Wednesday, 30 September 2026 | New Delhi, 28°C
For You Uttar Pradesh Technology World Gorakhpur Shahjahanpur Meerut Jharkhand Prayagraj Bijnor Auraiya Gopalganj Agra
Breaking
MARKETS
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
Miscellaneous

पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में नाम वापस जुड़वाने के लिए कैसे काम कर रहे हैं ट्रिब्यूनल?

Ajay Tiwari
30 September 2026 • 0 • 20
पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में नाम वापस जुड़वाने के लिए कैसे काम कर रहे हैं ट्रिब्यूनल?

इमेज स्रोत, Diptendu Dutta/NurPhoto via Getty Images

मुर्शिदाबाद के मोहम्मद मोसलेउद्दीन सुभानी के परिवार में छह भाई-बहन हैं. पश्चिम बंगाल में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में उनमें से कोई भी वोट नहीं डाल पाया.

इसकी वजह ये थी कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग ने एक ही पिता के छह बच्चे होने को 'तार्किक विसंगति' के रूप में चिह्नित किया था. इसके बाद सभी छह भाई-बहनों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए.

सुभानी कहते हैं, "जब हमारी सुनवाई हुई थी, तब हमने सभी ज़रूरी दस्तावेज़ दिखाए थे. इसके बावजूद हम सभी के नाम हटा दिए गए. एक वयस्क भारतीय नागरिक होने के बावजूद मैं पहली बार वोट नहीं दे पाया."

सुभानी की तरह क़रीब 27 लाख लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत वोट देने के लिए अयोग्य माना गया था. चुनाव से ठीक पहले उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए.

इमेज स्रोत, Debarchan Chatterjee/NurPhoto via Getty Images

अब वोट देने का अधिकार वापस पाने के लिए इनमें से कई लोगों को ट्रिब्यूनल के फ़ैसले का इंतज़ार करना पड़ रहा है.

वोट देने के अधिकार से जुड़ी आपत्तियों और शिकायतों के निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल में 19 'अपीलीय ट्रिब्यूनल' बनाए गए थे.

हर ट्रिब्यूनल की ज़िम्मेदारी एक सेवानिवृत्त जज को दी गई है. इन ट्रिब्यूनलों को वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की अर्ज़ियों पर विचार करके उनके वोट देने के अधिकार पर फ़ैसला करना है.

इन ट्रिब्यूनलों का गठन मार्च में किया गया था. लेकिन माना जा रहा है कि इनका काम पूरा होने में कई साल लग सकते हैं.

इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव में बड़े अंतर से जीत हासिल की और पहली बार पश्चिम बंगाल की सत्ता में आई.

लेकिन सुभानी जैसे लाखों 'डिलीटेड वोटर' अब भी ट्रिब्यूनल के फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं. वोटर लिस्ट में नाम वापस जोड़ने की अर्ज़ियों का निपटारा होने तक उन्हें नहीं पता कि वापस नाम जुड़ेगा या नहीं.

सुभानी कहते हैं, "हर दिन हमारी चिंता बढ़ रही है. कहीं सुनने को मिल रहा है कि डिलीटेड वोटरों को राशन मिलने में परेशानी हो रही है. अगर किसी महिला का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, तो उसे अन्नपूर्णा योजना का लाभ नहीं मिलेगा. ट्रिब्यूनल में जिस रफ़्तार से मामलों का निपटारा हो रहा है, उसे लेकर हम बहुत चिंतित हैं. हमारा भविष्य अब ट्रिब्यूनल के हाथ में है."

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

चुनाव आयोग ने 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफ़नामा जमा किया था. इस हलफ़नामे के मुताबिक़, ट्रिब्यूनलों में क़रीब 38 लाख 32 हज़ार अर्ज़ियां जमा हुई हैं.

इनमें क़रीब 22 लाख 22 हज़ार अर्ज़ियां उन लोगों की हैं, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे. इसके अलावा मौजूदा वोटर लिस्ट से क़रीब 16 लाख 11 हज़ार लोगों के नाम हटाने की अर्ज़ियां भी आई हैं.

हलफ़नामे में बताया गया है कि अब तक वोट देने के अधिकार से जुड़ी केवल 1 लाख 26 हज़ार अर्ज़ियों का निपटारा हुआ है. इसका मतलब है कि जमा हुई कुल अर्ज़ियों में से केवल 3.29 फ़ीसदी का निपटारा हुआ है.

