूरे महीने नागेश्वर नाथ मंदिर व क्षीरेश्वर नाथ महादेव मंदिर सहित हनुमानगढ़ी व कनक भवन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी तरह से कांवड़ यात्रियों के द्वारा सरयू नदी स्नान व जल लेकर शिवालयों में जलाभिषेक को देखते हुए घाटों पर भी सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंध किया गया है। आने वाली भीड़ को लेकर राम मंदिर में सुरक्षा में बदलाव लाने को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने रुट डायवर्जन से लेकर आवश्यक प्रतिबंध लगाने के लिए रोड मैप तैयार कर लिया है।
राम मंदिर के नवागत पुलिस अधीक्षक सुरक्षा विजय शंकर मिश्र का कहना है कि अभी व्यवस्थाएं यथावत है लेकिन आगे भीड़ की स्थिति के अनुसार व्यवस्थाओं में जरुरी बदलाव किया जाएगा। इसकी सूचना भी दी जाएगी। उधर प्रशासन तैयारी बैठक के साथ मजिस्ट्रेटों की ड्यूटियां भी निर्धारित कर दी है। इसके साथ डीआईजी सोमेन वर्मा की अध्यक्षता में भी पुलिस अधिकारियों की बैठकें हो चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार इसी महीने के अंत में श्रीराम जन्मभूमि सुरक्षा समन्वय की बैठक भी प्रस्तावित है। हर तीसरे महीने होने वाली यह बैठक मार्च 2026 में हुई थी। समन्वय बैठक में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के रोड मैप को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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