बिहार के समस्तीपुर में 25 वर्षीया नेहा झा को शराब तस्करी के आरोप में पकड़ा गया, जिससे परिवार के पुराने तस्करी नेटवर्क पर रोशनी पड़ी।
नेहा, जो मॉडल जैसी दिखती हैं, एसी फर्स्ट क्लास में यात्रा कर रही थीं। उनके सूटकेस में ब्रांडेड विदेशी शराब की बोतलें भरी पाई गईं, परंतु समस्तीपुर स्टेशन पर आरपीएफ और सीआईबी की छापेमारी ने पूरी कहानी उजागर कर दी।
मामला 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से जुड़ा है, जो नई दिल्ली से जयनगर जा रहा था। ट्रेन पहुँचते ही आरपीएफ और सीआईबी ने एसी फर्स्ट क्लास के एच‑1 कोच पर छापेमारी की, जहाँ दरवाजा बंद था। अंदर नेहा झा अपने जीजा ईशान कुमार के साथ पाई गईं।
जांच के दौरान नेहा ने आत्मविश्वास दिखाया और टीम से बहस भी शुरू कर दी। आरपीएफ ने पूरी कार्रवाई का वीडियो रिकॉर्ड किया। पता चला कि नेहा बिना टिकट एसी फर्स्ट में यात्रा कर रही थीं, जबकि सीट उनके जीजा के नाम पर बुक थी, परंतु उसके पास भी टिकट नहीं था। दोनों को हिरासत में लेकर जीआरपी के हवाले कर दिया गया।
नेहा समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता संजय झा पहले खेती‑बाड़ी करते थे, पर बाद में शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हो कर जेल भेजे गए।
पिता के जेल जाने के बाद परिवार के तस्करी नेटवर्क की कमान कथित तौर पर बड़ी बेटी निशु झा ने संभाली। 30 नवंबर 2025 को निशु को 21 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया, जिससे परिवार का सिलसिला फिर से उजागर हुआ।
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि नेहा मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के नाम से दरभंगा में डॉक्टरों और कुछ रसूखदार लोगों तक ब्रांडेड शराब पहुँचाती थीं। यह दावे की पूरी तस्वीर जांच के आगे बढ़ने पर स्पष्ट होगी।
पुलिस और जांच एजेंसियाँ अब सिर्फ ट्रेन में पकड़ी गई शराब तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। फोकस यह है कि शराब कहाँ से आती थी, इसे किन लोगों तक पहुँचाया जाता था और इस नेटवर्क में और कौन‑कौन शामिल हैं।
नेहा चार बहनों में सबसे छोटी हैं। बड़ी बहन अंशु झा की शादी हरियाणा निवासी ईशान कुमार से हुई है, वही जीजा नेहा के साथ ट्रेन में थे। दूसरी बहन निशु जेल गई, तीसरी बहन अंजू झा दरभंगा के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करती हैं।
नेहा के दो भाई भी हैं। छोटा भाई गाँव में रहकर मैट्रिक पढ़ रहा है, जबकि बड़ा भाई इंटर पास करने के बाद नीट की तैयारी कर रहा था, पर सफलता न मिलने पर नशे की लत का शिकार हो गया और वर्तमान में नशामुक्ति केंद्र में इलाज चल रहा है। नेहा ने दरभंगा के केएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।
इस पूरे मामले में परिवार में शराब तस्करी का सिलसिला एक पीढ़ी से दूसरी बेटी तक पहुंचता दिखाई देता है। पिता जेल, बड़ी बेटी निशु गिरफ्तार, अब छोटी बेटी नेहा भी पकड़ी गई, और जीजा भी पुलिस कार्रवाई के घेरे में आ गया।
25 वर्ष की उम्र का यह संयोग भी चर्चा में है। नेहा के 25 साल की उम्र में शराब के साथ पकड़े जाने के बाद इस संयोग की भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है, परंतु इसे मात्र संयोग ही माना जा सकता है।
पुलिस अभी भी परिवार के तस्करी नेटवर्क की पूरी परतें उजागर करने की कोशिश कर रही है, और यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह नेटवर्क लंबे समय से संगठित तरीके से चल रहा था।
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