भारत में आयोजित दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स समिट के पहले दिन में कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए। AI, क्रॉस‑बॉर्डर पेमेंट, एकतरफा प्रतिबंध और यूएन सुरक्षा परिषद सुधार सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय बैठक की। दोनों ने "ग्रेटर BRICS सहयोग" के तहत उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करने की बात दोहराई और एक‑दूसरे की ताकतों से सीखने का इरादा जताया।
समिट के दौरान जारी नई दिल्ली घोषणा में सदस्य देशों ने संघर्ष रोकने, कूटनीति के जरिए अंतर्राष्ट्रीय विवादों को सुलझाने और सभी देशों के दृष्टिकोण का सम्मान करने पर ज़ोर दिया। साथ ही एकतरफा टैरिफ़ और गैर‑टैरिफ़ उपायों को WTO नियमों के खिलाफ बताया गया। घोषणा में सीमा‑पार आतंकवाद, उसकी फंडिंग और आतंकियों को सुरक्षित आश्रय जैसी चुनौतियों से निपटने का संकल्प भी दोहराया गया।
घोषणा में 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू‑कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की अपील दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ की स्थिति पर प्रकाश डाला, कहा कि वह सबसे अधिक संकटों का सामना कर रहा है लेकिन निर्णय‑निर्माण में पीछे है। उन्होंने AI, साइबरस्पेस, आउटर स्पेस, बायोटेक्नोलॉजी और क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज को भविष्य के अवसरों के साथ वैश्विक नियम तय करने वाले क्षेत्रों के रूप में बताया और ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
BRICS घोषणापत्र में एकतरफा आर्थिक और सेकेंडरी प्रतिबंधों की निंदा की गई, यह बताया गया कि ऐसे कदम विकास, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और मानवाधिकारों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। टैरिफ़, नॉन‑टैरिफ़ बाधाओं और अन्य संरक्षणवादी उपायों पर भी चिंता व्यक्त की गई।
सभी सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार का समर्थन किया। नई दिल्ली घोषणा में ब्राजील और भारत की बड़ी भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए चीन‑रूस की सराहना भी की गई।
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग पर शी जिनपिंग ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह संघर्ष क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान पहुँचा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुकूल नहीं है।
श्री जिनपिंग ने घोषणा की कि चीन 2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और 19वां ब्रिक्स समिट अपनी मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि चीन मिडिल ईस्ट और गल्फ क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा।
समिट के दौरान क्रॉस‑बॉर्डर पेमेंट को तेज, सुरक्षित और आसान बनाने हेतु स्थानीय मुद्रा और डिजिटल करेंसी के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को सुदृढ़ करने की बात दोहराई, यह कहा कि ब्रिक्स के मंच पर सहयोगी दृष्टिकोण से ही विश्व चुनौतियों का समाधान संभव है।
नई दिल्ली घोषणा में ग्लोबल साउथ की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए AI के विकास को सुरक्षित, भरोसेमंद और समावेशी बनाने की दिशा में सहयोग पर बल दिया गया।
समिट के प्रथम दिन प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स नेताओं के लिए एक गाला डिनर का आयोजन किया। मेहमानों को पारंपरिक भारतीय व्यंजन और मिलेट‑आधारित स्वादिष्ट पकवान परोसे गए।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!