मेरठ के हस्तिनापुर के नितिन नागर हत्याकांड में आक्रोशित परिजनों ने शनिवार को दिन निकलते ही गणेशपुर तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। जमकर हंगामा किया और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की। आरोपियों के घर बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की गई। राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी मौके पर पहुंच गए। करीब छह घंटे हंगामे के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के घर बुलडोजर एक्शन कराया। वहीं, तीन आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस को अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद महापंचायत का ऐलान किया जाएगा।
हस्तिनापुर थाने से 500 मीटर दूर ही शुक्रवार शाम को नितिन नागर और प्रिंस पर कुछ हमलावरों ने गोलीबारी की थी। वारदात में नितिन को गोली लगी और उनकी मौत हो गई थी। देररात ही पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। शनिवार सुबह करीब 7.30 बजे ही लोगों ने नितिन का शव गणेशपुर तिराहे पर रखकर हंगामा कर जाम लगा दिया। सैकड़ों आक्रोशित लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दी।
मामले के तूल पकड़ते देख भारी पुलिस बल आरोपियों के घरों पर बुलडोजर लेकर पहुंच गया। सबसे पहले जे ब्लॉक निवासी मुख्य आरोपी सत्या उर्फ मिट्ठू पुत्र विवेक वर्धन उर्फ पिंकी चौधरी के मकान पर कार्रवाई की गई। लोगों ने ताला तोड़कर अंदर बंधे मवेशियों को बाहर निकाला। इसके बाद बुलडोजर से मकान की ऊपरी मंजिल और रेलिंग को ध्वस्त कर दिया गया। इसके तुरंत टीम पाली गांव पहुंची और आरोपी उत्सव के मकान पर बुलडोजर चलाया। वहीं, रानी नंगला गांव पहुंच तीसरे आरोपी गोल्डी के ठिकाने पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई।
आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई की सचना मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा कुछ शांत हुआ। सुबह सात बजे से लगा जाम लगभग छह घंटे की भारी मशक्कत के बाद दोपहर में खुला। इसके बाद परिजन और ग्रामीण शव गांव लेकर पहुंचे। दोपहर बाद हस्तिनापुर स्थित श्मशान में पुलिस सुरक्षा के बीच गमगीन माहौल में नितिन का अंतिम संस्कार किया गया। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
नितिन नागर हत्याकांड में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। चार दिन पहले हुए विवाद में पुलिस ने ही थाने में दोनों पक्ष का समझौता कराया था। इस दौरान कार्रवाई की होती तो संभवत: नितिन की जान बच जाती। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में इलाके में गुर्जर बिरादरी में आक्रोश फैला हुआ है और तनातनी की स्थिति बनी हुई है।
दरअसल, चार दिन पहले प्रिंस और दूसरे पक्ष के बीच विवाद के बाद थाने पर शिकायत हुई थी। दोनों पक्ष के लोग थाने में बुलाए गए थे। बैठक में ही आरोप लगाया गया था कि दूसरे पक्ष ने गोली मारने की धमकी दी है। इसके बावजूद कोई एक्शन नहीं हुआ। बैठकर बातचीत कराई गई और प्रकरण में समझौता करा दिया गया। जाने पुलिस पर कौन सा दबाव था? वहीं, समझौता होने के बावजूद आरोपी युवकों ने प्रिंस और नितिन से बदला लेने की प्लानिंग की और शुक्रवार शाम को दोनों पर हमला कर दिया। इसी हमले में नितिन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस सीधे तौर पर इस हत्या के लिए जिम्मेदार है। इसी को लेकर एसएसपी ने जांच का आदेश दिया था। सीओ मवाना को थाना पुलिस के खिलाफ जांच दी गई है। जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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