PM SVANidhi credit card: केंद्र सरकार की कई योजनाएं हैं जिसमें लाभार्थियों के लिए लोन या क्रेडिट कार्ड के जरिए फंड का इंतजाम किया जाता है। ऐसी ही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना भी है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को ना सिर्फ लोन मिलता है बल्कि क्रेडिट कार्ड भी दिया जाता है। आइए डिटेल जान लेते हैं।
कोरोना काल में शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को तीन अलग-अलग किस्तों में लोन दिया जाता है। ये तीन किस्त 15000 रुपये, 25000 रुपये और 50000 रुपये तक के होते हैं। इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी, क्रेडिट गारंटी सहायता और पात्र विक्रेताओं के लिए 30,000 रुपये तक का यूपीआई –लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड भी दिया जाता है।
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए दिए जाने वाले क्रेडिट कार्ड पर अधिकतम ₹30,000 तक की क्रेडिट लिमिट मिल सकेगी। हालांकि, शुरुआत में कार्ड की ऑपरेटिंग लिमिट ₹10,000 रखी जाएगी। कार्ड के इस्तेमाल और भुगतान के रिकॉर्ड को देखते हुए संतोषजनक उपयोग होने पर इस लिमिट को धीरे-धीरे बढ़ाकर ₹30,000 तक किया जा सकेगा।
इस कार्ड की एक खास सुविधा इंटरेस्ट-फ्री क्रेडिट पीरियड होगी। कार्ड जारी करने वाली संस्था की मौजूदा नीति के अनुसार ग्राहकों को 20 से 50 दिन तक ब्याज-मुक्त अवधि मिल सकती है। इस दौरान बकाया राशि का भुगतान करने पर ब्याज से राहत मिल सकती है। योजना के तहत क्रेडिट कार्ड की वैधता जारी होने की तारीख से पांच साल तक होगी। यानी स्ट्रीट वेंडर्स को लंबे समय तक इस क्रेडिट सुविधा का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड को लाभार्थी की UPI ID से लिंक किया जा सकेगा। इससे स्ट्रीट वेंडर्स अपने क्रेडिट कार्ड की उपलब्ध लिमिट का इस्तेमाल UPI के जरिए भुगतान करने में कर सकेंगे। कार्डधारकों के लिए ECS, NACH और ऑटोपे की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके जरिए कार्ड का पूरा देय बिल ग्राहक के बैंक खाते से तय तारीख पर अपने आप जमा किया जा सकेगा।
यह योजना जून 2020 में शुरू की गई थी। इसे आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए), वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) की संयुक्त जिम्मेदारी के तहत लागू किया जाता है। बीते साल ही सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना के पुनर्गठन और विस्तार को मंजूरी दी है। इसके तहत लोन देने की अवधि को मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है।
कोई भी व्यक्ति जो सड़क, फुटपाथ, पगडंडी आदि पर अस्थायी ढांचे से या एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूम-घूमकर दैनिक उपयोग की वस्तुओं, सामान, खाद्य पदार्थों या अन्य उत्पादों की बिक्री करता है। इनके द्वारा बेची जाने वाली वस्तुओं में सब्जियां, फल, रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड आदि शामिल हैं। इनके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में नाई की दुकानें, जूते-चप्पल मरम्मत करने वाली सेवाएं, लॉन्ड्री की सेवाएं आदि शामिल हैं।
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