अयोध्या के रामनगर में आज दसवें दीपोत्सव के दौरान 30 लाख से अधिक दीये जलाने की योजना है, जिससे विश्व रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद है।
सरयू तट के 56 घाटों पर सजाए गए दीये, 35,000 स्वयंसेवकों की तीन दिन की मेहनत से तैयार हुए हैं।
यह कार्यक्रम त्रेतायुग की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जब प्रभु राम माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। रामचरितमानस की चौपाई "अवधपुरी प्रभु आवत जानी, भई सकल सोभा कै खानी" रामनगर के वर्तमान स्वरूप में जीवंत हो उठी है।
रामकथा पार्क में सजे रामदरबार में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे, जिससे कार्यक्रम को ऐतिहासिक महत्व मिलेगा।
पुष्पक विमान के प्रतीक स्वरूप हेलीकॉप्टर से प्रभु राम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या पहुँचेंगे, जहाँ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रियों व संतों के साथ उनका स्वागत करेंगे।
इसके बाद भरत मिलाप का प्रसंग होगा, और पुष्पवर्षा के बीच रामकथा पार्क में भव्य रामदरबार सजाया जाएगा।
राजतिलक की यह प्रतीकात्मक पुनरावृत्ति उसी परंपरा के अनुरूप है, जब महर्षि वशिष्ठ ने त्रेतायुग में राम का प्रथम राजतिलक किया था। उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री राम का तिलक कर राज्याभिषेक करेंगे।
सुबह 10 बजे साकेत महाविद्यालय से रामराज्याभिषेक शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें पुष्पक विमान, रथ, घुड़सवार, सैनिकों की टुकड़ियाँ और रामकथा के विविध प्रसंग रामनगर को त्रेतायुगीन अवधपुरी का स्वरूप देंगे।
राम जन्मभूमि परिसर में भी दीपोत्सव की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। परिसर के 18 मंदिरों में 1 लाख दीप जलाए जाएँगे, 1500 मंदिर कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस वर्ष दीपोत्सव की थीम "नव भारत की नई अयोध्या" रखी गई है। धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभ लगाए जा रहे हैं, 12‑12 फीट ऊँचे ये स्तंभ रामायण के प्रसंगों और डिजिटल प्रकाश शो को प्रदर्शित करेंगे।
साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली शोभायात्रा में 2500 कलाकार प्रस्तुतियाँ देंगे। 17 मंचों पर लोक कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। राम की पैड़ी पर लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट‑एंड‑साउंड शो होगा, जबकि सरयू तट पर ग्रीन आतिशबाजी और 2100 ड्रोन का शो आकर्षण का केंद्र रहेगा।
पर्यटकों को दीयों की कतारों के साथ रंगोली के विविध पैटर्न भी आकर्षित कर रहे हैं। अर्जेंटीना से आई कैरोलिना ने बताया कि उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा है और अयोध्या का माहौल बहुत अच्छा लग रहा है।
जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत गिरीश दास और विवेक आचारी ने दीपोत्सव की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि यह कार्यक्रम अयोध्या के गौरवशाली प्रसंग को आंखों के सामने दोहराने जा रहा है।
लॉजिस्टिक व्यवस्था में 80 गोल्फकार्ट और 20 एसी बसें शामिल हैं, जिससे वीवीआईपी मेहमानों को एयरपोर्ट, होटल और शहर के अन्य निर्धारित स्थानों से आयोजन स्थल तक पहुँचाया जाएगा। एआरटीओ गुलाब चंद्र ने बताया कि अतिथियों का सिलसिला एयरपोर्ट से शुरू होगा।
सुरक्षा निर्देशों के तहत स्वयंसेवकों को सूती कपड़े पहनने, सिंथेटिक व ढीले वस्त्रों से बचने तथा लंबे बाल बांधकर रखने की सलाह दी गई है। तेल डालते समय दीयों के आसपास तेल न फैलाने और ज्वलनशील सामग्री को दूर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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