पटना से सटे बाढ़ के बेढना गांव में जहरीला पेय पदार्थ पीने से चार दोस्तों की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। चिकित्सक को आशंका है कि मौत की वजह जहर है। चारों शवों का पोस्टमार्टम करने वाले बाढ़ अनुमंडल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. अजय कुमार ने कहा कि पार्टी के लिए बनी मछली, पानी या शराब में जहरीला पदार्थ मिलाया गया होगा।
उन्होंने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामला पॉइजनिंग का है। इसी से मौतें हुई हैं। लक्षणों और प्राथमिक उपचार के बाद की स्थिति से यही लगता है कि जहर से मौत हुई है। शराब, खाना और पानी — किसी में भी जहर हो सकता है। सभी लक्षण जहर के हैं। नकली शराब से इस तरह की मौत नहीं हो सकती। मृतकों का बिसरा तैयार है। इसकी रासायनिक जांच के बाद ही जहर की प्रकृति का पता चल सकेगा। यह भी आशंका है कि इस पार्टी में चार दोस्तों के अलावा एक पांचवां शख्स भी था।
बेढ़ना गांव में हुई चार दोस्तों की मौत मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जबकि कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, इसकी जांच के लिए एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। इसमें बाढ एसडीपीओ-2 और बाढ थानाध्यक्ष सहित 15 सदस्य शामिल हैं। पुलिस की टीम सोमवार को जांच की। पटना से गांव पहुंची एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से रोटी, मछली और शराब की बोतल जब्त कर जांच के लिए ले गई। मद्य निषेध विभाग की टीम में छापेमारी कर 20 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बाढ़ की सती स्थान गंगा घाट पर एक साथ चारों चिताओं को सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। एसडीएम के आदेश पर रविवार की देर रात बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में डॉ. अजय कुमार और डॉ. चंदन कुमार की टीम ने पंकज, शशि, निशू राज और विकास के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया था। मृतकों का बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
इस पूरे मामले पर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने कहा कि बाढ़ में मछली और शराब पार्टी कर रहे चार दोस्तों की मौत के मामले में वैज्ञानिक जांच के लिए जब्त शराब की बोतल को विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है। प्राथमिक जांच में जब्त शराब में मेथनॉल नहीं पाया गया है। इस मामले में मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी ने कहा कि जांच में पता चला है घटनास्थल पर पांच लोग मौजूद थे। चार लोगों द्वारा शराब का सेवन किया गया, जबकि पांचवां गायब है। उसको पुलिस खोज रही है। मंत्री ने कहा कि अगर शराब से मौत होती तो पहले पेट दर्द होता या आंख की रोशनी जाती। अमूमन जहरीली शराब से इतनी जल्दी मौत नहीं होती है।
मंत्री ने कहा कि शवों का पोस्टमार्टम हुआ है। शराब की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह निष्कर्ष निकल पाएगा कि जहरीली शराब से मौत हुई है या जहरीले पदार्थ के मिलावट से। फोटो और तस्वीरों में विदेशी शराब की बोतल दिख रही है। अगर ऐसा होता तो और भी जगह इस तरह के मामले आते। मंत्री ने कहा कि शराब की खेप पकड़ने में पुलिस अब मुस्तैदी से काम कर रही है। जिस कंपनी की शराब पकड़ी जा रही है, उसको नोटिस भी दिया जा रहा है।
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