मामला 1 अगस्त 2026 को नांगल थाना इलाके के तिसोतरा गांव में हुई फायरिंग से जुड़ा है. महिला के घर के बाहर फायरिंग की सूचना मिलने के बाद नांगल थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी. महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी. जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि पंकज नाम के एक अन्य आरोपी की तलाश जारी थी.
गुरुग्राम में मिली थी आरोपी पंकज की लोकेशन
पुलिस को जांच के दौरान जानकारी मिली कि फायरिंग का आरोपी पंकज हरियाणा के गुरुग्राम में रह रहा है. उसकी लोकेशन मिलने के बाद नांगल थाने से एक पुलिस टीम गुरुग्राम के लिए रवाना हुई. टीम में एक दरोगा और चार सिपाही शामिल थे.
बताया गया कि पंकज गुरुग्राम के सेक्टर-14 में किराए के कमरे में रहता था. उसी के साथ उसकी बहन भी रहती थी. पंकज के साथ दिकेंदर उर्फ DK नाम का युवक भी संपर्क में था, जो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ उसी कमरे में रह रहा था. मकान के निचले हिस्से में मकान मालिक रहते थे.
पुलिस को देखते ही कमरे में मची हलचल
पुलिस टीम जब पंकज के कमरे के बाहर पहुंची तो उसकी बहन ने खिड़की से पुलिसकर्मियों को देख लिया. इसी दौरान कमरे के अंदर मौजूद दिकेंदर उर्फ DK को पुलिस के पहुंचने की जानकारी हुई.
पुलिस के मुताबिक, खुद को पुलिस से घिरा देखकर DK बाथरूम में चला गया. इसके बाद उसने कथित तौर पर अपने सीने में गोली मार ली. घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया. मामले की जानकारी संबंधित पुलिस को दी गई और घटनाक्रम की जांच शुरू हुई.
आखिर क्यों हुई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई?
इस पूरे घटनाक्रम में बिजनौर के एसपी केके बिश्नोई ने नांगल थाने की पुलिस टीम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दूसरे राज्य में गई थी, लेकिन इस संबंध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पूर्व सूचना नहीं दी गई थी.
एसपी ने इसे पुलिस कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही मानते हुए टीम में शामिल एक दरोगा और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया. कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी इसे अधिकारियों के निर्देश और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने को लेकर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
दूसरे राज्य में किसी आरोपी की तलाश या गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भेजे जाने के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने और संबंधित स्तर पर समन्वय रखने को महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी प्रक्रिया की अनदेखी पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ी.
कौन है दिकेंदर उर्फ DK?
दबिश के दौरान कमरे में मौजूद दिकेंदर उर्फ DK को लेकर पुलिस के पास पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी थी. उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, DK के खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज हैं.
पुलिस के अनुसार DK स्थानीय स्तर पर हथियारों की सप्लाई से भी जुड़ा रहा है. इसके अलावा उस पर लोगों को सड़क के बीच रोककर उनके साथ मारपीट करने के आरोप भी बताए गए हैं.
सोशल मीडिया पर भी मारपीट का वीडियो
DK की गतिविधियों को लेकर सोशल मीडिया का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है. बताया गया कि उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किए गए एक वीडियो में वह सड़क पर एक रिक्शे में बैठे व्यक्ति के साथ मारपीट करता हुआ दिखाई दे रहा है.
हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल या साझा किए गए किसी वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसके पूरे संदर्भ की जांच संबंधित पुलिस जांच का विषय है. पुलिस DK के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है.
बिजनौर एसपी ने 'आजतक' को क्या बताया?
बातचीत में आज तक को एसपी KK बिश्नोई ने बताया कि, यह मामला उनके संज्ञान में है, पुलिस कर्मचारियों को इसलिए निलंबित किया गया है क्योंकि वह बिना सूचना के दूसरे राज्य में एक आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए गए थे, और पुलिस ने मौके से पंकज को मौके से गिरफ्तार कर लिया है.
गुरुग्राम में हुई इस कार्रवाई के दौरान सामने आए घटनाक्रम और पुलिस टीम की कार्यप्रणाली ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. एक ओर जहां फायरिंग के आरोपी की तलाश जारी थी, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ अधिकारियों को बिना सूचना दिए दूसरे राज्य में दबिश देने के मामले में पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हो गई.
एसपी केके बिश्नोई की इस कार्रवाई से साफ है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की जवाबदेही और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर भी जिले में सख्ती बरती जा रही है.
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