नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद गंडक नदी में संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए सारण जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यालय से मिले अलर्ट के बाद जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। फिलहाल गंडक समेत जिले से होकर गुजरने वाली प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन नेपाल के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश और वहां से पानी छोड़े जाने की आशंका को देखते हुए अगले 24 घंटे को प्रशासन ने बेहद महत्वपूर्ण माना है। संभावित स्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में पूरी तत्परता के साथ लगातार निगरानी रखने और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
बुधवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने गंडक नदी और उसके आसपास के इलाकोंअमनौर के पशुरामपुर , कुआरी गंडक बांध और तरैया में सगुनी से मोलनापुर तटबंध का निरीक्षण किया।समाहरणालय में संभावित बाढ़ को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की गई। बैठक में जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। सिविल सर्जन, कमांडेंट होमगार्ड, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी, जल संसाधन विभाग, बाढ़ नियंत्रण, पथ निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों के पदाधिकारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
गंडक के संभावित बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए पानापुर, तरैया, मकेर, अमनौर, दरियापुर, सोनपुर और परसा अंचल में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। इन क्षेत्रों के दियारा और नदी के निचले इलाकों में लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। प्रशासन ने संवेदनशील गांवों की पहचान कर वहां लोगों को संभावित खतरे के प्रति जागरूक करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नदी के आसपास जाने से लोगों को मना किया गया है। दियारा क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों से नदी के जलस्तर पर नजर रखने, नदी के किनारे जाने से बचने और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की जा रही है।डीएम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखना चाहता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपने जरूरी और कीमती सामानों को सुरक्षित स्थान पर रखने और प्रशासन की ओर से जारी सूचना पर भरोसा करने की अपील की गई है।
संभावित बाढ़ से निपटने और आम लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपदा केंद्र में जिला आपातकालीन केंद्र को सक्रिय कर दिया गया है। यहां पदाधिकारी और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। केंद्र 24 घंटे कार्यरत रहेगा, ताकि बाढ़, जलस्तर बढ़ने, तटबंध से संबंधित समस्या, सड़क संपर्क टूटने, नाव अथवा राहत से जुड़ी किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। जिला प्रशासन ने आपदा केंद्र का हेल्पलाइन नंबर 06152-245023 जारी किया है।डीएम ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालय में लगातार बने रहने का निर्देश दिया है। बिना सक्षम अनुमति के मुख्यालय छोड़ने अथवा अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होगी। जल संसाधन विभाग और पथ निर्माण विभाग के संबंधित पदाधिकारियों को भी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्य पर बने रहने को कहा गया है।
सभी बीडीओ को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार माइकिंग कराने का निर्देश दिया गया है। माइकिंग के माध्यम से लोगों को संभावित बाढ़ की स्थिति के प्रति सतर्क करने के साथ यह संदेश देने को कहा गया है कि जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि किसी प्रकार का पैनिक उत्पन्न नहीं हो।पूर्व से तैयार कम्युनिकेशन प्लान के अनुसार आम लोगों तक पर्याप्त और समय पर सूचनाएं पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि बाढ़ जैसी स्थिति में समय पर सही सूचना मिलने से अफवाहों पर रोक लगाने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में काफी मदद मिल सकती है।
डीएम ने सभी प्रखंडों में संभावित सामुदायिक किचन, राहत केंद्र , ऊंचे और सुरक्षित स्थलों को पहले से चिन्हित करने का निर्देश दिया। इन स्थानों पर जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू किया जा सके, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। वेंडरों से समन्वय कर सूखा राशन और गैस की आपूर्ति की व्यवस्था करने व वैकल्पिक वेंडरों को भी चिन्हित करने का निर्देश दिया गया।सभी बीडीओ को टेंट-पंडाल वेंडरों से संपर्क स्थापित कर जेनरेटर सेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की जरूरत पड़ती है तो वहां राहत केंद्र और सामुदायिक किचन तत्काल शुरू हो सकें, इसकी पूर्व तैयारी हर हाल में पूरी रखी जाए।मवेशी को ऊंचे स्थान पर बांधने को कहा गया।
संभावित बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। जहां तटबंध टूटने अथवा क्षतिग्रस्त होने की संभावना है, वहां लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। संबंधित स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में बालू, बोरा, गैबियन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है।
