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Zomato गुरुग्राम में वर्कप्लेस फूड मॉडल का टेस्ट कर रहा है। जानकारों के मुताबिक, कंपनी ने चुनिंदा कॉर्पोरेट ऑफिसों में फूड और रेस्तरां ब्रांड्स के साथ मिलकर फ्रेश फूड वेंडिंग मशीनें लगाई हैं।
इस पहल का नाम Zomato Now है, जिसे कुछ कॉर्पोरेट वर्कप्लेस पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। इससे कर्मचारी नए फूड पॉड्स के जरिए ब्रांड्स और रेस्तरां का खाना आसानी से ले सकते हैं। ऐसे ही एक सेटअप की तस्वीर लिंक्डइन यूजर दक्ष जैन ने शेयर की है।
Zomato का मकसद: ऑफिस जाने वालों के और करीब पहुंचना
यह वर्कप्लेस पायलट Zomato को उस सेगमेंट को एक्सप्लोर करने का मौका देता है, जहां कर्मचारी अक्सर अपने खाने और स्नैक्स के लिए ऑफिस कैंटीन पर निर्भर रहते हैं।
यह आइडिया फूड-डिलीवरी कंपनी के लिए एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है: क्या उसका प्लेटफॉर्म रोजाना के वर्कप्लेस फूड रूटीन का हिस्सा बन सकता है, सिर्फ ऐप-बेस्ड ऑर्डर पर निर्भर रहने के बजाय?
Zomato के लिए यह कदम ऐसे समय में आया है जब वह फूड डिलीवरी, Blinkit, Hyperpure, Bistro और District को मिलाकर एक बड़ा फूड और कन्वीनियंस इकोसिस्टम बना रहा है।
Zomato Now: Blinkit के Bistro के साथ टेस्टिंग
Zomato Now को उसकी सिस्टर कंपनी Blinkit के Bistro के साथ टेस्ट किया जा रहा है। Bistro 10 मिनट में खाना पहुंचाने वाली सेवा है, जो अपने क्लाउड किचन से चलती है।
कंपनी अपने रैपिड-फूड डिलीवरी ऑपरेशन को बढ़ाने को लेकर सतर्क रही है। पिछले साल मई में Eternal ने रैपिड फूड डिलीवरी की अपनी दूसरी कोशिश बंद कर दी थी और 15 मिनट वाले फूड डिलीवरी एक्सपेरिमेंट को Blinkit के Bistro वर्टिकल में मर्ज कर दिया था।
यह कदम ऐसे समय में आया जब Swiggy अपनी Bolt सेवा का विस्तार कर रही थी, जो चुनिंदा रेस्तरां पार्टनर्स और लिमिटेड मेन्यू के साथ 10 मिनट में खाना पहुंचाती है। Swiggy ने तब से Snacc को बंद कर दिया है, जो Bistro जैसे मॉडल पर चलती थी।
Bistro का विस्तार: सतर्क रुख
Eternal के CFO अक्षंत गोयल ने 22 जुलाई को कहा था कि Blinkit हर तिमाही Bistro के लिए करीब 10 किचन जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ पुराने किचन में थ्रूपुट में सुधार देखने को मिल रहा है और वे असमेंट, मेन्यू प्राइसिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर काम कर रहे हैं।
गोयल ने यह भी कहा कि कंपनी फिलहाल सतर्कता से विस्तार करेगी और जब उसे बिजनेस को लेकर ज्यादा भरोसा होगा, तो वह विस्तार की रफ्तार बढ़ा सकती है।
इस पृष्ठभूमि में, Zomato Now का वर्कप्लेस पायलट कंपनी को ऑफिसों में खाने की आदतों को समझने का एक और तरीका दे सकता है, जैसे कर्मचारी क्या ऑर्डर करते हैं, वे कितनी बार खाना खरीदते हैं और वे कितनी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
Zomato का ऑफिसों में फूड वेंडिंग मशीनों का पायलट पारंपरिक ऑफिस कैंटीन का विकल्प पेश कर सकता है, खासकर जब कर्मचारी अक्सर भोजन और स्नैक्स के लिए कैंटीन पर निर्भर रहते हैं। यह पहल यह पता लगाती है कि क्या Zomato का प्लेटफॉर्म ऐप-बेस्ड ऑर्डर से आगे बढ़कर रोजाना के वर्कप्लेस फूड रूटीन का हिस्सा बन सकता है।
Zomato Now के दीर्घकालिक लक्ष्यों में ऑफिसों में खाने की आदतों को समझना शामिल है, जैसे कर्मचारी क्या ऑर्डर करते हैं, वे कितनी बार खाना खरीदते हैं, और वे कितनी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
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