याद है 2000 के दशक का चर्चित टीवी शो ‘CATS’, जिसमें नफीसा जोसेफ, कुलजीत रंधावा और मालिनी शर्मा नजर आई थीं? इस शो से जुड़े कई नामों की कहानी काफी दर्दनाक रही. नफीसा जोसेफ और कुलजीत रंधावा ने बाद में आत्महत्या कर ली, जबकि मालिनी शर्मा ने धीरे-धीरे ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली. हालांकि, मालिनी ने खुद को लोगों की नजरों से पूरी तरह गायब नहीं किया. उन्होंने बस जिंदगी का रास्ता बदल लिया.
कभी म्यूजिक वीडियोज में छाने वालीं और फिल्म ‘राज’ में अपने अंदाज से पहचान बनाने वाली मालिनी आज सह्याद्रि की पहाड़ियों में रहती हैं. यहां वह एक फार्मस्टे चलाती हैं, सब्जियां उगाती हैं, मेहमानों के लिए खाना बनाती हैं और शहर की भागदौड़ से दूर एक बेहद शांत जिंदगी जी रही हैं.
‘क्या सूरत है’ से मिली पहचान
मालिनी शर्मा ने बतौर मॉडल अपने करियर की शुरुआत की थी. उन्हें सबसे ज्यादा चर्चा तब मिली, जब वह बॉम्बे वाइकिंग्स के लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो ‘क्या सूरत है’ में नजर आईं. यह गाना उस दौर में जबरदस्त हिट हुआ था. इसके बाद मालिनी मीका सिंह के ‘सावन में लग गई आग’ जैसे पॉपुलर म्यूजिक वीडियो में भी दिखाई दीं. धीरे-धीरे मॉडलिंग में उनका नाम बनता गया और फिर एक्टिंग की दुनिया के दरवाजे भी खुल गए.
जब मालिनी को टीवी शो ‘CATS’ मिला, तब तक उनकी मॉडलिंग करियर में अच्छी-खासी पहचान बन चुकी थी. शो ने उन्हें एक्टिंग की दुनिया में आगे बढ़ने का मौका दिया और जल्द ही फिल्मों में भी काम मिलने लगा. साल 2002 में आई विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘राज’ में उन्होंने अहम भूमिका निभाई. फिल्म में वह डिनो मोरिया और बिपाशा बसु के साथ नजर आईं.
‘राज’ जबरदस्त हिट हुई और फिल्म की स्टारकास्ट घर-घर में पहचानी जाने लगी. भले ही मालिनी का रोल लीड स्टार्स की तुलना में छोटा था, लेकिन उनकी मौजूदगी ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी. खासकर फिल्म के गाने ‘आपके प्यार में’ में उनका अंदाज आज भी लोगों को याद है. यही गाना मालिनी के छोटे से बॉलीवुड करियर की सबसे पहचान वाली चीजों में से एक बन गया.
प्रियंशु चटर्जी से हुई शादी, फिर टूट गया रिश्ता
इसी दौर में मालिनी शर्मा ने अभिनेता प्रियंशु चटर्जी से शादी की थी. प्रियंशु ने 2001 में फिल्म ‘तुम बिन’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था. हालांकि, दोनों की शादी ज्यादा लंबी नहीं चली और कुछ सालों के भीतर उनका तलाक हो गया. इसके बाद मालिनी धीरे-धीरे लाइमलाइट से दूर होती चली गईं.
कैमरे के सामने नहीं, कैमरे के पीछे काम करना चाहती थीं
साल 2002 में मालिनी ने कथित तौर पर फिल्म ‘एंकाउंटर’ से शूटिंग शुरू होने से महज 48 घंटे पहले खुद को अलग कर लिया था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉडलिंग और एक्टिंग में कई साल काम करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वह कैमरे के सामने नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे काम करना चाहती हैं.
बाद में इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, दिलीप प्रभावलकर और तारा देशपांडे नजर आए. इसके बाद मालिनी की मौजूदगी मेनस्ट्रीम एंटरटेनमेंट कवरेज में लगभग खत्म हो गई. लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि उन्होंने काम करना छोड़ दिया था. उन्होंने बस अपनी जिंदगी को अपने तरीके से दोबारा गढ़ना शुरू कर दिया.
‘द स्लो लोकल’ से शुरू हुई नई कहानी
मालिनी सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, लेकिन अपने इस नए काम के लिए उन्होंने अपनी सेलिब्रिटी पहचान को नाम नहीं बनाया. वह ‘द स्लो लोकल’ नाम से अपना प्रोजेक्ट चलाती हैं. करीब एक दशक पहले शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट वक्त के साथ काफी बदल चुका है. शुरुआत में इसका फोकस स्थानीय खाना, हैंडीक्राफ्ट, वर्कशॉप और पॉप-अप इवेंट्स पर था.