चुनाव आयोग के हलफ़नामे के मुताबिक़, नाम हटाए जाने के ख़िलाफ़ अर्ज़ी देने वाले लोगों में से 92.98 फ़ीसदी को ट्रिब्यूनलों ने वैध वोटर माना है.

इस समय ट्रिब्यूनलों के सामने 37 लाख 5 हज़ार से ज़्यादा अर्ज़ियां विचार के लिए लंबित हैं. इससे साफ़ है कि बड़ी संख्या में अर्ज़ियां अब भी निपटारे का इंतज़ार कर रही हैं. वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों के दस्तावेज़ जांचकर फ़ैसला लेने की यह प्रक्रिया काफ़ी समय ले रही है.

चुनाव आयोग के हलफ़नामे में 10 सितंबर तक के आंकड़े दिए गए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल के सभी ज़िलों में सबसे ज़्यादा अर्ज़ियां मुर्शिदाबाद से ट्रिब्यूनल में जमा हुई हैं. लेकिन उनके निपटारे की रफ़्तार बेहद धीमी है.

अप्रैल में ट्रिब्यूनलों का काम शुरू हुआ था. इसके बाद 10 सितंबर तक मुर्शिदाबाद से क़रीब साढ़े सात लाख अर्ज़ियां जमा हुईं. इनमें से केवल 595 अर्ज़ियों का निपटारा हुआ. 522 लोगों के नाम दोबारा वोटर लिस्ट में जोड़े गए, जबकि 73 अर्ज़ियां ख़ारिज कर दी गईं.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक़, पिछले क़रीब पांच महीनों में मुर्शिदाबाद से आई साढ़े सात लाख अर्ज़ियों में से केवल 0.08 फ़ीसदी का निपटारा हो पाया.

अपीलीय ट्रिब्यूनलों में इतनी बड़ी संख्या में अर्ज़ियां लंबित होने के कारण सवाल उठ रहा है कि क्या पश्चिम बंगाल के आने वाले नगर निकाय चुनावों में लाखों लोग वोट डाल पाएंगे.

इसी तरह रेजिनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों की वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की अर्ज़ियों का निपटारा आने वाले उपचुनाव से पहले होगा या नहीं, इसे लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है.

इमेज स्रोत, Diptendu Dutta/NurPhoto via Getty Images

इस साल मई में एक ट्रिब्यूनल की ज़िम्मेदारी संभाल रहे सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति टीएस शिवज्ञानम ने ट्रिब्यूनल के अपना पद छोड़ दिया था.

'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, उन्होंने 22 दिनों में कुल 1,777 अर्ज़ियों का निपटारा किया था.

उन्होंने मीडिया से कहा था, "मैंने 22 दिनों तक रोज़ ट्रिब्यूनल का काम किया. सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक इतनी अर्ज़ियों का निपटारा किया. रविवार को भी मैंने अकेले यह काम किया."

हालांकि, उनका मानना था कि वोट देने के अधिकार से जुड़ी अर्ज़ियों का निपटारा जिस रफ़्तार से हो रहा है, उसी रफ़्तार से काम जारी रहा तो एक जज को लाखों अर्ज़ियों की जांच कर फ़ैसला देने में कई साल लग जाएंगे.

इस्तीफ़े के बाद उन्होंने मीडिया को बताया था कि ऑनलाइन अर्ज़ियों से जुड़ी कुछ समस्याएं भी हैं. जज आम तौर पर विस्तार से आदेश लिखने के आदी होते हैं, लेकिन इस व्यवस्था में आदेश लिखने के लिए शब्दों की सीमा तय की गई है.

ज़्यादातर सेवानिवृत्त जज तकनीक के इस्तेमाल में बहुत सहज नहीं हैं. इसलिए उन्हें लॉग-इन करने या ऑनलाइन आदेश अपलोड करने में परेशानी हो सकती है.

इमेज स्रोत, ANI

एसआईआर के कारण आई इस स्थिति से 'डिलीटेड वोटरों' को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कुछ महीने पहले महिबुल्ला मंडल नाम के एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी थी.

उन्होंने मांग की थी कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद वोट देने का अधिकार खोने की वजह से उन्हें सरकारी राशन की सुविधा से वंचित न किया जाए.

भारत में राशन व्यवस्था कम आमदनी वाले परिवारों को सब्सिडी पर रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ें उपलब्ध कराने की सरकारी व्यवस्था है.

