Wednesday, 28 October 2026 | New Delhi, 28°C
For You Uttar Pradesh Technology World Gorakhpur Shahjahanpur Meerut Jharkhand Prayagraj Bijnor Auraiya Gopalganj Agra
Breaking
MARKETS
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
Miscellaneous

सरकार गठन में अरब पार्टियों की अहमियत बढ़ी, क्या यहूदी पार्टियां लेंगी समर्थन?

Ajay Tiwari
28 October 2026 • 0 • 35
सरकार गठन में अरब पार्टियों की अहमियत बढ़ी, क्या यहूदी पार्टियां लेंगी समर्थन?

इमेज स्रोत, Getty Images

इसराइल की अरब पार्टियां अगली सरकार के गठन में किंगमेकर बन सकती हैं.

27 अक्तूबर को हुए चुनाव के बाद आए एग्ज़िट पोल के अनुमानों से संकेत मिलता है कि न तो बिन्यामिन नेतन्याहू के खेमे को और न ही गादी आइज़ेनकोट के नेतृत्व वाली यहूदी विपक्षी पार्टियों को अपने दम पर संसद में बहुमत मिल सकता है.

हालांकि, अरब पार्टियों का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि विपक्षी नेता उनकी भागीदारी या सरकार से बाहर रहते हुए समर्थन को स्वीकार करते हैं या नहीं.

चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह के सहयोग पर आपत्तियां जताई गई थीं. आधिकारिक नतीजों का अभी इंतज़ार है.

आँकड़े क्या संकेत देते हैं-

चैनल 12 के एक प्रमुख एग्ज़िट पोल में 120 सदस्यीय इसराइली संसद में सीटों का अनुमान इस तरह लगाया गया है-

इमेज स्रोत, Getty Images

इस अनुमान के मुताबिक, राअम को सात और जॉइंट लिस्ट को 11 सीटें मिल सकती हैं. चैनल 13 ने थोड़ा अलग अनुमान दिया है.

इसके मुताबिक, नेतन्याहू के खेमे को 50, यहूदी विपक्ष को 53 और अरब पार्टियों को 17 सीटें मिल सकती हैं. इसलिए इन आंकड़ों को घोषित चुनावी नतीजों के बजाय एग्ज़िट पोल के अनुमान के रूप में देखा जाना चाहिए.

यहां अहम बात यह है कि नेतन्याहू विरोधी दलों के पास संसद में बहुमत होने का मतलब अपने आप एक स्थिर सरकार बनाने की स्थिति पैदा होना नहीं है.

नेतन्याहू का विरोध करने वाली पार्टियों के बीच इस बात पर मतभेद हैं कि वे अरब प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम कर सकती हैं या नहीं.

इमेज स्रोत, Getty Images

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

1. विपक्ष के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होकर

मंसूर अब्बास के नेतृत्व वाली यूनाइटेड अरब लिस्ट यानी राअम सरकार में शामिल होना चाहती है. उसकी प्राथमिकताओं में अरब समुदायों में अपराध पर अंकुश लगाना और आवास, बुनियादी ढांचे के साथ सार्वजनिक सेवाओं में सुधार करना शामिल है.

इसका एक उदाहरण पहले भी मिल चुका है. 2021 में राअम नेफ़्टाली बेनेट के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हुई थी. इस गठबंधन ने शुरुआत में नेतन्याहू को सत्ता से हटाया था.

हालांकि, चैनल 12 के अनुमान के मुताबिक़, यहूदी विपक्ष की 52 सीटों और राअम की सात सीटों को मिलाकर कुल 59 सीटें ही होंगी. यानी राअम अकेले 61 सीटों का बहुमत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं होगी. इसके लिए अन्य दलों का समर्थन या संसद में किसी दूसरे तरह की व्यवस्था ज़रूरी होगी.

2. सरकार में शामिल हुए बिना समर्थन देकर

जॉइंट लिस्ट ने नेतन्याहू की जगह दूसरी सरकार बनाने के लिए संसद में उसे समर्थन देने की इच्छा जताई है. इसके तहत वह सरकार में मंत्री पद लिए बिना भी उसे अहम संसदीय मतदान में समर्थन दे सकती है.

