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बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच सोमवार तड़के जमींदारी बांध टूट गया। झमटिया के पास करीब 30 मीटर की लंबाई में बांध टूटने के बाद तेज धार के साथ पानी रानी-1, रानी-2 और रानी-3 पंचायतों की ओर फैलने लगा। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में कृषि भूमि जलमग्न हो गई और कई जगहों पर बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। अचानक आई इस स्थिति से इलाके में अफरातफरी मच गई। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर बांध की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करने में जुट गई हैं।
तड़के तीन से चार बजे के बीच टूटा बांध
बताया गया कि सोमवार तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच झमटिया के समीप जमींदारी बांध टूट गया। बांध टूटते ही पानी तेज धार के साथ आसपास के इलाकों में फैलने लगा। सबसे पहले इसका असर रानी-1, रानी-2 और रानी-3 पंचायतों में दिखाई दिया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
बांध टूटने की जानकारी मिलते ही बछवाड़ा सीओ प्रीतम कुमार गौतम, बीडीओ डॉ. अमित कुमार, जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार, जेई और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की देखरेख में टूटे बांध की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करने का काम शुरू कराया गया। जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर लगातार निगरानी कर रही है।
रात में हुई थी बांध की पेट्रोलिंग
जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि रात करीब 12 से एक बजे के बीच विभागीय टीम ने बांध की पेट्रोलिंग की थी। इसके बाद करीब तीन बजे बांध के कमजोर होने और पानी का दबाव बढ़ने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद बांध के टूटे हिस्से को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया।
खेतों में घुसा पानी, घरों पर भी संकट
बांध टूटने से रानी-1 पंचायत की बड़ी मात्रा में कृषि भूमि में लगी फसलें पानी में डूब गईं। वहीं रानी-2 पंचायत के कई खेत भी जलमग्न हो गए। रानी-3 पंचायत में स्थिति और गंभीर बताई जा रही है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। इसके बाद ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पानी का बहाव काफी तेज है और लगातार नए टोले-मोहल्लों की ओर बढ़ रहा है। इससे रानी-3 समेत आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर जलजमाव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण बांध की जल्द से जल्द मरम्मत कर पानी के बहाव को रोकने की मांग कर रहे हैं।
मरम्मत में जुटी विभागीय टीम
एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि टूटे बांध की मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है। विभाग की ओर से एक से दो घंटे के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे।
प्रभावित इलाकों में भय का माहौल
बांध टूटने के बाद रानी-1, रानी-2 और रानी-3 पंचायतों समेत आसपास के इलाकों में ग्रामीणों के बीच भय का माहौल है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से सुरक्षित स्थान पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है। फिलहाल विभाग की प्राथमिकता टूटे बांध की मरम्मत कर पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करना और प्रभावित इलाकों में स्थिति को सामान्य करना है।
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