बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह गया जिला प्रभारी विजय कुमार सिन्हा सोमवार को गया पहुंचे और 25 सितंबर से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद फल्गु नदी के देवघाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बार पितृपक्ष मेला नए उत्साह, सनातन संस्कृति की पवित्रता और बेहतर सेवा भाव के साथ आयोजित होगा।
विष्णुपद मंदिर में की पूजा, देवघाट का लिया जायजा सोमवार को गयाजी पहुंचे कृषि मंत्री एवं जिला प्रभारी विजय कुमार सिन्हा सबसे पहले भगवान विष्णु की नगरी विष्णुपद मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे फल्गु नदी के देवघाट पहुंचे, जहां पितृपक्ष मेले को लेकर चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश भी दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा में नहीं रहेगी कोई कमी निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 25 सितंबर से शुरू होने वाला पितृपक्ष मेला पूरी श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति के संस्कारों के साथ आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पितरों की तृप्ति के लिए गयाजी आते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा, सुरक्षा और सेवा में किसी तरह की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। शासन, प्रशासन, स्थानीय लोग और धर्म कार्य से जुड़े सभी लोग पूरी निष्ठा और सेवा भाव से जुटे हुए हैं।
पुराने अनुभवों से बेहतर होगी व्यवस्था उन्होंने कहा कि मेले की तैयारियों को लेकर बैठक की जा रही है और पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर मिले सुझावों को गंभीरता से लागू किया जाएगा। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पहले से ही सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। समय रहते की गई तैयारी ही बेहतर सेवा का संदेश देती है और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करती है।
विरासत के साथ विकास की सोच पर काम कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विरासत के साथ विकास की सोच को आगे बढ़ाते हुए गयाजी की धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सेवा अभियान के तहत यह प्रयास है कि हर श्रद्धालु को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी किसी प्रकार की कमी या परेशानी सामने आती है तो जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
जिला प्रभारी के रूप में वे स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना था कि पितृपक्ष मेला केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे बिहार की सेवा और अतिथि सत्कार की पहचान बनेगा, जहां हर बिहारी श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पूरी तत्परता के साथ खड़ा रहेगा।
गयाजी के विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए कृषि मंत्री विजय सिन्हा।
गयाजी के विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद पितृपक्ष मेले की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए।
पितृपक्ष मेले की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए कृषि मंत्री विजय सिन्हा।
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