इससे अरब पार्टियों के समर्थन से विपक्ष के नेतृत्व वाली अल्पमत सरकार को कामकाज़ चलाने में मदद मिल सकती है.

हालांकि, यह समर्थन बातचीत और शर्तों पर निर्भर करेगा, न कि बिना किसी शर्त के दिया जाएगा. जॉइंट लिस्ट के नेता अहमद तिबी ने आइज़ेनकोट के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने की संभावना को 7 अक्टूबर के हमलों की जांच के लिए एक आधिकारिक आयोग गठित करने की मांग से भी जोड़ा है.

3. सरकार बनाने का पहला मौक़ा किसे मिले, इसमें भूमिका निभाकर

इसराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग के साथ होने वाले विचार-विमर्श के दौरान अरब पार्टियां किसी उम्मीदवार को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की सिफ़ारिश भी कर सकती हैं.

उनकी सिफ़ारिशें विपक्ष के किसी उम्मीदवार को गठबंधन बनाने की कोशिश करने का औपचारिक मौक़ा दिलाने में मदद कर सकती हैं, भले ही अरब पार्टियां बाद में सरकार में शामिल न हों.

हालांकि, सरकार बनाने का औपचारिक अवसर मिलना और वास्तव में सरकार के लिए ज़रूरी समर्थन जुटा पाना दो अलग-अलग बातें हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images

सबसे बड़ी बाधा सिर्फ़ सीटों की संख्या नहीं, बल्कि राजनीतिक रुख़ है.

नेतन्याहू ने अरब पार्टियों के साथ सरकार बनाने से इनकार किया है. आइज़ेनकोट और विपक्ष के कई अन्य सहयोगियों ने भी चुनाव प्रचार के दौरान ऐसी व्यवस्था का विरोध किया था. हालांकि, चुनाव के बाद की ख़बरों से संकेत मिलता है कि आइज़ेनकोट कुछ शर्तों के साथ सहयोग के लिए तैयार हो सकते हैं.

इसलिए अरब पार्टियों की सरकार में भागीदारी तय नहीं है. यहूदी पार्टियों के बीच व्यापक गठबंधन बनाकर उन्हें सरकार गठन की प्रक्रिया से बाहर रखा जा सकता है.

हालांकि, इसके लिए चुनाव प्रचार के दौरान किए गए दूसरे बड़े वादों और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं में बदलाव करना पड़ सकता है. अगर गठबंधन को लेकर बातचीत पूरी तरह विफल हो जाती है, तो एक और चुनाव कराने की संभावना भी बनी रहेगी.

इसलिए अब सबसे अहम सवाल सिर्फ़ यह नहीं है कि अरब पार्टियों को कितनी सीटें मिलती हैं, बल्कि यह भी है कि विपक्षी नेता उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने और सरकार से बाहर रहते हुए उनके संसदीय समर्थन पर निर्भर रहने के बीच अंतर करते हैं या नहीं.

यही अंतर तय कर सकता है कि चुनाव के बाद नई सरकार बनती है या राजनीतिक गतिरोध जारी रहता है.

इमेज स्रोत, Getty Images

इसराइल में पहली बार कोई स्वतंत्र अरब पार्टी जून 2021 में सरकार में शामिल हुई थी. उस समय मंसूर अब्बास की पार्टी राअम (यूनाइटेड अरब लिस्ट) बिन्यामिन नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए नेफ़्टाली बेनेट और यैर लैपिड के नेतृत्व में बने गठबंधन में शामिल हुई थी. अब्बास ने दो जून, 2021 को गठबंधन समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

राअम की भागीदारी का क्या मतलब था?

राअम के पास क्नेसेट में चार सीटें थीं. इन सीटों ने आठ पार्टियों वाले गठबंधन के गठन में उसे अहम भूमिका दी. इस गठबंधन में इसराइल की वामपंथी, मध्यमार्गी और दक्षिणपंथी पार्टियां शामिल थीं.

