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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सेहत को लेकर विवाद अब क्रिकेट बिरादरी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचता दिख रहा है.
21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों की अपील, पैट कमिंस और ग्रेग चैपल जैसे दिग्गजों की चिंता और अब इमरान ख़ान के बेटों क़ासिम और सुलेमान ख़ान के इंटरव्यू ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है.
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान स्काई स्पोर्ट्स पर प्रसारित इंटरव्यू में इमरान ख़ान के बेटों ने अपने पिता की सेहत और जेल में उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठाए. इंटरव्यू के प्रसारण पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आपत्ति जताई और स्काई स्पोर्ट्स से शिकायत भी की.
वहीं, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने एक पॉडकास्ट के दौरान रोते हुए इमरान ख़ान के समर्थन में आवाज़ उठाई है.
आख़िर इमरान ख़ान के बेटों ने इंटरव्यू में क्या कहा? आइए जानते हैं, इमरान ख़ान की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत से अब तक क्या प्रतिक्रियाएं आई हैं.
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क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइंफ़ो के मुताबिक़, यह इंटरव्यू बुधवार को लॉर्ड्स के राइटर्स रूम में रिकॉर्ड किया गया था. यह इंटरव्यू गुरुवार को इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में चल रहे टेस्ट मैच के पहले दिन लंच ब्रेक के दौरान प्रसारित किया गया.
18 मिनट के इस इंटरव्यू में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल अथर्टन ने इमरान ख़ान के बेटों से उनके स्वास्थ्य के बारे में बात की. उनके बेटों ने कहा कि उनके पिता मानसिक रूप से बहुत मजबूत हैं, लेकिन उन्हें एक छोटी सी कोठरी में अलग-थलग रखा गया है.
इंटरव्यू के दौरान इमरान ख़ान के बेटों ने बताया कि उन्होंने अपने पिता से आख़िरी बार नवंबर 2022 में मुलाकात की थी. वहीं, फोन पर उनसे आख़िरी बार मार्च में बात हुई थी.
इमरान ख़ान के बेटों ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उनके पिता को इलाज के लिए निजी अस्पताल की जगह सरकारी अस्पताल ले जाया गया और फिर उन्हें वापस जेल भेज दिया गया.
गुरुवार को बीबीसी से बातचीत करते हुए कासिम और सुलेमान ने मांग की कि पाकिस्तानी सरकार उनके पिता की मेडिकल जांच किसी "निष्पक्ष डॉक्टर या उनके अपने डॉक्टर" से करवाए और नतीजे सार्वजनिक करे.
इमरान ख़ान के बेटे सुलेमान ने कहा कि अगर पाकिस्तानी सरकार का दावा है कि उनके पिता इमरान ख़ान की सेहत ठीक है, तो "उन्हें हमें सबूत दिखाना चाहिए."
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इमरान ख़ान के बेटों के इंटरव्यू के बाद स्काई स्पोर्ट्स ने इस मामले पर पाकिस्तान सरकार का पक्ष भी प्रसारित किया. पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, इमरान ख़ान को उचित चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं और जेल में भी उन्हें ज़रूरी सुविधाएं मिल रही हैं.
स्काई स्पोर्ट्स ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के बेटों के इंटरव्यू के प्रसारण को लेकर शिकायत की है.
बीबीसी उर्दू की ओर से भेजे गए सवालों के जवाब में स्काई स्पोर्ट्स की कम्युनिकेशंस डायरेक्टर निकी फ्लेचर ने कहा कि उन्हें पीसीबी की शिकायत के बारे में जानकारी है.
उन्होंने कहा कि वह इस इंटरव्यू पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी. हालांकि, उन्हें गुरुवार को पीसीबी की ओर से मिली शिकायत के बारे में जानकारी थी.
'बीबीसी न्यूज़' उर्दू ने इस मामले पर पीसीबी का पक्ष जानने के लिए उसके प्रवक्ता आमिर मीर से संपर्क करने की कोशिश की और उन्हें संदेश भी भेजे, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है.
