उत्तर प्रदेश के कानपुर में अरबपति कारोबारी विनीत मनोच के कत्ल के वक्त उनकी बहू शालू पार्टी में जश्न मना रही थी। विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच ने ससुर के कत्ल की सुपारी देने के आरोप में शालू के गिरफ्तार होने के तीसरे दिन बुधवार को चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, जिस वक्त कारोबारी की हत्या उनके ही घर में नौकरों के जरिए की जा रही थी, उसी वक्त कथित मास्टरमाइंड बहू शालू पार्टी में अपने दोस्तों के साथ कॉस्मोजिन लाउंज में डांस कर रही थी।
पुलिस जांच के अनुसार, शालू कथित तौर पर हत्या की प्लानिंग करने के बाद घर से निकली थी। आरोप है कि इसके बाद वह फोन के जरिए हत्यारों के संपर्क में रही और उन्हें हत्या के दौरान गाइड करती रही। हालांकि इसकी पुष्टि पुलिस नहीं कर रही है। पुलिस अब पार्टी की टाइमलाइन, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और आरोपियों के बीच हुई बातचीत को जांच का अहम हिस्सा मान रही है। यानी एक तरफ घर में करोड़पति कारोबारी की हत्या की जा रही थी और दूसरी तरफ उसी परिवार की बहू पार्टी में दोस्तों के साथ डांस कर रही थी।
पुलिस ने सोमवार को दवा कारोबारी हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि अपनी बहू ने ही उनकी हत्या कराई थी। पुलिस के मुताबिक बहू ने ही पूर्व कर्मचारी को छह लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस की पूछताछ में बहू टूट गई और हत्या कराने की बात कुबूल कर ली। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों सुपारी किलर भी जेल भेज दिए गए हैं लेकिन मामले की जांच अब भी जारी है। पुलिस इस घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच-पड़ताल कर यह सुनिश्चित कर लेना चाहती है कि कहीं इसमें कोई और भी तो शामिल नहीं था।
दवा कारोबारी की सुपारी लेने वाले हत्यारोपियों ने वारदात से जुड़े कई खुलासे किए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक वे बहू शालू के कमरे में छिपे रहे और दरवाजे का हैंडल पकड़कर दराज से विनीत मिनोचा का इंतजार करते रहे। सवा घंटे बाद विनीत पहुंचे तो वह उनके सोने का इंतजार करने लगे। इसी बीच विनीत बहू के कमरे में पहुंचे और बत्ती जला दी तो उनका आमना सामना हो गया ओर प्लान बी के तहत चाकू घोंपकर मार डाला। सुपारी किलर विशाल गौतम ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उन्होंने हत्या के लिए दो प्लान बनाए थे। प्लान ए के फेल होने पर प्लान बी पर काम करना था। इसीलिए वह लोग चाकू लेकर गए थे।
सुपारी किलर ने पुलिस को जो वारदात की जो कहानी सुनायी उसके मुताबिक 9:36 बजे शालू अपने पति सुब्रत और बेटे श्रीजय के साथ निकल गई। उसके आठ मिनट बाद 9:44 बजे दोनों फ्लैट में डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोलकर दाखिल हुए। प्लान ए के तहत वह सीधे शालू के कमरे में पहुंच गए और विनीत मिनोचा के आने का इंतजार करने लगे। दोनों ने पुलिस को बताया कि इस दौरान वह हल्का सा दरवाजा खोलकर उसकी आड़ से बाहर पूरी नजर रखे थे। कमरे की लाइट बंद कर दी थी। करीब 74 मिनट बाद दवा कारोबारी विनीत फ्लैट का दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुए। उन्होंने कपड़े बदले और खाना खाया। इसके बाद फ्रिज से मिठाई खायी और पानी पिया। चूंकि शालू के कमरे का दरवाजा हल्का सा खुला था इसलिए दवा कारोबारी को बिल्ली का अंदेशा हुआ। वह शालू के कमरे में पहुंचे और लाइट जला दी।
दोनों को देखकर विनीत ने पूछा..तुम यहां क्या कर रहे हो। तभी विशाल ने चाकू से विनीत पर एक के बाद एक कई वार कर दिए। हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि दरवाजे का हैंडल इसलिए पकड़कर खड़े थे क्योंकि उन्हें डर था कहीं विनीत मिनोचा बाहर से दरवाजा बंद न कर दें। अन्यथा दोनों अंदर ही कैद हो जाते। विनीत गिरे तो उनकी दिल की धड़कन चेक की। जिसके बाद दोनों बाहर निकले और विपरीत दिशा में अलग-अलग गए और पार्क के रास्ते दीवार फांदकर बाहर निकल गए।
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