Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी को घर, जमीन या प्रॉपर्टी खरीदने के लिए शुभ समय माना जाता है। इसी वजह से फेस्टिव सीजन में रियल एस्टेट कंपनियां होमबायर्स को खास ऑफर देती हैं। लेकिन इस बार ऑफर्स का अंदाज कुछ अलग नजर आ रहा है। गोल्ड कॉइन, फ्री ट्रिप और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसे पारंपरिक ऑफर्स के साथ अब डेवलपर्स ग्राहकों को पेमेंट में राहत देने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। कहीं कम रकम देकर घर बुक करने का मौका मिल रहा है, तो कहीं बाकी पेमेंट पजेशन या तय समय तक टालने की सुविधा दी जा रही है। यानी प्रॉपर्टी की कीमत घटाने के बजाय खरीदार की जेब पर पड़ने वाला तत्काल बोझ कम करने की कोशिश हो रही है।
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ने के साथ खरीदारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती कई बार घर की कीमत नहीं, बल्कि एक साथ बड़ी रकम जुटाना होती है। यही वजह है कि डेवलपर्स अब कंस्ट्रक्शन-लिंक्ड, स्टेप्ड और डिफर्ड पेमेंट प्लान लेकर आ रहे हैं।
इस तरह के प्लान में ग्राहक शुरुआत में कम रकम देकर प्रॉपर्टी बुक कर सकता है और बाकी पैसा निर्माण के अलग-अलग चरणों या पजेशन तक चुकाने का विकल्प पा सकता है। इससे तत्काल कैश-फ्लो का दबाव कम हो सकता है।
प्रॉपर्टी पिस्टल (PropertyPistol) के फाउंडर और एमडी आशीष नारायण अग्रवाल के मुताबिक फेस्टिव सीजन में डेवलपर्स पारंपरिक गिफ्ट और डिस्काउंट के साथ अब ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी देने वाले ऑफर्स पर जोर दे रहे हैं। खरीदार भी केवल छूट के बजाय लोकेशन, कनेक्टिविटी, प्रोजेक्ट की क्वालिटी और भविष्य की वैल्यू को ध्यान में रखकर फैसला कर रहे हैं।
इस बदलाव का उदाहरण मुंबई के प्रॉपर्टी मार्केट में भी देखने को मिल रहा है। सायाजी रियल्टी के खार वहस्ट स्थित Mio Solace प्रोजेक्ट में करीब 6.5 करोड़ रुपये के 3 बीएचके के लिए 10:90 पेमेंट प्लान दिया जा रहा है। यानी शुरुआत में 10% पेमेंट और बाकी रकम पजेशन तक देने का विकल्प है।
वहीं, Mio Miraya में करीब ₹12.24 करोड़ के 4 बीएचके के लिए 10% रकम पहले और बाकी पेमेंट एक साल बाद करने की सुविधा दी जा रही है। इस तरह के ऑफर खासतौर पर उन खरीदारों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जिनके पास खरीदने की क्षमता तो है लेकिन वह अपनी पूरी रकम तुरंत प्रॉपर्टी में लगाना नहीं चाहते।
नहीं। यह सबसे जरूरी बात है जिसे होमबायर्स को समझना चाहिए। पेमेंट डेफर या बीएनपीएल से आपको पेमेंट के लिए ज्यादा समय जरूर मिल सकता है, लेकिन इससे प्रॉपर्टी की कुल कीमत जरूरी नहीं घटे। स्कावयर यार्ड के प्रिंसिपल पार्टनर और चीफ सेल्स ऑफिसर दीपक खंडेलवाल के मुताबिक आज के महंगे प्रॉपर्टी मार्केट में पेमेंट की टाइमिंग कई खरीदारों के लिए एकमुश्त डिस्काउंट से ज्यादा जरूरी हो सकती है। लेकिन ग्राहक को यह जरूर देखना चाहिए कि पूरी डील में उसे आखिर कितनी रकम चुकानी होगी।
फेस्टिव ऑफर देखकर तुरंत बुकिंग करने से पहले प्रॉपर्टी की कुल लागत निकालें। स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, पार्किंग, फ्लोर-राइज चार्ज, मेंटेनेंस और अन्य शुल्क भी जोड़ें। अगर होम लोन लेना है तो यह भी देखें कि डिफर्ड पेमेंट का आपकी कुल ब्याज लागत पर क्या असर पड़ेगा। साथ ही यह समझें कि किस्तें निर्माण के किस चरण में देनी होंगी और पजेशन में देरी होने पर पेमेंट की शर्तें क्या रहेंगी। इसके अलावा प्रोजेक्ट की रेरा जानकारी, अप्रूवल, टाइटल डॉक्यूमेंट, कारपेट एरिया, निर्माण की स्थिति और पजेशन की तय तारीख जरूर जांचें। डेवलपर का पिछला रिकॉर्ड भी ऑफर से ज्यादा जरूरी है।
फेस्टिव सीजन में प्रॉपर्टी खरीदना शुभ माना जाता है और यही वजह है कि डेवलपर्स इस दौरान खरीदारों को आकर्षित करने के लिए कई तरह की स्कीमें पेश करते हैं। लेकिन होमबायर्स को सिर्फ लिमिटेड पीरियड ऑफर या या फेस्टिवल डिस्काउंट देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।
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