वहीं, खेल वेबसाइट क्रिकइंफो के मुताबिक़, इमरान ख़ान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित करने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने स्काई स्पोर्ट्स से औपचारिक शिकायत की. पीसीबी ने कथित तौर पर कहा था कि अगर इंटरव्यू प्रसारित किया गया, तो पाकिस्तान के खिलाड़ी लंच के बाद मैदान पर वापस नहीं आएंगे.
इन बातचीत के दौरान स्काई स्पोर्ट्स ने इंटरव्यू का प्रसारण कुछ देर के लिए टाल दिया. हालांकि, बाद में उसने 18 मिनट का यह इंटरव्यू प्रसारित कर दिया.
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12 फरवरी 2026 को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की आंखों की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया था. यह आदेश उनकी एक आंख की रोशनी कम होने की खबर सामने आने के बाद दिया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि इमरान ख़ान को अपने बच्चों से बात करने की अनुमति दी जाए.
इमरान ख़ान की जेल में रहने की परिस्थितियों से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए चीफ़ जस्टिस याह्या अफ़रीदी और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन की दो सदस्यीय बेंच ने उनकी विस्तृत मेडिकल जांच 16 फरवरी से पहले कराने का आदेश दिया.
बीती 18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान ख़ान को दो दिनों के भीतर अदियाला जेल से शिफ़ा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था.
कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड बनाने का भी निर्देश दिया था, जिसमें इमरान ख़ान के निजी डॉक्टर डॉ. फ़ैसल और उनकी बहन डॉ. उजमा ख़ान को शामिल किया जाना था.
20 अगस्त की देर रात इमरान ख़ान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया था.
हालांकि, उन्हें 21 अगस्त की सुबह फिर से जेल शिफ़्ट कर दिया गया. पाकिस्तान सरकार के मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी थी.
तराड़ ने एक्स पर लिखा था, "सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद 20 और 21 अगस्त की रात को इमरान ख़ान को कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल ले जाया गया."
"डॉक्टरों की एक टीम, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन शामिल थे, ने उनकी अच्छी तरह से जांच की और उन्हें स्वस्थ बताया. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 21 अगस्त की सुबह लगभग 05:00 बजे उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया गया."
इमरान ख़ान 5 अगस्त 2023 से जेल में हैं. उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद लाहौर स्थित उनके घर से गिरफ़्तार किया गया था.
फ़िलहाल इमरान ख़ान रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी अदियाला जेल में बंद हैं.
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हाल ही में इमरान ख़ान की सेहत को लेकर आई ताज़ा ख़बरों और उस पर पाकिस्तान सरकार की ओर से उठाए गए कदम के बाद क्रिकेट जगत के 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को एक पत्र लिखकर अपील की थी.
इनमें भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव भी शामिल थे.
23 अगस्त 2026 को क्रिकेट जगत के 22 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को एक पत्र लिखकर इमरान ख़ान के इलाज की मांग को दोहराया.
पत्र में पूर्व कप्तानों ने लिखा था, ''पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि इमरान ख़ान को अस्पताल ले जाकर एक मेडिकल बोर्ड से उनकी जांच कराई जाए. इस बोर्ड में उनके निजी डॉक्टरों के साथ उनकी बहन डॉ. उजमा ख़ान को भी शामिल किया जाना था.''
"कोर्ट ने परिवार से हर हफ्ते मिलने की सुविधा भी बहाल कर दी थी. ये दोनों ही फ़ैसले स्वागत योग्य थे. लेकिन चिंता की बात यह है कि इमरान ख़ान को अस्पताल में सिर्फ कुछ घंटों के लिए रखा गया. उनकी जांच कोर्ट के निर्देश के मुताबिक़ बनाए गए मेडिकल बोर्ड ने नहीं, बल्कि सरकार की ओर से नियुक्त टीम ने की. इस टीम ने उन्हें 'मेडिकली फिट' यानी स्वस्थ घोषित कर दिया और उस मेडिकल बोर्ड के अपनी जांच पूरी करने से पहले ही उन्हें जेल वापस भेज दिया गया."