मुंबई के वर्सोवा में मालिनी ने बच्चों के लिए वर्कशॉप और स्टोरीटेलिंग सेशन भी आयोजित किए. इसके अलावा वह घर की बनी ब्रेड, साउथ इंडियन कॉफी, ग्रेनोला, जैम, पीनट बटर और अलग-अलग तरह के तेल बेचती थीं. वह प्लांट एग्जिबिशन, हैंडमेड सिरेमिक्स, क्रोशिया, डिकूपाज और घर में बने केक व दूसरे फूड प्रोडक्ट्स से भी जुड़ी रहीं. फिर धीरे-धीरे ‘द स्लो लोकल’ उन्हें शहर से खेत तक ले गया.
अब सह्याद्रि में चलाती हैं फार्मस्टे
आज मालिनी सह्याद्रि की पहाड़ियों में, पुणे से करीब दो घंटे की दूरी पर एक फार्मस्टे चलाती हैं. यहां वह खुद सब्जियां उगाती हैं और खेत में उगी चीजों से मेहमानों के लिए खाना तैयार करती हैं. एक इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने बताया था कि उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त मात्रा में सब्जियां उगाना है, ताकि मेहमानों के लिए लगातार खाना तैयार किया जा सके.
उन्होंने कहा था कि जब उन्होंने ‘The Slow Local Diaries’ शुरू किया था, तब उन्होंने माना था कि सब्जियों की पैदावार के मामले में उन्होंने अच्छा काम नहीं किया था. लेकिन इस साल उत्पादन बेहतर हुआ और अब चुनौती यह है कि एक के बाद एक भोजन के लिए पर्याप्त पैदावार होती रहे.
वह अपनी लोकेशन को फॉलोअर्स के लिए बस पहाड़ियों में बसे एक छोटे से गांव के तौर पर बताती हैं, जो पुणे से करीब दो घंटे दूर है.
‘ये हमारा अपना छोटा सा जंगल है’
मालिनी के फार्म के चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है. लेकिन खास बात यह है कि वह इस प्राकृतिक माहौल से छेड़छाड़ नहीं करना चाहतीं. उन्होंने बताया कि फार्म पर ज्यादातर फलदार पेड़ लगाए गए हैं. जब उन्होंने जमीन खरीदी थी, तब वहां पहले से ही कई पेड़ मौजूद थे. इनमें अर्जुन और हरड़ के पेड़, कुछ कोकम, एक पुराना पलाश और शिकाकाई शामिल हैं. मालिनी ने यह भी बताया कि वह अब भी वहां मौजूद कई पेड़-पौधों के बारे में धीरे-धीरे नई चीजें खोज रही हैं.
उनके मुताबिक, कई पेड़-पौधों में औषधीय गुण भी हैं और वह खुद इनके बारे में अभी सीख रही हैं. फार्म इतना बड़ा है कि इसमें पहाड़ का एक हिस्सा भी आता है. मालिनी ने उस हिस्से को जानबूझकर वैसा ही छोड़ दिया है.
उन्होंने कहा था- हमने पहाड़ के जंगल को वैसे ही रहने दिया है. हम उसके प्राकृतिक आवास को परेशान नहीं करना चाहते. यह हमारा अपना छोटा सा जंगल है. उनका मकसद मेहमानों के लिए ऑर्गेनिक खाना उगाना और ऐसी जगह तैयार करना है, जहां लोग थोड़ी देर रुकें, धीमे हों और प्रकृति से दोबारा जुड़ सकें.
करीब 2020 में फार्म पर शिफ्ट हुई थीं मालिनी
मालिनी करीब 2020 के आसपास फार्म पर रहने चली गई थीं. इसका अंदाजा उनके 2025 के एक पोस्ट से मिलता है, जिसमें उन्होंने कास पठार की अपनी यात्रा के बारे में बताया था. उन्होंने लिखा था कि वह कास पठार से करीब 3.5 घंटे की ड्राइव दूर अपने फार्म से वहां पहुंची थीं. उन्हें कास के बारे में फार्म पर शिफ्ट होने के करीब चार साल बाद पता चला था.
उन्होंने लिखा था कि वह उत्तराखंड की ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कास के बारे में पहले पता नहीं था. कास के बारे में करीब चार साल पहले पढ़ने के बाद आखिरकार उन्होंने वहां जाकर इसे देख लिया और सीजन खत्म होने से पहले दोबारा जाने की इच्छा भी जताई.
