लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में पिछले दो दिनों से मचे बवाल के बीच दो वीडियो अब पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम हिस्सा बनकर सामने आए हैं। पहले वीडियो में गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राएं साफ तौर पर कहती दिखाई देती हैं कि उनके कमरे में ऐसा कुछ नहीं हुआ और उन्हें परेशान न किया जाए। लेकिन इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में उन्हीं छात्राओं की ओर से कहा गया कि उन्हें पहले ही बताया गया था कि वीडियो में क्या कहना है और उनके बयान का इस्तेमाल उनकी जानकारी या सहमति के बिना किया गया। इन दोनों वीडियो ने पहले से चल रही अफवाहों और आरोपों के बीच कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। .metering_wall_container {min-height:58px;max-height:58px;position:relative;transition:max-height 0.5s ease-in-out;}
पहला वीडियो आया तो लगा विवाद खत्म हो जाएगा छात्रों के प्रदर्शन और कथित दुष्कर्म की अफवाहों के बीच विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने एक वीडियो जारी किया। इसमें कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं को सामने लाया गया। विश्वविद्यालय की ओर से इन छात्राओं के बयान को इस बात के समर्थन में रखा गया कि जिस कमरे को लेकर दुष्कर्म की चर्चा चल रही है, वहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई।
क्या है पहले वीडियो में पहली छात्रा ने कहा कि वे कमरा नंबर 504 में रहने वाली छात्राएं हैं और उनके कमरे में ऐसा कुछ नहीं हुआ। उसने यह भी कहा कि वे पिछले दो महीने से वहां रह रही हैं और पुलिस और छात्रों से उन्हें परेशान नहीं करने की अपील की। दूसरी छात्रा ने भी कहा कि वे पूरे दिन परेशान रही हैं और आगे परेशानी होने पर अपने माता-पिता को बुलाने की बात कही। तीसरी छात्रा ने पुलिस से भी बार-बार कमरे में आने से रोकने की अपील की। वीडियो के अंत में विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार ने प्रदर्शन और अशांति को झूठी और मनगढ़ंत अफवाहों से जोड़ते हुए इसे विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश बताया।
लेकिन दूसरे वीडियो ने पूरी कहानी फिर पलट दी… पहले वीडियो के बाद मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया। उन्हीं तीन छात्राओं का एक दूसरा वीडियो सामने आया। इसमें एक छात्रा ने कहा कि प्रशासन की ओर से उन्हें रिकॉर्डिंग करने और कुछ विशेष बातें कहने के लिए कहा गया था। उसके मुताबिक, उन्हें यह कहने के लिए कहा गया था कि छात्र और दूसरे लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो का एक हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया और इसके लिए उनकी सहमति नहीं ली गई।
'पूरे मामले में हमारा कोई लेना-देना नहीं' दूसरी छात्रा ने कहा कि इस पूरे मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है और अचानक उनके कमरे को चुनकर उसका नाम सामने ला दिया गया। उसने भी लोगों से उन्हें अकेला छोड़ने की अपील की। दोनों वीडियो को साथ रखकर देखें तो घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि पहले वीडियो में छात्राएं जिस तरह कमरे में किसी घटना से इनकार करती नजर आती हैं, बाद के वीडियो में वही छात्राएं रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया और अपने बयान के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाती दिखाई देती हैं।
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