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गयाजी जिले के डोभी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय बेहराडीह की प्रभारी प्रधानाध्यापिका गुड्डी कुमारी ने अपने संघर्ष, नवाचार और समर्पण से शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल पेश की है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उनके प्रयासों को देखते हुए उनका चयन राजकीय शिक्षा सम्मान-2026 के लिए किया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को पटना में आयोजित राजकीय समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
संघर्षों के बीच बदली स्कूल की तस्वीर गुड्डी कुमारी वर्ष 2007 से मध्य विद्यालय बेहराडीह में कार्यरत हैं। जब उन्होंने विद्यालय में योगदान दिया था, तब स्कूल के पास अपना भवन तक नहीं था। सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और विद्यालय के विकास के लिए लगातार प्रयास करती रहीं।
उनके प्रयासों से विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं का विकास हुआ और भवन निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी। उन्होंने स्कूल में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के साथ विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया।
खेल-खेल में पढ़ाई और नए प्रयोगों से बदली शिक्षा की तस्वीर गुड्डी कुमारी ने बच्चों की पढ़ाई को आसान और रुचिकर बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए। उन्होंने खेल आधारित गतिविधियों, टीएलएम (शिक्षण सहायक सामग्री) के निर्माण और रचनात्मक शिक्षण पद्धति को अपनाया।
उनका मानना है कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर देना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यालय में कई शैक्षणिक प्रयोग किए, जिसका विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता पर सकारात्मक असर पड़ा।
कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के लिए मिलेगा सम्मान राजकीय शिक्षक सम्मान के लिए उनके चयन में नवाचारपूर्ण शिक्षण कार्य, बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रयास, कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के प्रति समर्पण को प्रमुख आधार बनाया गया है। इससे पहले भी गुड्डी कुमारी को अपर मुख्य सचिव की ओर से टीचर ऑफ द मंथ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
सम्मान को बताया पूरे शिक्षक समाज की उपलब्धि राजकीय शिक्षक सम्मान के लिए चयन की घोषणा के बाद गुड्डी कुमारी ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उन सभी शिक्षकों का सम्मान है, जिन्होंने उन्हें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित करेगा। ये भी पढ़ें- बिहार में बाढ़ की स्थिति: पटना को बचाने वाली ढाल का क्या है हाल, गंगा के कहर से बचाएगी या नहीं?
विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल गुड्डी कुमारी के चयन की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में खुशी की लहर है। ग्रामीण क्षेत्र के एक विद्यालय को नई पहचान दिलाने वाली गुड्डी कुमारी की यात्रा दूसरे शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायक बन गई है।
शिक्षिका गुड्डी कुमारी एक समूह चित्र में स्कूली बच्चों के साथ।
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