इमेज स्रोत, ANI
सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि वो रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं.
उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कॉकरोच जनता पार्टी और कांग्रेस पर और हमलावर हो गई और उसने आरोप लगाया कि 'युवाओं को गुमराह करके देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जा रही है.'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थक संगठनों के माध्यम से 'अराजकता' फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि प्रेस कॉन्फ़्रेंस से साफ़ हो चुका है कि 'इन लोगों की मंशा है देश में तख़्तापलट करना और बिना चुनाव लड़े अपनी सरकार बनाना.'
बीते दो अक्तूबर से विपक्षी पार्टियां और सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े और मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को तत्काल रोकने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं.
सीजेपी के दो संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को गिरफ़्तार कर पांच दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को भी दिल्ली में तिरंगा मार्च निकालने का आह्वान किया है.
इसकी पूर्व संध्या पर प्रेस क्लब में सीजेपी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई, जिसमें अभिजीत दीपके के साथ आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, प्रशांत भूषण, अभिनेता प्रकाश राज समेत कई अन्य लोग शामिल हुए.
यहीं पर प्रशांत भूषण ने बीजेपी की ओर से 'अराजकता' फैलाने और 'रिजीम चेंज' के आरोपों पर बोलते हुए कहा, "हां, सभी लोग रिजीम चेंज चाहते हैं."
गुरुवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में हुई कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, "यह सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है और हम इसे अंजाम तक पहुंचाएंगे."
उन्होंने कहा, "यह सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है. हम ऐसे तानाशाही शासन को स्वीकार नहीं करेंगे, जो हमारी चुनावी व्यवस्था को कुचल रहा है."
प्रशांत भूषण ने नेहा बोरा, अभिजीत दीपके और प्रकाश राज के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हिस्सा लिया था.
चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों पर सरकार के रवैये को लेकर प्रशांत भूषण ने कहा, "अब सरकार कह रही है कि यह तो विपक्ष का रिजीम चेंज (सत्ता परिवर्तन) का ऑपरेशन है."
उन्होंने कहा कि अभी तो हम चुनावी लोकतंत्र ठीक करने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन सरकार की इस तरह की बर्बरता चलेगी तो ज़रूर रिजीम चेंज होगा.
रिजीम चेंज के आरोपों पर उन्होंने कहा, "हां, हम चाहते हैं रिजीम चेंज हो, हम सब चाहते हैं रिजीम चेंज हो. क्या इसमें ग़लती है? बीजेपी रिजीम चेंज के लिए बार-बार आंदोलन करे और कहते हैं कि ये लोग रिजीम चेंज की साज़िश कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "रिजीम चेंज कराना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है. हमारे संविधान में सरकार के ख़िलाफ़ विरोध करना कोई अपराध नहीं है. और इसलिए अब ये सचमुच रिजीम चेंज की लड़ाई है. इस तरह की तानाशाह की सरकार इस देश में नहीं चल सकती, जोकि हमारे देश में सारे लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल रही हो और जो हमारे चुनावी लोकतंत्र को कुचल रही हो."
निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शनों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय उन्हें अराजकता और राजनीतिक टकराव का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है.
राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान यह बात कही.
देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.
राजनाथ सिंह ने कहा, "दिल्ली में पिछले दिनों जो घटनाक्रम हुए, वो कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं. ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थक संगठनों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लाने की जगह राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं."
"देश के नौजवानों को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है. बांग्लादेश की तर्ज़ पर शासन बदलना चाहते हैं और एक प्रेस वार्ता में खुलकर कहते हैं कि उसने शासन बदलने की प्रेरणा बांग्लादेश से ली है. तो दूसरा डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात करता है. यह साफ़ करता है कि इनका इकलौता एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है."
राजनाथ ने कहा, "शासन बदलने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे पता चलता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार, एसआईआर, ज्ञानेश कुमार या देश के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नहीं है. उनकी लड़ाई देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी साज़िश है."
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी प्रशांत भूषण और नेहा बोरा के बयानों की आलोचना की है.
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने रिजीम चेंज (सत्ता परिवर्तन) को लेकर उठे सवालों पर एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "हम अपने मकसद को दोहरा रहे हैं कि हमें इस सरकार को हराना है, पराजित करना है और इस सिस्टम को बदलना है. इस पर राजनाथ सिंह क्यों हायतौबा मचा रहे हैं. हम तो कह रहे हैं कि हम रिजीम चेंज चाहते हैं."
उन्होंने पूछा, "1977 में क्या हुआ था? रिजीम चेंज ही तो हुआ था. जब कोई आंदोलन होता है, लोग सड़क पर आते हैं तो रिजीम चेंज होता है. चुनाव के ज़रिए रिजीम चेंज करना ही विपक्ष का मकसद होता है. और क्या मकसद होता है?"
सीजेपी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मौजूद अभिनेता प्रकाश राज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि भारत में रिजीम चेंज करना है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मार्फ़त.
आनंद नाम के एक एक्स यूज़र ने लिखा, "प्रशांत भूषण ने कहा कि यह रिजीम चेंज की जंग है. एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के साथ वो यही तो करना चाहते हैं."
वहीं, एक अन्य एक्स यूज़र अभिषेक कुमार ने लिखा, "रिजीम चेंज की बात करने में कुछ भी गलत नहीं है. चाहे ये बात मोदी करें या प्रशांत भूषण करें या कोई और करे. सत्ता को उखाड़ फेंकने की बातें तो लोकतंत्र में संवैधानिक दायरे में हमेशा से होती रही हैं."
वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने एक्स पर लिखा, "प्रशांत भूषण ने राज़ की बात ज़ाहिर कर दी. सीजेपी नेता अभिजीत दीपके और नेहा बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने साफ़ कहा कि इस आंदोलन का आख़िरी मक़सद 'सत्ता परिवर्तन' है और इसे हासिल करने के लिए हम जो कुछ भी मुमकिन होगा, करेंगे."
उन्होंने आगे लिखा, "प्रशांत भूषण ने उन लोगों की मंशा साफ़ कर दी है, जो 'वोट चोरी' के मुद्दे पर सड़कों पर उतरे थे. क्या राहुल गांधी प्रशांत भूषण की 'सत्ता परिवर्तन' वाली टिप्पणी का समर्थन करेंगे? दो दिन पहले ही राहुल गांधी ने प्रशांत भूषण के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी. क्या भारत के लोकतंत्र को अराजकतावादियों और दंगाइयों के हवाले कर दिया जाएगा? कांग्रेस से ये सवाल बार-बार पूछे जाएंगे."
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने भी प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान की निंदा की है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
शॉर्ट वीडियो का अंत
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!