राअम औपचारिक रूप से गठबंधन की सहयोगी पार्टी बनी, लेकिन उसने मंत्रिमंडल में कोई पद नहीं लिया. यानी सरकार में शामिल होने का मतलब यह नहीं था कि राअम के नेता मंत्री भी बने.

अब्बास ने अरब समुदायों के लिए वित्तीय सहायता, आवास, बुनियादी ढांचे और अपराध पर अंकुश लगाने से जुड़ी प्रतिबद्धताओं पर बातचीत की. हालांकि, 2022 में यह गठबंधन टूट गया.

क्या इससे पहले भी अरब पार्टियों ने इसराइल की सरकारों का समर्थन किया था? सत्तारूढ़ मपाई पार्टी से जुड़ी अरब पार्टियां गठबंधन की व्यवस्थाओं में शामिल रही थीं. हालांकि, वे राअम जैसी स्वतंत्र अरब पार्टियां नहीं थीं.

1990 का दशक में अरब पार्टियों ने गठबंधन में शामिल हुए बिना यित्ज़ाक राबिन की सरकार को समर्थन दिया था. इससे सरकार को संसद में चुनौतियों का सामना करने और बहुमत बनाए रखने में मदद मिली.

इमेज स्रोत, Getty Images

बहुसंख्यक अरब लोग उन लोगों के वंशज हैं, जो 1948 के अरब-इसराइल युद्ध के बाद इसराइल की ओर से घोषित सीमाओं के भीतर रह गए थे. इसराइल का गठन ब्रिटिश मैंडेट ऑफ फ़लस्तीन से हुआ था, जहाँ उस समय क़रीब 12 लाख अरब रहते थे.

अमेरिका के काउंसिल ऑन फॉरन रिलेशन ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है, ''इनमें से सात लाख से ज़्यादा लोगों को निष्कासित कर दिया गया या वे वहाँ से चले गए, जिसे अरब लोग नकबा यानी तबाही कहते हैं. इसके बाद क़रीब 1.5 लाख अरब उस क्षेत्र में रह गए, जो बाद में इसराइल बना. वे स्वतः इसराइल के नागरिक बन गए और उस समय इसराइल की आबादी में उनकी हिस्सेदारी क़रीब आधी थी. यहूदी नागरिकों के उलट, इसराइल के अरब नागरिकों को 1966 तक सैन्य शासन के अधीन रखा गया था.''

''एक साल बाद, इसराइल ने पूर्वी यरुशलम को अपने में मिला लिया और वहाँ रहने वाले लाखों अरब लोगों को इसराइली नागरिकता की पेशकश की, लेकिन उनमें से अधिकांश ने इसे स्वीकार नहीं किया. संयुक्त राष्ट्र इस क्षेत्र को क़ब्ज़े वाला फ़लस्तीनी क्षेत्र मानता है. आज वहाँ रहने वाले अरब लोगों की गिनती इसराइल और फ़लस्तीन, दोनों की जनगणनाओं में होती है और उनमें से बहुत कम लोग इसराइल के नागरिक हैं.''

इसराइली अख़बार यरुशलम पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है, ''अरब नागरिक इसराइल की आबादी का 21 प्रतिशत और मतदान के योग्य लोगों का क़रीब 17 प्रतिशत हैं. उनकी चुनावी क्षमता अहम है. सही परिस्थितियों में अरब मतदाता यह तय कर सकते हैं कि अगली सरकार किस राजनीतिक गठबंधन की बनेगी.''

आज इसराइल की आबादी का क़रीब 21 प्रतिशत अरब है, यानी लगभग 20 लाख लोग. इनमें पूर्वी यरुशलम में रहने वाले कुछ लाख लोगों को छोड़कर सभी इसराइल के नागरिक हैं. पूर्वी यरुशलम के ये लोग स्थायी निवासी हैं और इस दर्जे के तहत उन्हें नागरिकों की तुलना में कम अधिकार हासिल हैं. अरब नागरिकों में बहुसंख्यक सुन्नी मुसलमान हैं.