सभी अभियंताओं को तटबंधों के निरीक्षण के लिए लगाया गया है। एसडीओ को स्थानीय पदाधिकारियों के माध्यम से तटबंधों की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के साथ स्वयं भी इसका सत्यापन करने को कहा गया है। जहां मरम्मत की आवश्यकता है और जो स्थल संवेदनशील हैं, उनकी पहचान कर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को अति संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर वहां पर्याप्त मात्रा में बोरा और बालू उपलब्ध रखने व आवश्यक संसाधनों को तत्काल मोबिलाइज करने को कहा गया।
नदी के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में नाव परिचालन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि अंधेरे में नावों का परिचालन नहीं किया जाएगा और किसी भी नाव को ओवरलोड नहीं किया जाए। घाट से दियारा क्षेत्र की ओर नावों का नियमित परिचालन व्यवस्थित व विनियमित तरीके से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।नावों पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध रखने को कहा गया है। प्रशासन ने नाव संचालकों को भी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है, ताकि संभावित बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित तरीके से आवागमन कराया जा सके।
सभी प्रखंडों में राहत व बचाव सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया है। पॉलीथिन शीट, लाइफ जैकेट, महाजाल सहित अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। मत्स्य संसाधन विभाग को पर्याप्त मात्रा में पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने व वेंडरों के साथ समन्वय स्थापित कर आकस्मिक जरूरत पड़ने पर 24 घंटे के भीतर अतिरिक्त पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
संभावित बाढ़ और जलजमाव के कारण ग्रामीण व संपर्क सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं को पर्याप्त रूप से लाइनअप रखने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी सड़क के क्षतिग्रस्त होने अथवा संपर्क बाधित होने की सूचना मिलते ही संबंधित टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और मरम्मत कर सड़क को मोटरेबल बनाने की कार्रवाई करे।
बाढ़ के दौरान उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी विशेष रूप से अलर्ट किया गया है। सिविल सर्जन को सभी मेडिकल टीम, बीएचएम, हेल्थ मैनेजर और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को मुस्तैद रखने का निर्देश दिया गया है। सभी प्रखंडों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम सहित आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं और चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रखने को कहा गया है।एसडीओ और बीडीओ को अपने-अपने क्षेत्र के अस्पतालों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, संभावित बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीन टैबलेट और ब्लीचिंग पाउडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया है।
वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति में पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। प्रत्येक थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र में सामुदायिक किचन, ऊंचे एवं सुरक्षित स्थल, मेडिकल सुविधा तथा राहत एवं बचाव से संबंधित संसाधनों की पूरी जानकारी रखने को कहा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आम लोगों की सहायता के लिए तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सभी थाना प्रभारियों को चौकीदारों को सक्रिय कर क्षेत्र में मुस्तैद रखने का निर्देश दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को वायरलेस, मोबाइल और व्हाट्सएप ग्रुप समेत सभी संचार माध्यमों को सक्रिय एवं सुचारु रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में सूचना का त्वरित आदान-प्रदान हो सके।
बाढ़ की आशंका के बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से गलत या भ्रामक सूचना फैलने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस पर भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। डीएम ने मीडिया व सोशल मीडिया पर संभावित बाढ़ से संबंधित प्रकाशित अथवा प्रसारित खबरों और सूचनाओं की तत्काल तथ्य-जांच सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई भ्रामक, अपुष्ट अथवा गलत सूचना सामने आती है तो तत्काल उसका फैक्ट चेक कर वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाए और सही एवं वस्तुस्थिति से मीडिया और आम लोगों को अवगत कराया जाए। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि संभावित बाढ़ की स्थिति में अफवाह के बजाय सही सूचना लोगों तक पहुंचे और जरूरत पड़ने पर राहत व बचाव कार्य बिना किसी विलंब के शुरू किया जा सके।जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वर्तमान में घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, जल संसाधन, पथ निर्माण और अन्य संबंधित विभागों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
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