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रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को 'वोट चोरी' के आरोप में क़ानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा.
उन्होंने कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई होगी और फिर नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नंबर आएगा.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया गठबंधन देश में "लोकतंत्र को ख़त्म नहीं होने देगा. ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना 'देश को सही रास्ते पर लाने की दिशा में पहला कदम' है.''
राहुल गांधी ने कहा, "अमित शाह जी ने कहा कि 'नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे.' मैं आपको उल्टा बताता हूं- नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते. अगर जाना भी चाहेंगे, हम उन्हें नहीं जाने देंगे.''
''नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी आप बात समझिए. ज्ञानेश कुमार के बाद हम आपके सामने खड़े होने जा रहे हैं. आप भूलिए मत कि आपने वोट चोरी की है, कहीं नहीं जाएंगे आप. आपके ख़िलाफ़, नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़, अमित शाह के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई होगी."
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने रविवार को बड़ी रैली की. इसी रैली में राहुल गांधी ने ये बातें कहीं.
रैली में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला.
कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ रामलीला मैदान में रविवार को रैली आयोजित की थी. इसमें विपक्ष के प्रमुख दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया.
कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी समेत उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों फ़ारुक़ अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती भी रैली में शामिल हुए.
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रैली में वामदलों के नेता भी शामिल हुए. रैली में अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर जमकर हमला बोला.
इस बीच बीजेपी ने भी कई राज्यों में कांग्रेस के ख़िलाफ़ पदयात्रा की. दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और अन्य बीजेपी नेताओं ने 1984 के सिख दंगों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में हिस्सा लिया.
वहीं हरियाणा के रोहतक में भारतीय जनता पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हुए.
नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी का राजतंत्र चल रहा है.
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रैली में मोदी सरकार पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा, "कई साल से इस देश में वोट चोरी हो रही है. पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और साल 2024 के लोकसभा चुनाव. इन सभी चुनावों में वोट चोरी हुई. ईवीएम के साथ वोटचोरी हुई, वोटर लिस्ट से लोगों का नाम काटकर, कई लोगों नाम जोड़कर वोट चोरी हुई है."
राहुल गांधी ने कहा कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 13 करोड़ से ज़्यादा मतदाता वोटर लिस्ट से हटाए गए.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि वोटरों के नाम काटने से विधानसभा चुनाव में उनकी हार हुई.
राहुल गांधी ने कहा, "देश को सही रास्ते पर लाने के लिए पहला कदम ज्ञानेश कुमार को हटाना है. अमित शाह कहते हैं कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे हैं. मैं कहना चाहता हूं कि आपको और नरेंद्र मोदी को कहीं जाने नहीं दिया जाएगा."
राहुल गांधी ने कहा, "आपने शिव की बारात के बारे में सुना होगा. उसमें कोई भी शामिल हो सकता है. उस तांडव में कोई भी नाच सकता है. हम ऐसा भारत चाहते हैं, जहां कोई भी जा सके."
"अगर कोई किसान मेहनत करता है, तो उसे अपना सपना पूरा करने का मौका मिलना चाहिए. अगर कोई छात्र 18 घंटे पढ़ाई करता है, तो उसे इसका इनाम मिलना चाहिए. हम कुछ लोगों का देश नहीं चाहते.''
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राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए कहा, "यह सामान्य चोरी नहीं है. सामान्य चोरी तब होती है, जब कोई दुकान से कुछ चुराता है. यह हर व्यक्ति की आवाज़ की चोरी है. इसे देशद्रोह कहा जाता है. ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन पाते."
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा, "लोगों की आवाज़ बता रही है, 'हम देश में लोकतंत्र को ख़त्म नहीं होने देंगे'. आप खुद को बड़ा समझ सकते हैं, आपके पास पैसा हो सकता है, लेकिन आप संविधान से बड़े नहीं हैं. संविधान आपसे बड़ा है.''
रैली में पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, "वैसे तो रामलीला मैदान में रामायण का आयोजन होता है, लेकिन हम लोगों ने वोट चोरों के लिए यहां 'महाभारत' का आयोजन किया है."
उन्होंने भारत में चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को महाभारत की कथा के शकुनि से जोड़ा और आरोप लगाया, "आप सब जानते हैं कि शकुनि ने क्या खेल खेला था. शकुनि कौन था और उसका पासा क्या था. जब शकुनि अपना खेल कर रहा है तो हमें महाभारत की लड़ाई लड़नी पड़ेगी."
