दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं के भोजन में कीड़ा मिलने से हड़कंप मच गया। शनिवार रात भोजन के दौरान एक छात्रा की थाली में परोसी गई बैंगन की कलौंजी की बाहरी सतह पर बरसाती कीड़ा मिला था। इसका फोटो सामने आने के बाद छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाए थे। बता दें कि हाल ही में डीडीयू के 45वें दीक्षांत समारोह के दौरान यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने वहां की हालत देखकर नाराजगी जताई थी।
राज्यपाल ने हॉस्टल की मेस में बन रहे खाने की जांच की थी और खाना पकाने में इस्तेमाल हो रहे तेल की गुणवत्ता पर भी सवाल किया था। उन्होंने मौके पर ही फूड सेफ्टी अधिकारियों को बुलाकर सैंपल लेने के निर्देश भी दिए थे। राज्यपाल ने छात्रावासों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। ऐसे में हॉस्टल के भोजन में कीड़ा मिलने की घटना ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं।
शनिवार रात को खाने में कीड़ा मिलने की जानकारी होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार सुबह टीम को अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल भेजकर मेस की जांच कराई। टीम ने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच में छात्रा की शिकायत की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने वर्तमान कैटरर को हटा दिया। सोमवार से नए कैटरर को मेस संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। मेस के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया भी चल रही है।
बताया जा रहा है कि छात्राओं की मांग पर मेन्यू में बैंगन की कलौंजी को शामिल किया गया था। करीब 120 छात्राओं और कर्मचारियों के लिए लगभग 250 कलौंजियां तैयार की गई थीं। भोजन के दौरान एक छात्रा की थाली में रखी कलौंजी में कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आई। हॉस्टल की मेस कमेटी में छात्राओं की समिति भी शामिल है, जो भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और मेस व्यवस्था की निगरानी करती है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए मेस की निगरानी और कड़ी की जाएगी।
डीडीयू के दीक्षांत समारोह में आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अलकनंदा हॉस्टल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि विश्वविद्यालय में नौ हॉस्टल है। लेकिन, इनमें बच्चों को अच्छा खाना तक नहीं मिल पा रहा है। ब्वॉयज हॉस्टल में तो खाने की व्यवस्था नहीं है। टिफिन में खाना आ रहा है, टिफिन में जब खाना आ सकता है तो कुछ भी आ सकता है। बताया कि जनभवन की टीम ने हॉस्टल का निरीक्षण कर जो रिपोर्ट सौंपी है, वह बेहद चिंताजनक है। अलकनंदा हॉस्टल में वाई-फाई नहीं चल रहा है। पंखे नहीं थे। मेरे आने की सूचना पर पंखे लगवाए गए हैं। रामप्रसाद शुक्ल हॉस्टल गंदगी से भरा पड़ा है। अमरावती गर्ल्स हॉस्टल में न तो पानी की व्यवस्था है, न ही बिजली की। चंद्रावत हॉस्टल जर्जर हालत में है, तीन साल से उसे गिराया नहीं जा पा रहा है।
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