बिहार में कथित डस्टबिन घोटाला से सियासी पारा हाई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से इस मामले में सफाई मांगने वाले उनकी पार्टी के पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से कारण बताओ नोटिस मिल गया है। प्रदेश भाजपा मुख्यालय से जारी नोटिस में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देते हुए ओम प्रकाश से 6 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी ओर, सीवान के पूर्व सांसद ने पार्टी के वरीय नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मंगल पांडेय की वजह से भाजपा बदनाम हो जाएगी और इसका नुकसान आगामी चुनावों में पार्टी को होगा।
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार ने सीवान के पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव को भेजे नोटिस में कहा कि उन्होंने पार्टी नेताओं के खिलाफ अनर्गल बयान दिया है। उनका यह कृत्य पार्टी के खिलाफ है। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। इसलिए उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जा रहा है। यह नोटिस सोमवार को भेजा गया और 6 दिन में इसका जवाब मांगा गया है।
सीवान से दो बार सांसद रह चुके ओम प्रकाश यादव बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से कथित डस्टबिन घोटाला में सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में स्थानीय यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मंगल पांडेय पर आरोप लगा है तो उनको सफाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि लालू यादव (पूर्व मुख्यमंत्री) ने जब चारा घोटाला किया था, तो हम लोगों ने हाय-तौबा मचा दी थी। आज सब चुप क्यों हैं?
उन्होंने यह भी कहा कि मंगल पांडेय की वजह से भाजपा बदनाम हो जाएगी। पार्टी के नेता समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे। ओम प्रकाश के इसी बयान के बाद भाजपा ने उन्हें शोकॉज कर दिया।
मंगल पांडेय पर सवाल उठाने के बाद पार्टी से नोटिस मिलने पर ओम प्रकाश यादव ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर पूर्व मंत्री मंगल पांडेय खुद ही डस्टबिन घोटाला पर सीवान में पत्रकारों के सामने आकर जवाब दे देते तो वह उन पर सवाल नहीं उठाते। हालांकि, अब नोटिस मिला है तो वह पटना जाकर इसका जवाब भी देंगे।
पूर्व सांसद ने कहा कि जो विपक्ष अभी मुद्दाविहीन है, उन्हें हम खुद मुद्दा बनाकर दे रहे हैं। आने वाले दिनों में डस्टबिन घोटाला बिहार में वही स्थिति बना देगा, जैसे पेपर लीक में जंतर मंतर और राजस्थान के स्कूल मुद्दे पर सरकार की छवि खराब हुई थी। आज सीवान के नेताओं से विपक्ष और मीडिया इस घोटाला में जवाब मांग रहा है, कल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि डस्टबिन घोटाला ने तूल पकड़ा तो सीवान लोकसभा में अगले चुनाव में वही हाल होगा, जो बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी का हुआ था।
ओम प्रकाश यादव सीवान लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं। पहली बार उन्होंने 2009 में सीवान से निर्दलीय चुनाव जीता था और सांसद बने थे। इसके बाद वे भाजपा में आ गए। फिर इसी सीट से 2014 में भाजपा के सांसद चुने गए। इन दोनों चुनावों में उन्होंने सीवान के बाहुबली पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की बीवी हिना शहाब को बड़े अंतर से हराया था।
पिछले महीने एक आरटीआई के हवाले से दावा किया गया था कि बिहार के अस्पतालों में 15490 रुपये प्रति यूनिट की दर से कूड़ेदान खरीदे गए थे। डस्टबिन की इतनी महंगी खरीद पर सवाल उठे। इसके बाद मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने इसकी जांच के आदेश भी दे दिए।
दूसरी ओर, विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आरोप लगाया कि मंगल पांडेय के स्वास्थ्य मंत्री रहने के दौरान यह कथित घोटाला हुआ है। जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर का कहना है कि इसमें मंगल पांडेय के साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि डस्टबिन की खरीद की प्रक्रिया तेजस्वी के कार्यकाल (स्वास्थ्य मंत्री) से शुरू हुई थी और मंगल पांडेय के मंत्री रहते खत्म हुई थी।
मंगल पांडेय अभी सीवान सदर सीट से भाजपा के विधायक हैं। वह फरवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक बिहार के स्वास्थ्य मंत्री रहे। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद जब नए सिरे से एनडीए सरकार का गठन हुआ, तब उन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया। मंगल पांडेय बिहार में भाजपा के बड़े नेता हैं। वह प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। विधायक बनने से पहले वह तीन बार भाजपा के एमएलसी भी रहे।
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