अडानी ग्रुप (Adani Group) की कंपनियों के शेयरों में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र में ग्रुप की कई प्रमुख कंपनियों के शेयर 2% से लेकर 8% तक गिर गए। सबसे ज्यादा दबाव अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) पर रहा, जिसका शेयर करीब 8% टूटकर ₹2,921 तक पहुंच गया। इसके अलावा अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (Adani Energy Solutions) करीब 7.4%, अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) करीब 7% और अडानी पावर (Adani Power) करीब 6.5% गिर गया। अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) भी 4.11% नीचे रहा, जबकि अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) में करीब 2.5% की गिरावट आई। ग्रुप की सीमेंट कंपनियों अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) और ACC के शेयर भी क्रमशः करीब 2% और 1.5% कमजोर रहे। शेयरों में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब भारतीय बाजार में भी दबाव बना हुआ था और MSCI इंडेक्स में होने वाले बदलाव को लेकर निवेशकों के बीच काफी हलचल थी।
दरअसल, MSCI के अगस्त 2026 के इंडेक्स रिव्यू (Index Review) में कई कंपनियों के इंडेक्स वेटेज में बदलाव किया गया है। इसके अलावा कुछ कंपनियों को MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, लेंसकार्ट सॉल्यूशन (Lenskart Solutions), लॉरस लैब्स, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (Groww की पैरेंट कंपनी) को MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल किया गया है। इन बदलावों के बाद ETF और पैसिव फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में खरीद-बिक्री करनी पड़ती है, ताकि उनका निवेश नए इंडेक्स वेटेज के अनुरूप हो सके। यही वजह है कि इंडेक्स में शामिल या जिनके वेटेज में बदलाव हुआ है, उन शेयरों में अचानक तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
खास बात यह है कि MSCI बदलावों के बाद कुछ अडानी (Adani) कंपनियों में संभावित फंड इनफ्लो की उम्मीद भी जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार अडानी इंटरप्राइसेस (Adani Enterprises) में करीब 202 मिलियन डॉलर, अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) में लगभग 77 मिलियन डॉलर और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में करीब 310 मिलियन डॉलर का संभावित इनफ्लो हो सकता है। MSCI ने अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और एसईजेड (SEZ) और अडानी पावर समेत कुछ मौजूदा कंपनियों का इंडेक्स वेटेज बढ़ाया है। इसके चलते लंबे समय में इन शेयरों में पैसिव फंड्स फ्लोज का फायदा मिल सकता है, लेकिन रीबैलेंसिंग के दिन खरीद-बिक्री की वजह से शेयरों में भारी वोलैटिलिटी भी देखने को मिलती है।
अडानी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों में गिरावट ऐसे समय आई, जब पूरे भारतीय शेयर बाजार में भी कमजोरी रही। निफ्टी (Nifty) करीब 95 अंक गिरकर 24,080 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स (Sensex) 307 अंक कमजोर होकर 76,957 पर आ गया। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू निवेशकों का सेंटीमेंट प्रभावित किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों और महंगाई को लेकर टिप्पणियों के बाद US बॉन्ड यील्ड में तेजी आई। अमेरिका की 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.74% और 30-ईयर यील्ड 5.22% तक पहुंच गई। ऊंची बॉन्ड यील्ड से दुनियाभर के इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा की तेजी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। ऐसे माहौल में अडानी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों में आई तेज गिरावट को केवल किसी एक कंपनी की खबर से जोड़ना सही नहीं होगा। MSCI रीबैलेंसिंग, कमजोर घरेलू बाजार, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और जियोपॉलिटिकल टेंशन- इन सभी का असर मिलकर बाजार की वोलैटिलिटी बढ़ा रहा है। इसलिए निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ एक दिन की गिरावट देखकर जल्दबाजी में Buy या Sell का फैसला न लें और संबंधित कंपनी के वैल्युएशन, फंडामेंटल, डेब्ट, अर्निंग और आगे की ग्रोथ प्रॉसपेक्ट को ध्यान में रखकर निवेश निर्णय लें।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!