मंडल का आरोप है कि जून में पश्चिम बंगाल सरकार के खाद्य और आपूर्ति विभाग ने एक आदेश जारी किया था. इसमें 'डिलीटेड वोटरों' को राशन की सुविधा से बाहर रखने का ज़िक्र था.

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि ट्रिब्यूनल में उनके वोट देने के अधिकार से जुड़े मामले का दो महीने के भीतर निपटारा किया जाए.

कलकत्ता हाई कोर्ट के वकील आसिफ़ रज़ा अंसारी ने बताया कि ट्रिब्यूनलों में अर्ज़ियों का निपटारा देर से होने के कारण लोगों को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

उनका कहना है कि कई मामलों में वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों को अपनी समस्याओं के कारण हाई कोर्ट जाना पड़ रहा है.

इस बारे में उन्होंने अपने एक मुवक्किल का उदाहरण दिया.

वे कहते हैं, "हाल में उत्तर दिनाजपुर ज़िले के एक लड़के ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास की थी और वह मेडिकल कॉलेज में दाख़िले की तैयारी कर रहा था."

"मेडिकल में दाख़िले के लिए एक फ़ॉर्म भरना होता है, जिसमें स्थायी निवास का पता देना पड़ता है. लेकिन उसके पिता एक डिलीटेड वोटर थे. इसी वजह से स्थानीय प्रशासन का कोई अधिकारी उस लड़के को यह फ़ॉर्म नहीं देना चाहता था."

अंसारी ने बताया कि उन्हें कलकत्ता हाई कोर्ट में एक तत्काल अर्ज़ी देनी पड़ी, ताकि ट्रिब्यूनल में उस लड़के के पिता की सुनवाई और दस्तावेज़ों की जांच जल्दी पूरी की जा सके.

हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि दो सप्ताह के भीतर उनकी सुनवाई करके अर्ज़ी का निपटारा किया जाए.

वे कहते हैं, "हाई कोर्ट के आदेश के कुछ दिनों के भीतर ही ट्रिब्यूनल में लड़के के पिता की तत्काल सुनवाई की व्यवस्था कर दी गई थी. इसके लिए मैं ट्रिब्यूनल को धन्यवाद दूंगा."

"ट्रिब्यूनल में अपील करने के बाद बहुत से लोग अलग-अलग कारणों से वकीलों के ज़रिए हाई कोर्ट जा रहे हैं, ताकि उनकी अर्ज़ियों का जल्दी निपटारा हो सके."

इमेज स्रोत, ANI

अंसारी के मुताबिक़, ट्रिब्यूनल में एक अर्ज़ी का निपटारा करने में इतना समय लगने की ठोस वजहें हैं. उनका कहना है कि हर अर्ज़ी के मामले में दस्तावेज़ों की जांच और फ़ैसला लिखने सहित कई चरण पूरे करने पड़ते हैं.

वे कहते हैं, "ट्रिब्यूनल की ज़िम्मेदारी संभाल रहे जज हर व्यक्ति के सभी दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच करते हैं. उन्हें देखना पड़ता है कि सभी दस्तावेज़ आपस में मेल खाते हैं या नहीं और व्यक्ति का नाम हर जगह सही लिखा है या नहीं."

"इसके बाद दस्तावेज़ों के आधार पर यह विचार करना होता है कि वह व्यक्ति योग्य वोटर है या नहीं. फिर जज को अपना फ़ैसला एक ऑर्डर शीट पर लिखना होता है. उस पर हस्ताक्षर और मुहर लगाने के बाद उसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड भी करना पड़ता है."

अंसारी कहते हैं, "इस पूरी प्रक्रिया में समय लगना स्वाभाविक है. अगर ट्रिब्यूनल का काम सुबह 11 बजे शुरू होकर शाम चार बजे तक चलता है, तो इस दौरान कई सुनवाई और भोजन का अवकाश भी होता है. ऐसे में एक जज एक दिन में एक ट्रिब्यूनल में सीमित संख्या में अर्ज़ियों का ही निपटारा कर सकते हैं.

इमेज स्रोत, ANI

अंसारी के कई मुवक्किल ट्रिब्यूनल की सुनवाई में शामिल हो चुके हैं. उनका कहना है कि फ़िलहाल ट्रिब्यूनल में लोगों को सामने बुलाकर भी सुनवाई हो रही है और वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए भी.

