माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर अहमद की एक तस्वीर अब गाड़ी का पोस्टर बन गई है। यह तस्वीर उस वक्त की है जब हाईकोर्ट से पेरोल मिलने के बाद सड़क दुर्घटना में मारे गए छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए उसे लखनऊ जेल से प्रयागराज स्थित कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया था। उमर के इस पोस्टर को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। प्रयागराज के सियासी गलियारों में भी इस पर अटकलें लग रही हैं। कई लोग आपसी चर्चा में संभावना जता रहे हैं कि जेल में बंद उमर को लेकर हो सकता है कि परिवार और समर्थकों का कोई फ्यूचर प्लान बन गया हो। पिछले कुछ समय से प्रयाागराज में यह भी चर्चा है कि जेल में बंद उमर अतीक की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए चुनावी मैदान में उतर सकता है।
जिस गाड़ी (एसयूवी) पर यह पोस्टर लगा है उस पर झारखंड का रजिस्ट्रेशन नंबर है। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर है। कुछ महीने बाद यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इस कारण इस पोस्टर चर्चा में है और इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। नौ अगस्त को उमर करीब चार साल बाद प्रयागराज पहुंचा था। प्रिजन वैन से उतरते वक्त उसका हुलिया देख लोग चौंक गए थे। वह किसी इस्लामिक धर्म गुरु की तरह दिख रहा था। इस दौरान जब वहां जुटे समर्थक उमर और झांसी जेल पर पेरोल से लाए गए अतीक के बेटे अली अहमद को देखकर शोर मचा रहे थे तो उमर ने मुंह पर अपनी उंगली रखकर लोगों से शांत रहने की अपील की थी। उस वक्त खींची गई उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। यही तस्वीर पोस्टर की तरह गाड़ी पर चस्पा की गई है, जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चा की जा रही है।
प्रयागराज की शहर पश्चिमी विधानसभा सीट पर अतीक का दबदबा रहा है, अतीक यहां से पांच बार विधायक रहा। एक बार उसका भाई अशरफ भी यहां से विधायक चुना गया था। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस पोस्टर को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह किसी समर्थक अपनी पसंद भी हो सकती है।
अतीक अहमद के कुल 5 बेटे थे जिनमें से 2 की मौत हो चुकी है। पांच बेटों में से तीसरे बेटे असद की 2023 में झांसी में एक एनकाउंटर में मौत हुई थी जबकि सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की पिछले दिनों झांसी जेल में बंद अपने भाई अली से मुलाकात के लिए जाते समय रास्ते में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिवार में अब अतीक के तीन बेटे बचे हैं।
उमेश पाल हत्याकांड में नाम आने के बाद से माफिया अतीक अहमद के परिवार के बुरे दिन चल रहे हैं। पहले अतीक का बेटा असद एनकाउंटर में मारा गया। उसकी अगली ही रात प्रयागराज में अतीक और उसके छोटे भाई अशरफ की हत्या हो गई। दो बेटे उमर और अली जेल में बंद हैं। पत्नी शाइस्ता फरार चल रही है। वहीं उमेश पाल हत्याकांड के बाद से अपनी बुआ के घर रह रहे दो नाबालिग बेटों में से एक अबान की पिछले दिनों एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इन बुरे दिनों में पहली बार पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की एक राजनीतिक शख्सियत अतीक के घर पहुंची। यूपी की सिराथू सीट से सपा की विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने अतीक के बेटे अहजम से मिलकर अबान की मौत पर अपनी संवेदनाएं प्रकट की थीं। वह अशरफ के बच्चों से भी मिली थीं। बताया जाता है कि अतीक अहमद के पल्लवी पटेल के पिता सोनेलाल पटेल से अच्छे संबंध थे। अतीक अपना दल से भी जुड़े रहे थे। पल्लवी पटेल या किसी अन्य ने अभी तक अतीक के परिवार से किसी के चुनाव लड़ने या न लड़ने के बारे में कुछ नहीं कहा है लेकिन प्रयागराज में चर्चा है कि अतीक परिवार को लेकर सियासी परहेज अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। उमर के पोस्टर से इन चर्चाओं को बल मिला है और उसके फ्यूचर प्लान को लेकर कयासबाजियों का नया दौर शुरू हो गया है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!