बेहद अनुशासित मानी जाने वाली भाजपा इन दिनों अपनी गुटबंदी को लेकर चर्चा में है। पहले अयोध्या, फिर कानपुर और अब देवरिया में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता खुलेआम भिड़ गए। जूता-चप्पल से लेकर लाठी-डंडा भी चल गया। इससे पार्टी सकते में है। अब कहा जा रहा है कि रार नहीं थमी तो यह गुटबंदी 2027 पर भारी पड़ सकती है। देवरिया में एक दो नहीं बल्कि कई खेमों में पार्टी बंटी हुई दिख रही है। कई दिग्गज तो एक दूसरे को पटखनी देने के लिए अपने स्तर से बड़े-बड़े दांव भी लगा रहे हैं। पिछले दिनों संगठन के विस्तार में उपेक्षा के चलते भी एक खेमे की नाराजगी बढ़ी है।
भाजपा के सोशल मीडिया राष्ट्रीय सहसंयोजक शिवानंद द्विवेदी के स्वागत कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को जो कुछ हुआ उसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। एक पूर्व सांसद और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के खेमों ने पार्टी का अनुशासन तार-तार कर दिया। पार्टी के झण्डे और डंडे से एक दूसरे पर हुआ हमला अप्रत्याशित था। इस घटना ने विरोधी दलों को भी भाजपा पर हमला करने का मौका दे दिया है।
सोशल मीडिया पर सपा समेत कई दलों के नेताओं ने इस पर अपनी भंड़ास निकाली है। इस स्थिति को देख भाजपा के कुछ नेता जहां परेशान हैं वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इसमें अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने की फिराक में हैं। फिलहाल भाजपा के सामान्य कार्यकर्ताओं को इस मामले में पार्टी नेतृत्व के अगले कदम का इंतजार है।
पिछले करीब एक साल से भाजपा में खेमेबंदी तेजी से बढ़ी है। जिले की सभी सातों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। इन सीटों पर जहां वर्तमान विधायक स्वभाविक दावेदार माने जा रहे हैं वहीं सभी सीटों पर नए दावेदारों की एक बड़ी तादात भी उभरी है। दावेदारों के इस खेमे में शामिल नेता खुद को मजबूत दिखाने के लिए हर हथकण्डा अपना रहे हैं। कई विधानसभा क्षेत्रों में दावेदारों की इस फौज के चलते पार्टी के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को दो खेमों में हुई मारपीट की घटना के बाद वायरल हो रहे वीडियो की जांच के आधार पर पार्टी आगे की कार्रवाई करेगी। यह वीडियो पार्टी नेतृत्व तक पहुंच चुका है। सूत्रों का यह भी दावा है कि भाजपा इस पूरे प्रकरण की अपने स्तर से जांच कराने के मूड में है। जांच कमेटी में बाहर के कुछ बड़े पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि 29 अगस्त को मुख्यमंत्री के दौरे के बाद पार्टी इस संबंध में कुछ निर्णय लेगी। फिलहाल पार्टी का सारा जोर सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के मझौलीराज में प्रस्तावित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को सफल बनाने पर है।
भाजपा के जिलाध्यक्ष काली प्रसाद का कहना है कि स्वागत कार्यक्रम के दौरान जो कुछ भी हुआ वह ठीक नहीं था। इसके लिए जो लोग भी जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मै अपने स्तर से पार्टी के संगठन महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखूंगा। पार्टी में गुटबंदी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा अपने अनुशासन के लिए जानी जाती है और यह अनुशासन बना रहेगा।
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