वे कहते हैं, "कई लोग व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में शामिल नहीं हो पाते. ऐसे लोग अपने घर या उप-मंडल कार्यालय से सुनवाई में शामिल होते हैं. लेकिन हमारा अनुभव बताता है कि कई मामलों में ट्रिब्यूनल में व्यक्तिगत रूप से शामिल होना ज़्यादा असरदार होता है."

"इससे व्यक्ति अपने ज़रूरी दस्तावेज़ सीधे पेश कर सकता है और जज के सामने अपनी बात मज़बूती से रख सकता है."

अंसारी के मुताबिक़, ऑनलाइन सुनवाई में कई बार अलग-अलग बातों को लेकर स्थिति साफ़ नहीं हो पाती.

अपील करने वाला व्यक्ति भी कई बार अपना पक्ष अच्छी तरह नहीं रख पाता. ख़ास तौर पर उस समय, जब इंटरनेट की रफ़्तार या उसकी गुणवत्ता ख़राब हो.

वे बताते हैं, "सुनवाई के दौरान आपके दस्तावेज़ देखे जाते हैं. यह जांच की जाती है कि 2002 की वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं और उसमें कोई अंतर या विसंगति तो नहीं है. यह भी देखा जाता है कि आपके पुराने वोटर कार्ड और मौजूदा दस्तावेज़ों की जानकारी आपस में मेल खाती है या नहीं."

चुनाव आयोग ने हाल में जमा किए अपने हलफ़नामे में लंबित अर्ज़ियों के जल्दी निपटारे के लिए कुछ सुझाव दिए हैं.

आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में अपीलीय ट्रिब्यूनलों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है. आयोग के मुताबिक़, इससे लंबित अपीलों का निपटारा जल्दी हो सकेगा.

आयोग ने यह भी बताया कि ट्रिब्यूनल के जजों के लिए सुनवाई और दूसरी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए बनाया गया सॉफ़्टवेयर किसी ख़ास जगह पर निर्भर नहीं है.

इसलिए ज़रूरत पड़ने पर जज तय ट्रिब्यूनल वाली जगह पर मौजूद हुए बिना भी सुनवाई कर सकते हैं. वे अपने घर से भी सुनवाई कर सकते हैं.

आयोग ने अदालत से कहा है कि इस व्यवस्था से आने-जाने में लगने वाला समय बचेगा और अर्ज़ियों के जल्दी निपटारे में मदद मिलेगी.

इस समय सभी ट्रिब्यूनल दक्षिण 24 परगना के जोका इलाक़े में स्थित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के एक कार्यालय से काम कर रहे हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

शॉर्ट वीडियो का अंत

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

About Ajay Tiwari

Senior Editorial writer covering tech innovations, space exploration, and emerging digital trends. Delivering deep analytical insights for premium global readers.

Comments ()

