उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पांडेय ने आज अयोध्या में एक सार्वजनिक सभा में बताया कि उन्होंने लगभग 30 साल तक समाजवादी पार्टी के साथ राजनीति की, परन्तु जब पार्टी ने भगवान राम और सनातन आस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया तो उनका साथ देना असंभव हो गया।
पांडेय ने कहा, "अयोध्या केवल एक धार्मिक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। राम का संबंध भारत के हर सनातनी से जन्म से लेकर मृत्यु तक जुड़ा है; इसे कमजोर या झुठलाया नहीं जा सकता।"
समाजवादी पार्टी छोड़ने के पीछे का प्रमुख कारण उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में हुए एक प्रस्ताव से जोड़ा। वह बताते हैं कि एक बार प्रस्ताव रखा गया था कि जो विधायक अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए व्यवस्था की जाएगी। उस समय पांडेय सर्वदलीय बैठक का संचालन कर रहे थे और उन्होंने इस प्रस्ताव पर सहमति दी थी। परन्तु पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सदन में कहा कि समाजवादी पार्टी का कोई विधायक अयोध्या नहीं जाएगा। पांडेय ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई, क्योंकि "भगवान राम किसी एक दल के नहीं होते और उन्हें किसी राजनीतिक दल से जोड़ना गलत है"।
पांडेय ने समाजवादी पार्टी में रहते हुए कई ऐसे बयान देखे, जो उनकी आस्था को ठेस पहुँचाते थे। उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, माता सीता को अपमानजनक टिप्पणी की और पवित्र नदियों को केवल जल स्रोत बताया। "गंगा, सरयू, यमुना और त्रिवेणी संगम करोड़ों लोगों की आस्था के अभिन्न अंग हैं; इनका अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता," उन्होंने कहा।
रामचरितमानस के प्रति हुए विवाद को भी पांडेय ने उजागर किया। उन्होंने कहा, "गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस करोड़ों की आस्था का प्रतीक है; इसे फाड़ना या अपमानित करना अस्वीकार्य है। यदि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जैसे पद पर कोई ऐसा बयान देता है, तो पार्टी नेतृत्व को तुरंत विरोध करना चाहिए, क्योंकि चुप रहना भी मौन सहमति माना जाता है।"
अखिलेश यादव के अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन करने की बात पर पांडेय ने कहा कि उन्हें किसी के भी दर्शन करने में कोई आपत्ति नहीं है। "राम सबका है, राम मंदिर भी सबकी आस्था का केंद्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी यही कहा है," उन्होंने कहा।
पांडेय ने सवाल उठाया कि जब पहले अयोध्या जाने को लेकर आपत्ति जताई गई, तो अब दर्शन की बात क्यों की जा रही है। "आस्था को राजनीतिक सुविधा के हिसाब से नहीं बदलना चाहिए। राम किसी जाति या वर्ग के नहीं, उनका चरित्र सभी वर्गों को समावेशी संदेश देता है," उन्होंने कहा।
समाजवादी पार्टी के "पीडीए" नारे पर पांडेय ने दोहरे मानदंडों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "एक ओर पार्टी पीडीए के नाम पर पंडितों को शामिल करने की बात करती है, तो दूसरी ओर बड़े पदों पर ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती है। ऐसी असंगतियां जनता को गुमराह करती हैं।"
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के राम‑कृष्ण को लेकर बंटवारे के बयान और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर पांडेय ने कहा कि "भगवान राम और कृष्ण को अलग‑अलग वर्गों में बाँटना या उनके नाम पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।" उन्होंने भारतीय इतिहास में विभिन्न भक्ति परम्पराओं का उल्लेख कर यह बात दोहराई।
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में पांडेय ने समाजवादी पार्टी को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने सात दिन के भीतर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, और पाँचवें दिन ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। "अपराध होना और तुरंत प्रभावी कार्रवाई करना दो अलग बातें हैं," उन्होंने कहा और वर्तमान सरकार की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बताया।
ब्राह्मण वर्ग की नाराज़गी पर पांडेय ने कहा कि ब्राह्मण भी अन्य वर्गों की तरह इंसान हैं, उनकी भी अपेक्षाएँ हैं। "ब्राह्मण समाज भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा है," उन्होंने कहा और समाजवादी पार्टी के एक पदाधिकारी द्वारा किए गए अपमानजनक टिप्पणी को निंदनीय बताया।
UGC के नए नियमों को लेकर पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को स्पष्ट किया है कि किसी भी वर्ग के युवाओं के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। जल्द ही एक समिति गठित की जाएगी जो सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखेगी। "सरकार का लक्ष्य सबका साथ, सबका विकास है," उन्होंने कहा।
आगामी विधानसभा चुनाव में पांडेय ने बताया कि वह ऊंचाहार सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। "ऊंचाहार मेरे लिए केवल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, सम्मान और लोगों को अधिकार दिलाने का मंदिर है," उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र की जनता की सेवा एक पुजारी की तरह करेंगे और इसे वोट‑बैंक नहीं, बल्कि अपनी कर्मभूमि मानते हैं।
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