"शकुनि जब पासा फेंकता था तो पासा वही करता था जो शकुनि कहता था. यानी वहां बेईमानी होती थी, वहां लेवल प्लेइंग फ़ील्ड नहीं था."
तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जेल भेजा जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी देश के लोकतंत्र को कुचलने की हिम्मत न कर सके.
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रैली में पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया, "देश में कौन नहीं जानता है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल का चुनाव लूटा है. बंगाल चुनाव की वो तस्वीरें कोई भूल नहीं सकता है कि लाखों फ़ौज लगाकर चुनाव से पहले एसआईआर से वोट कटवा दिए थे. हमने इनकी चोरी पकड़ी है. हम हार नहीं मानने वाले."
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल यह चाहती है कि उसके समर्थक ही भारत के नागरिक और वोटर हों.
अखिलेश यादव ने कहा, "आज रामलीला मैदान लोकतंत्र का हल्दीघाटी बन गया है. जो यूपी में आए थे वो यूपी से बाहर जाएंगे. यूपी वाले स्वागत अच्छा करते हैं तो विदाई भी अच्छी करते हैं."
वहीं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "बंगाल एसआईआर से बने हालात का शिकार हुआ है. हम छोड़ेंगे नहीं. हम लड़ेंगे. उन्होंने बंगाल को लूटा है, हम दिल्ली से लोकतंत्र को बचाएंगे. लोकतंत्र को वापस लाएंगे."
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में एक करोड़ से ज़्यादा वोट हटा दिए गए और चुनाव में उनकी हार नहीं हुई बल्कि उन्हें हराया गया.
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सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, "जबसे इन लोगों ने बिहार में एसआईआर शुरू किया था, तब से पूरे देश ने इसे देखा और झेला है. अब पूरे देश ने यह समझ लिया है कि एसआईआर आम लोगों के वोट छीने लेने का एक ज़रिया है."
"लोकतंत्र के ख़िलाफ़ सत्ता की ओर से एक सर्जिकल स्ट्राइक है. जब से एसआईआर के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू हुआ इन लोगों ने जंतर-मंतर को प्रतिबंधित कर दिया. लग रहा है कि यह दिल्ली अब किसी लोकतांत्रिक देश की राजधानी नहीं है. इस देश में कोई पुलिस स्टेट चल रहा है, कोई सैन्य शासन चल रहा है."
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इस बीच दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली के बाद बीजेपी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर विपक्ष को घेरा है.
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने रैली में दस लाख लोगों के जुटने के दावे पर सवाल उठाए
संबित पात्रा ने विपक्ष से सवाल पूछते हुए कहा, "दस लाख लोग कहां थे? हमें दिखाइए. इस तरह के पैंतरों से कोई नेता या प्रधानमंत्री नहीं बनता है. इतनी सारी पार्टियों और झंडों को एक साथ लाने के बावजूद वे दस लाख लोगों को भी नहीं जुटा पाए."
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने 'पीएम' शब्द के मायने समझाते हुए कहा, "पीएम का मतलब सिर्फ़ प्राइम मिनिस्टर नहीं होता है. इसमें 'पी' का मतलब पसीना और 'एम' का मतलब मेहनत होता है. कोई भी प्रधानमंत्री पसीने और कड़ी मेहनत से ही बनता है."
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इससे पहले इंडिया गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ 'जन महाभियोग' का प्रस्ताव पारित किया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक 'मॉक संसद' में ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किया गया.
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश और उनके साथी षड्यंत्रकारियों ने 'देशद्रोह' किया है और इसके लिए उनपर कार्रवाई ज़रूर होगी.
इसके बाद रविवार को इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ रामलीला मैदान में रैली की.
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "हमारा विरोध सिर्फ एक रैली तक सीमित नहीं रहेगा. आगे देखिए क्या होता है."
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों और नागरिक समाज के समूहों समेत लोगों से इस सभा में शामिल होने की अपील की थी.
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से रैली में शामिल होने और त्योहारों के मौसम में स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी कर उनका समर्थन करने की भी अपील की.
भारतीय युवा कांग्रेस ने कहा था कि रैली में शामिल होने वाले लोग सफेद कपड़े पहनेंगे और "भूतों" जैसे दिखेंगे.
इसका मक़सद उन मतदाताओं का प्रतीकात्मक विरोध करना है, जिन्हें कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया या जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं.
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