LIVE
फातिमा सना शेख ने ‘हुंकार’ में पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई, ‘दंगल’ की स्टार के साथ नया अध्याय • यूपी में वोट बैंक बचाने के लिए भाजपा को लड़नी पड़ेगी जंग, अखिलेश यादव का नया जातीय गणित बड़ी परीक्षा बनेगा • अश्लील वीडियो कांड में दोनों आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी नेपाल भागने की कोशिश में गाड़ी से कूदा • बिहार में घोंघा चुनते समय नहर में चार महिलाएं डूबीं, मां-बेटी समेत तीन की मौत • इस मॉडल की रिलीज रोकने के बाद ओपनएआई ने पेश किया नया एआई एजेंट, क्या है ऑलवेज ऑन डॉट्स की खासियत? • 33 की गणना और उसका महत्व • ₹20,000 वेतन पर अक्टूबर से PF कटौती बढ़ेगी, नया EPS नियम समझें • ईरान ने विकसित की दुनिया की सबसे तेज़ हाइपरसोनिक मिसाइल • लड़कियों के नारे वायरल, 'क्यूटी नहीं, क्रांति हूँ' के साथ महिला सुरक्षा पर बढ़ा प्रोटेस्ट • पाकिस्तानी मौलाना ने हूती को कहा गैर‑इस्लामी, ओसामा बिन लादेन की भी की तारीफ • जालंधर में अमित शाह की रैली से पहले स्कूलों को धमकी भरा ईमेल • 1 अक्टूबर से लागू पाँच प्रमुख नियम, हर घर की जेब पर असर • मृतक को चार साल तक फ्रीजर में छुपा कर रखे परिवार की आशा: फिर से जीवित होने की चाह • परिवहन विभाग के अधिकारी के दो ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी, आय से 148 फीसदी अधिक राशि की संपत्ति बनाई • पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में नाम वापस जुड़वाने के लिए कैसे काम कर रहे हैं ट्रिब्यूनल? • गिरफ्तारी के अफवाह को मुनव्वर फारूकी ने खारिज, वीडियो में कोई और दिखा • एलपीजी सिलिंडर पर नया नियम: 1 अक्टूबर से कुछ समूहों को बुकिंग पर रोक • जुड़वा बहनों के समान बायोमीट्रिक डेटा ने बनाया आधार कार्ड में अड़चन • अपर आयुक्त के फर्जी कोर्ट आदेश पर दो केस सामने; सत्य जानकर हैरान • INDIA ब्लॉक की मीटिंग में कौन-कौन आएंगे, कौन दूरी बना रहा? पूरी लिस्ट • वाशु भगनानी को इनकम टैक्स जांच के बीच लंदन के अस्पताल में भर्ती, स्वास्थ्य बिगड़ने की रिपोर्ट • एशियन गेम्स में मिश्रित तीरंदाजी टीम ने गोल्ड जिंक कर इतिहास रचा • शादी से बचेंगे, प्यार का अधूरा अफसाना • आगरा को मिली नई पहचान: 50 मॉडल शहरों में शामिल, हवा‑पानी के संरक्षण हेतु विशेष निगरानी • आगरा के जूता उद्योग पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर: लागत 30% तक बढ़ी, ग्राहक घटे • ‘अभिमान’ ने बताई रिश्तों की अहमियत, ‘आनंद’ ने पूछा जिंदगी से सवाल; फिल्म जिनसे अमर हुए ऋषि दा • हिंदी समाचार ऐप से बने रहें अपडेटेड: Android और iOS पर उपलब्ध • समाजवादी पार्टी ने राजसभा में प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को सरप्राइज उम्मीदवार बनाया • 10 किलोग्राम चांदी खरीदी, जाली नोटों को रोका, कार में मिली संदिग्ध सामग्री से पुलिस चकित • बिहार में युवकों ने कपल पर बदसलूकी, गाली-गलौज और चाबी छीनने का आरोप - वीडियो वायरल • IGIMS में आयुष्मान भारत फर्जी दावों के बाद प्रबंधन ने क्या कदम उठाए, सीधी निगरानी कहाँ होगी? • मंदिर से लौटती विवाहिता पर हमला: लूटी, गला काटी, फिर सड़क पर फेंकी गई • आधार टोकन मैनेजमेंट सिस्टम लखनऊ से शुरू, पूरे देश में लागू • सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: बंद निगमों के कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा, तीन महीनों में भुगतान का आदेश • राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सुभाष को मिली बैंक जमा की जिम्मेदारी, रामशंकर के बाद रिकॉर्ड में नई कड़ी • ट्रंप के साथ टेक दिग्गजों ने एआई पर नियंत्रण के चार स्तर तय किए • जयशंकर ने अमेरिका में किस तीसरे पक्ष की बात की, क्या ये बड़े बदलाव के हैं संकेत • प्रेम विवाह के 14 वर्ष बाद पत्नी की हत्या, पति ने धारदार हथियार से काट डाला • सहवाग के रियलिटी शो में शहजाद का राजनीतिक मंच: खेल से दंगल तक • बिहार में होटल में मिली रियल एस्टेट मैनेजर की लाश, मौत से एक दिन पहले पति और ससुराल पर गंभीर आरोप • फातिमा सना शेख ने ‘हुंकार’ में पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई, ‘दंगल’ की स्टार के साथ नया अध्याय • यूपी में वोट बैंक बचाने के लिए भाजपा को लड़नी पड़ेगी जंग, अखिलेश यादव का नया जातीय गणित बड़ी परीक्षा बनेगा • अश्लील वीडियो कांड में दोनों आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी नेपाल भागने की कोशिश में गाड़ी से कूदा • बिहार में घोंघा चुनते समय नहर में चार महिलाएं डूबीं, मां-बेटी समेत तीन की मौत • इस मॉडल की रिलीज रोकने के बाद ओपनएआई ने पेश किया नया एआई एजेंट, क्या है ऑलवेज ऑन डॉट्स की खासियत? • 33 की गणना और उसका महत्व • ₹20,000 वेतन पर अक्टूबर से PF कटौती बढ़ेगी, नया EPS नियम समझें • ईरान ने विकसित की दुनिया की सबसे तेज़ हाइपरसोनिक मिसाइल • लड़कियों के नारे वायरल, 'क्यूटी नहीं, क्रांति हूँ' के साथ महिला सुरक्षा पर बढ़ा प्रोटेस्ट • पाकिस्तानी मौलाना ने हूती को कहा गैर‑इस्लामी, ओसामा बिन लादेन की भी की तारीफ • जालंधर में अमित शाह की रैली से पहले स्कूलों को धमकी भरा ईमेल • 1 अक्टूबर से लागू पाँच प्रमुख नियम, हर घर की जेब पर असर • मृतक को चार साल तक फ्रीजर में छुपा कर रखे परिवार की आशा: फिर से जीवित होने की चाह • परिवहन विभाग के अधिकारी के दो ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी, आय से 148 फीसदी अधिक राशि की संपत्ति बनाई • पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में नाम वापस जुड़वाने के लिए कैसे काम कर रहे हैं ट्रिब्यूनल? • गिरफ्तारी के अफवाह को मुनव्वर फारूकी ने खारिज, वीडियो में कोई और दिखा • एलपीजी सिलिंडर पर नया नियम: 1 अक्टूबर से कुछ समूहों को बुकिंग पर रोक • जुड़वा बहनों के समान बायोमीट्रिक डेटा ने बनाया आधार कार्ड में अड़चन • अपर आयुक्त के फर्जी कोर्ट आदेश पर दो केस सामने; सत्य जानकर हैरान • INDIA ब्लॉक की मीटिंग में कौन-कौन आएंगे, कौन दूरी बना रहा? पूरी लिस्ट • वाशु भगनानी को इनकम टैक्स जांच के बीच लंदन के अस्पताल में भर्ती, स्वास्थ्य बिगड़ने की रिपोर्ट • एशियन गेम्स में मिश्रित तीरंदाजी टीम ने गोल्ड जिंक कर इतिहास रचा • शादी से बचेंगे, प्यार का अधूरा अफसाना • आगरा को मिली नई पहचान: 50 मॉडल शहरों में शामिल, हवा‑पानी के संरक्षण हेतु विशेष निगरानी • आगरा के जूता उद्योग पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर: लागत 30% तक बढ़ी, ग्राहक घटे • ‘अभिमान’ ने बताई रिश्तों की अहमियत, ‘आनंद’ ने पूछा जिंदगी से सवाल; फिल्म जिनसे अमर हुए ऋषि दा • हिंदी समाचार ऐप से बने रहें अपडेटेड: Android और iOS पर उपलब्ध • समाजवादी पार्टी ने राजसभा में प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को सरप्राइज उम्मीदवार बनाया • 10 किलोग्राम चांदी खरीदी, जाली नोटों को रोका, कार में मिली संदिग्ध सामग्री से पुलिस चकित • बिहार में युवकों ने कपल पर बदसलूकी, गाली-गलौज और चाबी छीनने का आरोप - वीडियो वायरल • IGIMS में आयुष्मान भारत फर्जी दावों के बाद प्रबंधन ने क्या कदम उठाए, सीधी निगरानी कहाँ होगी? • मंदिर से लौटती विवाहिता पर हमला: लूटी, गला काटी, फिर सड़क पर फेंकी गई • आधार टोकन मैनेजमेंट सिस्टम लखनऊ से शुरू, पूरे देश में लागू • सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: बंद निगमों के कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा, तीन महीनों में भुगतान का आदेश • राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सुभाष को मिली बैंक जमा की जिम्मेदारी, रामशंकर के बाद रिकॉर्ड में नई कड़ी • ट्रंप के साथ टेक दिग्गजों ने एआई पर नियंत्रण के चार स्तर तय किए • जयशंकर ने अमेरिका में किस तीसरे पक्ष की बात की, क्या ये बड़े बदलाव के हैं संकेत • प्रेम विवाह के 14 वर्ष बाद पत्नी की हत्या, पति ने धारदार हथियार से काट डाला • सहवाग के रियलिटी शो में शहजाद का राजनीतिक मंच: खेल से दंगल तक • बिहार में होटल में मिली रियल एस्टेट मैनेजर की लाश, मौत से एक दिन पहले पति और ससुराल पर गंभीर आरोप •