UP News: यूपी के कानपुर से छात्रा का नहाते हुए अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का शर्मनाक मामला सामने आया है। पिता की मौत के बाद उनके जिस दोस्त को छात्रा अंकल कहती थी और भरोसा करती थी, वही इस घिनौनी हरकत कर डाली। वीडियो उसके पिता के दोस्त ने ही बनाया और दूसरे नंबर से भेजकर छात्रा को परेशान करता रहा। उससे 15 हजार रुपये और एक सोने की चेन भी हड़प ली।
अंकल ने बाद में वीडियो डिलीट करवाने के नाम पर उसे मदद का भरोसा दिया और अपनी बेटी की उम्र की पीड़िता पर शादी का दबाव बनाने लगा। उसकी पोल तब खुली जब छात्रा ने परिजनों की मदद से उसे मिलने बुलाया और पकड़ लिया। तब पता चला कि वीडियो खुद उसी ने बनाया था। परिजनों का आरोप है कि चमनगंज थाने में आरोपी को सौंपने के बाद भी पुलिस ने उसे छोड़ दिया और उन पर ही मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर समझौता करा दिया। शनिवार छात्रा ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर शिकायत की तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, एसीपी सीसामऊ को दरोगा की भूमिका की जांच सौंपी गई है।
चमनगंज की रहने वाली युवती के अनुसार जुलाई में उसके पास एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप पर मैसेज आया। उसका नहाते हुए वीडियो भेजकर इसे वायरल करने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये की मांग की गई। लोकलाज के डर से उसने बताई जगह पर 15 हजार रुपये और एक सोने की चेन रख दी। पीड़िता के मुताबिक कुछ दिन बाद उसके पिता के मित्र फोन कर बताया कि उसका वीडियो वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह आरोपी से मिलकर वीडियो डिलीट करा देंगे। कुछ समय बाद अंकल ने बताया कि आरोपित वीडियो डिलीट करने के नाम पर दो लाख रुपये मांग रहा है।
दोनों के बीच इस मामले को लेकर कई बार फोन पर बात हुई। इसी दौरान अंकल किस देने और शादी करने का दबाव बनाने लगे। पीड़िता के मुताबिक परेशान होकर उसने परिवार को जानकारी दी। 12 अगस्त को वह परिजनों के साथ ब्लैकमेलर से मिलने पहुंची। मोतीझील में मिले तो अंकल अकेले आए। परिजनों ने उनसे पूछताछ की तो पता चला कि घर आने के दौरान उन्होंने ही वीडियो बना लिया था और ब्लैकमेल कर रहे थे। परिवार के लोगों ने अंकल को पकड़कर चमनगंज पुलिस के हवाले किया।
छात्रा ने बताया कि जनवरी में पिता की मौत हो गई थी। सहानुभूति के नाम पर अंकल घर आने लगे और नहाते हुए वीडियो बना लिया। अंकल को पकड़कर चमनगंज थाने ले गए। जहां आरोपित के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस उनके परिवार को ही धमकाने लगी। पुलिस ने उनके परिवार पर मुकदमा दर्ज करने की बात कहकर जबरन समझौता करा दिया। वहीं, इस मामले में डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जा रही है। वहीं मामले में प्रभारी पर आरोप लगाए गए हैं। उनकी भूमिका की जांच एसीपी सीसामऊ प्रगति यादव करेंगी। अगर जांच में उनके खिलाफ साक्ष्य मिलते हैं तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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