जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता विनोद तिवारी की मां का रविवार को राजघाट पर अंतिम संस्कार था। इसमें शामिल होने के लिए अधिवक्ता आलोक अस्थाना और संजय सिंह भी घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के दौरान बारिश शुरू होने पर दोनों पास में बने चबूतरे पर बैठ गए। इसी दौरान अचानक गुंबद ढह गया और दोनों उसके मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद लोगों और सफाईकर्मियों ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद घायल संजय सिंह को मैजिक और आलोक अस्थाना को ऑटो से जिला अस्पताल भेजा गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने आलोक अस्थाना को मृत घोषित कर दिया, जबकि संजय सिंह को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान देर शाम संजय सिंह को भी मृत घोषित कर दिया गया। डीएम दीपक मीणा, एसपी सिटी निमिष पाटील समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली।
उधर, हादसे के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने समय पर एंबुलेंस न मिलने और सीएमओ को सूचना दिए जाने के बावजूद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह 11 बजे से शाम करीब साढ़े चार घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने अधिवक्ताओं की मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद मृत अधिवक्ता आलोक अस्थाना की पत्नी शालिनी अस्थाना की तहरीर पर कोतवाली थाने में सीएमओ और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ लापरवाही के आरोप में केस दर्ज किया गया। जिलाधिकारी ने गुंबद की संरचना और हादसे के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे संज्ञान लेते हुए अधिवक्ताओं के निधन पर दुख जताया है। साथ ही पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से भी पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य की निगरानी करते रहें।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजेश झा का कहना है कि अधिवक्ताओं की मौत दुखद है। उनके परिजनों के आरोप बेबुनियाद है। घटना की सूचना मुझे जिलाधिकारी से मिली। मैं फौरन जिला अस्पताल पहुंचा। अधिवक्ता की पत्नी से न तो मेरी मुलाकात हुई न ही कोई संवाद हुआ। वहां मौजूद कुछ लोगों ने एम्बुलेंस न पहुंचने की मौखिक शिकायत की, जिसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस मामले में डीएम ने भी जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित व्यक्तियों से कॉल डिटेल मांगी जा रही है। वहीं दूसरी ओर एसपी सिटी निमिष पाटील का कहना है कि घटना दुखद है। इस मामले में मृतक अधिवक्ता की पत्नी की तहरीर पर कोतवाली थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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