छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बावा मोहतरा गांव में एक मगरमच्छ ने 130 साल तक ग्रामीणों के साथ सह-अस्तित्व में जिया और उनके परिवार का हिस्सा बन गया। यह मगरमच्छ, जिसका नाम गंगाराम था, गांव के तालाब में रहता था और इतने लंबे समय में उसने कभी किसी इंसान पर हमला नहीं किया। ग्रामीणों के अनुसार, महिलाएं उसी तालाब से पानी भरती थीं, किसान मवेशियों को पानी पिलाते थे और बच्चे उसके आसपास खेलते थे। गंगाराम की मौत के बाद, पूरा गांव शोक में डूब गया और ग्रामीणों ने उसका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। अब, गंगाराम की यह अनोखी कहानी NCERT की किताबों में भी शामिल की गई है, जो इंसान और वन्यजीव के बीच भरोसे, सह-अस्तित्व और अनोखे रिश्ते की मिसाल के रूप में पढ़ाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के एक गाँव में मगरमच्छ की अनोखी दास्तान, जिसने 130 साल तक ग्रामीणों के साथ सह-अस्तित्व में जिया
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