पाकिस्तान ने आज कहा कि हूती समूह पर किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई पर अभी कोई चर्चा नहीं हो रही है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा पहले मक्का डिफेंस पैक्ट को सक्रिय करने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब इस्लामाबाद ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "अभी ऐसी किसी चीज़ पर चर्चा नहीं हो रही है। सही समय आने पर हम समझौते के तहत कार्रवाई करेंगे।"
पाकिस्तान की यह रुख बदलने की वजह यह है कि वह खुद को एक ऐसे संघर्ष में फँसा देख रहा है, जहाँ अगला मोर्चा सीधे ईरान तक पहुँच सकता है। हूती विद्रोहियों ने हाल ही में सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों में एयरबेस और तेल सुविधाओं को निशाना बनाया, जिससे 73 लोगों को चोटें आईं। इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन में हवाई हमले तेज कर दिए।
मक्का डिफेंस पैक्ट, जो पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच का रक्षा समझौता है, के तहत किसी भी सदस्य पर सशस्त्र हमला बाकी दो देशों के खिलाफ भी माना जाएगा। इस समझौते की ताकत दिखाते हुए पाकिस्तान ने पहले हूती समूह को चेतावनी दी थी, पर अब वह इस पर कोई सैन्य प्रतिक्रिया नहीं दे रहा।
पाकिस्तान की स्थिति और जटिल हो गई है क्योंकि वह ईरान‑अमेरिका तनाव में मध्यस्थ बना हुआ है, जबकि हूती समूह को ईरान का समर्थन मिला हुआ है। यदि पाकिस्तान हूती पर हमला करता है तो वह न केवल सैन्य नुकसान उठाएगा, बल्कि ईरान के भरोसे को भी खो सकता है।
पाकिस्तान ने ईरान को भी अपील की है कि वह हूती समूह को सऊदी अरब पर हमले रोकने के लिए नियंत्रित करे, पर तेहरान ने कहा कि वह हूती को नियंत्रित नहीं करता।
हूती समूह ने अब लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह मोखा में प्रवेश किया है, जहाँ यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का कब्ज़ा था। यदि यह पुष्टि हो जाती है, तो मानवीय सहायता और खाद्य आपूर्ति के लिए एक और महत्वपूर्ण एंट्री पॉइंट खतरे में पड़ जाएगा, जिससे शिपिंग पर दबाव बढ़ेगा।
यमन के गृह युद्ध में हूती समूह ने सऊदी‑समर्थित सेना के कई ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे कई लोग घायल हुए। सऊदी अरब ने जवाब में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इस बीच, पाकिस्तान ने ईरान से हूती को नियंत्रित करने की अपील की थी, जिससे मक्का डिफेंस पैक्ट को सक्रिय करने की संभावनाएं कम हो गईं।
यमन के पश्चिमी प्रांत ताइज़ में भी लड़ाई जारी है। विद्रोहियों ने अल‑शकीरा इलाके पर कब्ज़ा कर लिया है, जो ताइज़ और देश के अंदरूनी क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक अहम सप्लाई रूट है। यमन की सरकारी सेना ने इस क्षेत्र में हूती के खिलाफ हवाई हमले किए हैं।
हूती‑नियंत्रित अल‑मसीराह टीवी ने दावा किया कि सऊदी‑समर्थित सेना ने ताइज़, जफ़, होदेइदा और मारिब प्रांतों में 40 हवाई हमले किए हैं। यह स्थिति क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा रही है, जबकि पाकिस्तान ने अब तक कोई स्पष्ट सैन्य कदम नहीं उठाया है।
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