फैंस के सवालों का जवाब देती हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर
मालिनी के बॉलीवुड से गायब होने को लेकर फैंस के बीच काफी उत्सुकता रही है. हालांकि, उन्होंने कभी खुलकर यह नहीं बताया कि उन्होंने इंडस्ट्री से दूरी क्यों बनाई. हां, इंस्टाग्राम पर वह कभी-कभी फैंस के सवालों का जवाब जरूर देती हैं. इसी दौरान उन्होंने यह भी कन्फर्म किया कि वह वही मालिनी शर्मा हैं, जिन्हें लोगों ने ‘राज’ में देखा था.
एक फैन ने लिखा कि वह मुस्लिम है, लेकिन मालिनी का बहुत बड़ा फैन है. इस पर मालिनी ने जवाब दिया कि वह भी आधी मुस्लिम हैं और उन्होंने एक पठान से शादी की है. जब फैन ने पूछा कि क्या उन्होंने प्रियांशु चटर्जी से शादी की थी और क्या दोनों अब भी संपर्क में हैं, तो मालिनी ने साफ जवाब दिया- बिल्कुल नहीं.
क्या बॉलीवुड छोड़ने का अफसोस है?
एक फैन ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें बॉलीवुड छोड़ने का अफसोस है. मालिनी का जवाब काफी दिलचस्प था. उन्होंने कहा- किसने कहा कि मैंने छोड़ा है? बस दिशा बदली है. दोबारा वापस भी आ सकती हूं और फिर दूर जा सकती हूं.
एक दूसरे फैन ने सुझाव दिया कि उन्हें अपने असली नाम से सोशल मीडिया प्रोफाइल बनानी चाहिए, क्योंकि फैंस को उन्हें ढूंढने में परेशानी होती है. मालिनी ने इस पर भी मजेदार जवाब दिया- वे मुझे ढूंढ लेंगे, जैसे तुमने ढूंढ लिया.
23 साल बाद फिर कैमरे के सामने आईं
मालिनी ने पूरी तरह कैमरे से दूरी भी नहीं बनाई. उन्होंने ‘The Slow Local Diaries’ नाम से वीडियो डायरी शुरू की, जिसमें वह फार्म पर अपनी जिंदगी दिखाती हैं. इसकी लॉन्चिंग उनके कैमरे के सामने लौटने का एक खास पल था. कैप्शन में उन्होंने लिखा कि वह बहुत लंबे समय बाद कैमरे का सामना कर रही हैं, लेकिन इस बार बिना मेकअप, बिना डायलॉग और दिल से शूट कर रही हैं.
वीडियो में उन्होंने खुद कहा- हाय, मैं मालिनी हूं. ‘राज’ के 23 साल बाद फिर कैमरे का सामना कर रही हूं. जो लोग सोच रहे हैं कि मैं कहां गायब हो गई थी, उनके लिए- मैं जिंदा हूं, यहीं हूं और ‘The Slow Local Diaries’ पेश करने आई हूं.
सबसे मजेदार बात यह रही कि इस वीडियो के बैकग्राउंड में ‘राज’ का उनका आइकॉनिक गाना ‘आपके प्यार में’ बज रहा था. यानी मालिनी ने अपने अतीत को भुलाया नहीं, बल्कि उसे एक नए अंदाज में अपनी वर्तमान जिंदगी से जोड़ दिया.
फार्म की जिंदगी में भी काम जारी है
सह्याद्रि की शांत जिंदगी का मतलब यह नहीं कि मालिनी ने प्रोफेशनल काम पूरी तरह छोड़ दिया है. हाल ही में उन्होंने बताया कि वह एक कॉफी कंपनी में वर्क फ्रॉम होम रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर भी काम कर रही हैं. इसके साथ ही वह कस्टमाइज्ड तेल भी बेचती हैं.
उनका फार्म सिर्फ खेती की जगह नहीं, बल्कि एक तरह का रिट्रीट भी है. मालिनी जंगल के बीच मौजूद अपने 3BHK विला को मंथली रेंटल पर देती हैं. यहां रहने के साथ मेहमानों के लिए खाने और मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स के साथ मिलकर मनोवैज्ञानिकों के सेशन वाले पैकेज भी उपलब्ध हैं.
फार्म में एक लाइब्रेरी भी है. यहां लोगों को शहर के शोर-शराबे से दूर एक धीमी और शांत जिंदगी का अनुभव देने की कोशिश की जाती है. इसमें उनके लिए खास तौर पर तैयार खाना, प्रकृति में वॉक और बातचीत जैसी चीजें शामिल हैं.
मालिनी ने ‘CATS’, ‘राज’ और अपने चर्चित म्यूजिक वीडियोज वाला अतीत मिटाया नहीं है. उन्होंने बस अपनी जिंदगी की कहानी का अगला चैप्टर खुद लिख लिया है- सह्याद्रि की पहाड़ियों में, अपने छोटे से जंगल के बीच, ग्लैमर से दूर और अपनी शर्तों पर.
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