हालांकि बड़ी संख्या में ईसाई और द्रूज समुदाय के लोग भी हैं. द्रूज समुदाय के लोग अपेक्षाकृत अधिक संख्या में अपनी पहचान इसराइली के रूप में स्वीकार करते हैं.

इन लोगों का इतिहास, संस्कृति और पारिवारिक संबंध वेस्ट बैंक, ग़ज़ा और पूर्वी यरुशलम में रहने वाले फ़लस्तीनी अरबों के साथ-साथ जॉर्डन, लेबनान, सीरिया और अन्य देशों में रहने वाले फ़लस्तीनी प्रवासी समुदायों से जुड़े हैं.

इसराइली सरकार के दस्तावेज़ और मीडिया अरब नागरिकों को "अरब" या "इसराइली अरब" कहते हैं और कुछ अरब लोग भी अपने लिए इन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. ग्लोबल न्यूज़ मीडिया भी आमतौर पर इसी तरह की शब्दावली का इस्तेमाल करता है, ताकि इन लोगों को फ़लस्तीनी क्षेत्रों में रहने वाले अरबों से अलग किया जा सके.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

शॉर्ट वीडियो का अंत

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

About Ajay Tiwari

Senior Editorial writer covering tech innovations, space exploration, and emerging digital trends. Delivering deep analytical insights for premium global readers.

Comments ()