पूर्व कप्तानों की तीन मांगें
पहली मांग: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाए गए मेडिकल बोर्ड को उनकी सेहत की पूरी और स्वतंत्र जांच करने की अनुमति दी जाए. इस बोर्ड में इमरान ख़ान के अपने डॉक्टर भी शामिल हैं. इमरान की दाहिनी आंख की रोशनी जाने की ख़बर को भी जांचा जाए.
दूसरी मांग: हर हफ़्ते परिवार से मुलाकात की सुविधा बिना किसी रुकावट या प्रशासनिक देरी के जारी रखी जाए. कोर्ट की ओर से यह सुविधा बहाल की गई है.
तीसरी मांग: मेडिकल जांच का नतीजा चाहे जो भी हो, जांच में जिस इलाज की सिफ़ारिश की जाए, वह बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए.
पैट कमिंस ने भी जताया समर्थन
ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और वनडे क्रिकेट कप्तान पैट कमिंस ने शुक्रवार को अपने एक्स हैंडल पर ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "मैं यहां जीसी (ग्रेग चैपल) और अन्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के समर्थन में अपनी बात जोड़ना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि अदालत के आदेश पर होने वाली मेडिकल जांच को पूरा होने दिया जाएगा और परिवार से मुलाकातें जारी रहेंगी."
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इमरान ख़ान के साथ उसी सम्मान के साथ व्यवहार किया जाएगा, जिसका हक़दार हर व्यक्ति है."
ग्रेग चैपल ने भी जताई चिंता
बीते बुधवार को ग्रेग चैपल ने एक पॉडकास्ट में इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी.
इसमें उन्होंने कहा था, "वह (इमरान ख़ान) बीते तीन सालों से अकेले हैं और मैं नहीं जानता कि कोई इस तरह के अकेलेपन से कैसे निपट सकता है. यह कोई राजनीतिक बात नहीं है, यह मानवाधिकार का मुद्दा है. किसी को भी इस तरह से एकांत में नहीं रखा जाना चाहिए."
पाकिस्तान के अंदर से उठी आवाज़
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने कहा, इमरान ख़ान बेहतर के हक़दार हैं, पाकिस्तान सरकार को बैठकर मामला सुलझाना चाहिए.
उन्होंने एक पॉडकास्ट में कहा, "ऊपरवाला करे कि इमरान की सारी चीज़ें ठीक हो जाएं, वो बेहतर के हक़दार हैं. जो कुछ भी हो, बैठकर ठीक कर लें. मैं पाकिस्तान सरकार से भी यही कहूंगा. यह जो बेवजह हो रहा है, सही नहीं है. क्योंकि वह भी किसी के बेटे हैं. मेरे ज़हन में यह चलता रहता है कि बेचारा क्या कर रहा होगा. हमने साथ में क्रिकेट खेली है, हमारा उठना-बैठना साथ में था. मुझे कोई यह बता दे कि अगर उन्हें बाहर निकाल दे तो क्या ही फ़र्क पड़ेगा."
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इससे पहले इमरान ख़ान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने 24 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर इंग्लैंड के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से इमरान ख़ान की सेहत पर चुप्पी तोड़ने की अपील की थी.
उन्होंने एक्स पर लिखा था, "प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम और विदेश मंत्री एड मिलिबैंड, ब्रिटेन आख़िर कब तक चुप रहेगा? पिछले तीन सालों से मेरे दो बेटों के पिता और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को उनके राजनीतिक विरोधियों ने बेरहमी से सज़ा दी है. यह आर्मी चीफ़ आसिम मुनीर की निजी दुश्मनी का नतीजा है. यूएन के अनुसार, यह यातना के बराबर है और अब इसका उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर जानलेवा असर पड़ रहा है."
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