LIVE
चीन को प्रमुख वैश्विक बाजार बनाना • एक लाख से कम में 125cc की दमदार पांच बाइक्स: रोजाना इस्तेमाल के लिए किसमें मिलेगा ज्यादा माइलेज? देखें लिस्ट • एग्जिट पोल में कोई बहुमत नहीं, नेतन्याहू ने अरब पार्टियों से गठबंधन का विरोध किया • दिवाली में घर की सीढ़ियों को सजाने के 10 किफायती आइडिया • सेना के ड्रोन हमले में बाजार पर 100 से अधिक लोगों की मौत, मानवाधिकार संगठन ने जताई गहरी चिंता • MLC मतगणना में बवाल, BJP और SP कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट • बिहार सरकार ने घोषणा की: ई-चालान न भरने पर गाड़ियाँ ब्लैकलिस्ट, ऑनलाइन सेवाएँ रुकेंगी • अर्नब चक्रवात का असर यूपी में 28‑31 अक्टूबर तक, सरकार ने अलर्ट जारी • बीजेपी विधायक के '18 में से 10 को खरीद लिया' वाले बयान पर कांग्रेस ने निशाना साधा • साइबर जासूसी नेटवर्क का खुलासा, पाकिस्तानी हैंडलर्स को ओटीपी भेजने के आरोप में दो गिरफ्तार • इज़राइल में रिकॉर्ड मतदान के बीच एग्ज़िट पोल ने नेतन्याहू की पार्टी की स्थिति पर प्रकाश डाला • अतिथि शिक्षकों को अनुभव नहीं मिलेगा, पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में, कोच्चि में WPL 2027 मिनी नीलामी आज शाम • किशोरी पर दुष्कर्म के आरोप में 25 वर्षीय युवक का मस्तिष्क 7.5 साल के बच्चे जैसा पाया गया • विधान परिषद चुनाव मतगणना लाइव: कर्नाटक में भाजपा ने धारवाड़ एमएलसी सीट पर जीत दर्ज की • अखिलेश सिंह ने भाजपा पर आक्रमण: PDA में 'A' के बाद अब अग्रवाल, राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट से मांग • जब किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो सरकार कैसे बनती है? • शादी से पहले परिवार पर आई काली छाया • आईआईटी पटना की छात्राएँ बनाई एआई आधारित ट्रैफिक समाधान, प्रतियोगिता में प्रथम स्थान • चीन में फूटा एआई का बुलबुला: चार महीने में 40 लाख करोड़ हुए स्वाहा, टेक कंपनियों की दहाड़ क्यों हुई कम? • काजी तौकीर ने बिग बॉस में अरिजीत सिंह के सफर की सराहना की • लैंडफॉल के बाद उत्तर भारत तक पहुंचने की राह • 21‑साल की हनुमान अंश की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने यूके में इकोनॉमिक्स की ग्रेजुएशन पूरी की • सरकार गठन में अरब पार्टियों की अहमियत बढ़ी, क्या यहूदी पार्टियां लेंगी समर्थन? • बबीता जी का 21 साल बाद का ट्रांसफ़ॉर्मेशन: मुनमुन दत्ता ने दिखाया नया लुक • 1979 से ईरान‑अमेरिका संघर्ष जारी, वेनेजुएला बन सकता है 51वाँ राज्य; तेल का जिक्र • रणबीर कपूर के ‘रामायण’ में आवाज़ और डायलेक्ट पर काम • चार दिन बाद श्रद्धा दुबे से मिले तनवीर, भावनाओं में फूटते हुए रो पड़े; आमिर अभी भी लापता, खातों की जांच जारी • अयोध्या में साझा रामलीला: हिंदू‑मुस्लिम कलाकारों की छह दशक पुरानी परंपरा • बिहार दरोगा भर्ती में प्रश्नपत्र लीक, केंद्राधीक्षक और कर्मचारी के बीच मिलीभगत के आरोप • आगरा के शिक्षक ने एमएलसी चुनाव में जीत पाई: डॉ. आकाश अग्रवाल को मिला प्रमाणपत्र • दिवाली पर पुराने सोफे को नया रूप दें: 6 आसान टिप्स • बिहार में ट्रक ने टेंपो को रौंदा, चार की मौत; परिवार शादी से लौट रहा था • शिल्पा शेट्टी की प्रशंसा, सलमान अली‑दानिश की जुगलबंदी ने मचाया धूम • बिहार शिक्षक चुनाव में बड़े बदलाव, सभी चार सीटों पर incumbent MLC हारें • अमेरिकी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर साइबर हमला: सिस्टम बंद, मध्यावधि चुनाव पर संभावित असर • अर्नब साइक्लोन का लैंडफॉल: ओडिशा‑अंध्र में तेज हवाएँ, भारी बारिश और घरों में पानी • जियो लिस्टिंग से पहले शेयर बाजार में धक्का, सेंसेक्स‑निफ्टी में तेज़ गिरावट • सुरेश प्रसाद राय ने दरभंगा शिक्षक सीट पर 324 मतों के अंतर से जीत, वचन दिया शिक्षकों की सेवा में समर्पित • एलडीए ने भूखंड खरीद नियम बदले: एक व्यक्ति अब दो भूखंड ले सकता है • चीन को प्रमुख वैश्विक बाजार बनाना • एक लाख से कम में 125cc की दमदार पांच बाइक्स: रोजाना इस्तेमाल के लिए किसमें मिलेगा ज्यादा माइलेज? देखें लिस्ट • एग्जिट पोल में कोई बहुमत नहीं, नेतन्याहू ने अरब पार्टियों से गठबंधन का विरोध किया • दिवाली में घर की सीढ़ियों को सजाने के 10 किफायती आइडिया • सेना के ड्रोन हमले में बाजार पर 100 से अधिक लोगों की मौत, मानवाधिकार संगठन ने जताई गहरी चिंता • MLC मतगणना में बवाल, BJP और SP कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट • बिहार सरकार ने घोषणा की: ई-चालान न भरने पर गाड़ियाँ ब्लैकलिस्ट, ऑनलाइन सेवाएँ रुकेंगी • अर्नब चक्रवात का असर यूपी में 28‑31 अक्टूबर तक, सरकार ने अलर्ट जारी • बीजेपी विधायक के '18 में से 10 को खरीद लिया' वाले बयान पर कांग्रेस ने निशाना साधा • साइबर जासूसी नेटवर्क का खुलासा, पाकिस्तानी हैंडलर्स को ओटीपी भेजने के आरोप में दो गिरफ्तार • इज़राइल में रिकॉर्ड मतदान के बीच एग्ज़िट पोल ने नेतन्याहू की पार्टी की स्थिति पर प्रकाश डाला • अतिथि शिक्षकों को अनुभव नहीं मिलेगा, पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में, कोच्चि में WPL 2027 मिनी नीलामी आज शाम • किशोरी पर दुष्कर्म के आरोप में 25 वर्षीय युवक का मस्तिष्क 7.5 साल के बच्चे जैसा पाया गया • विधान परिषद चुनाव मतगणना लाइव: कर्नाटक में भाजपा ने धारवाड़ एमएलसी सीट पर जीत दर्ज की • अखिलेश सिंह ने भाजपा पर आक्रमण: PDA में 'A' के बाद अब अग्रवाल, राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट से मांग • जब किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तो सरकार कैसे बनती है? • शादी से पहले परिवार पर आई काली छाया • आईआईटी पटना की छात्राएँ बनाई एआई आधारित ट्रैफिक समाधान, प्रतियोगिता में प्रथम स्थान • चीन में फूटा एआई का बुलबुला: चार महीने में 40 लाख करोड़ हुए स्वाहा, टेक कंपनियों की दहाड़ क्यों हुई कम? • काजी तौकीर ने बिग बॉस में अरिजीत सिंह के सफर की सराहना की • लैंडफॉल के बाद उत्तर भारत तक पहुंचने की राह • 21‑साल की हनुमान अंश की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने यूके में इकोनॉमिक्स की ग्रेजुएशन पूरी की • सरकार गठन में अरब पार्टियों की अहमियत बढ़ी, क्या यहूदी पार्टियां लेंगी समर्थन? • बबीता जी का 21 साल बाद का ट्रांसफ़ॉर्मेशन: मुनमुन दत्ता ने दिखाया नया लुक • 1979 से ईरान‑अमेरिका संघर्ष जारी, वेनेजुएला बन सकता है 51वाँ राज्य; तेल का जिक्र • रणबीर कपूर के ‘रामायण’ में आवाज़ और डायलेक्ट पर काम • चार दिन बाद श्रद्धा दुबे से मिले तनवीर, भावनाओं में फूटते हुए रो पड़े; आमिर अभी भी लापता, खातों की जांच जारी • अयोध्या में साझा रामलीला: हिंदू‑मुस्लिम कलाकारों की छह दशक पुरानी परंपरा • बिहार दरोगा भर्ती में प्रश्नपत्र लीक, केंद्राधीक्षक और कर्मचारी के बीच मिलीभगत के आरोप • आगरा के शिक्षक ने एमएलसी चुनाव में जीत पाई: डॉ. आकाश अग्रवाल को मिला प्रमाणपत्र • दिवाली पर पुराने सोफे को नया रूप दें: 6 आसान टिप्स • बिहार में ट्रक ने टेंपो को रौंदा, चार की मौत; परिवार शादी से लौट रहा था • शिल्पा शेट्टी की प्रशंसा, सलमान अली‑दानिश की जुगलबंदी ने मचाया धूम • बिहार शिक्षक चुनाव में बड़े बदलाव, सभी चार सीटों पर incumbent MLC हारें • अमेरिकी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर साइबर हमला: सिस्टम बंद, मध्यावधि चुनाव पर संभावित असर • अर्नब साइक्लोन का लैंडफॉल: ओडिशा‑अंध्र में तेज हवाएँ, भारी बारिश और घरों में पानी • जियो लिस्टिंग से पहले शेयर बाजार में धक्का, सेंसेक्स‑निफ्टी में तेज़ गिरावट • सुरेश प्रसाद राय ने दरभंगा शिक्षक सीट पर 324 मतों के अंतर से जीत, वचन दिया शिक्षकों की सेवा में समर्पित • एलडीए ने भूखंड खरीद नियम बदले: एक व्यक्ति अब दो भूखंड ले सकता है •