मॉस्को पुलिस के उत्पीड़न के शिकार कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता पत्नी स्नेहा और छह साल के बेटे के साथ गुरुवार रात कानपुर लौट आए। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में चंदन ने कहा- 48 घंटे रूसी पुलिस की कस्टडी में नर्क की तरह गुजरे। स्नेहा ने कहा कि कम्पनी साथ न देती और वहां का जज सच्चाई को न समझ पाता तो चंदन के साथ कुछ भी हो सकता था। अब हम लोग कभी रूस नहीं जाएंगे।
बता दें कि शनिवार को मॉस्को में रह रहे कानपुर के इंजीनियर चंदन को मॉस्को पुलिस ने उठा लिया था। पत्नी स्नेहा ने वीडियो जारी कर भारत व उप्र सरकार, सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद मांगी थी। चंदन ने बताया- मैं नोएडा की एक कंपनी के मॉस्को ऑफिस में काम करता था। शनिवार रात दोस्त आशीष व एक अन्य सहकर्मी के साथ डिनर के बाद टहलने निकला था। हमने कीव्स स्काई स्थित होटल में भोजन किया। फिर मेट्रो पकड़ी और क्रैमलिन पहुंचे। वहां से टहलते हुए हैंगिंग ब्रिज, रेड स्क्वायर होते हुए कितईगार्ड मेट्रो स्टेशन पहुंच रहे थे। जहां पुलिस ने मुझे और आशीष को पकड़ लिया।
सहकर्मी मित्र थोड़ा दूर था, तो वो बच गया। पुलिस ने मेरे और आशीष के हाथ आपस में बांध दिए। कार में डालकर डेढ़ घंटे तक सड़क में घुमाते रहे। फिर बॉन्सकायर पुलिस स्टेशन ले गए। जहां एम्बुलेंस में तोड़फोड़ का आरोप लगाया। मोबाइल,दस्तावेज जब्त कर लिए। मेरी जेब में दूसरा फोन बच गया था। उससे कम्पनी और सहकर्मी मित्र को लोकेशन भेज दी। बाद में पुलिस ने कैमरे में वो फोन देखा और छीन लिया।
बकौल चंदन सुबह चार बजे पुलिस एक किशोर को पकड़कर थाने लाई। उससे चंदन ने इशारे से फोन मांगा। आशीष को कैमरे के सामने खड़ा किया। तब पत्नी स्नेहा को कॉल कर सूचना दी।
चंदन ने कहा, हम पर एम्बुलेंस तोड़ने का आरोप लगाया गया। वहां पर कदम-कदम पर हाई रेजुलेशन कैमरे लगे हैं। फिर भी वे कोर्ट में तोड़फोड़ की एक भी फुटेज नहीं पेश कर सके।
चंदन और स्नेहा के मुताबिक कंपनी ने बड़ी मदद की। वकील और दुभाषिया की व्यवस्था की। जब पुलिस पर थोड़ा दबाव बना तो उन्होंने जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए। न करने की सूरत में 5-6 मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। कोर्ट में पेश किया। जज ने मामला समझ लिया। उन्होंने कागज देखकर चंदन से पूछा कि उसे मालूम है कि इसमें क्या लिखा है। जवाब मिला कि रूसी भाषा नहीं आती। पुलिस ने जबरन कराया है। जज ने पुलिस को बहुत डांट लगाई और फिर चंदन को छोड़ने के आदेश दिए।
स्नेहा कहती है पुलिस ने एक प्रोटोकॉल पर भी धमकी देकर हस्ताक्षर कराए। जिसमें लिखा था कि मैं जानता हूं कि मैने उल्लंघन किया है और दोबारा ऐसा नहीं करूंगा। तब सोमवार को दोनों को पुलिस ने छोड़ा। इसके बाद चंदन और स्नेहा ने बुधवार रात नौ बजे मॉस्को से दिल्ली की फ्लाइट ली और गुरुवार को वो दिल्ली से बाई रोड कानपुर आ गए हैं। चंदन के मुताबिक अब वो दोबारा रूस नहीं जाएंगे। एडवोकेट स्नेहा गुप्ता ने इस पूरे प्रकरण को लेकर एक वीडियो इंस्टाग्राम के जरिए वायरल किया। उनका कहना है कि वीडियो को डिलीट करने के लिए दबाव बनाया गया। उनके पति को नशे की हालत में एम्बुलेंस पर पथराव करने का आरोपी बताया गया। यह सब गलत था।
सोमवार को जब चंदन को मॉस्को में पुलिस ने छोड़ा उसके एक घंटे बाद ही विदेश मंत्रालय के अधिकारी चंदन के कानपुर स्थित घर पर पहुंच गए। चंदन के मुताबिक अधिकारियों ने उनके पिता से बातचीत कर पूरी डीटेल हासिल कर ली इसके बाद वो चले गए।
स्नेहा गुप्ता और चंदन गुप्ता ने एक दूसरे से मैरिज साइट के जरिए मिले थे। स्नेहा के मुताबिक फिर दोनों के परिवार मिले और तब सारी बातचीत होने के बाद सन 2014 में शादी हुई थी। स्नेहा ने बताया कि चंदन ने बीटेक के बाद दिल्ली से एमटेक की पढ़ाई पूरी की और वर्तमान में वो एमबीए फाइनल इयर पूरा करने वाले हैं। इधर स्नेहा ने एडवोकेट की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीएड की पढ़ाई भी पूरी की है। वो कहती है कि सन 2014 में चंदन दुबई में नौकरी करते थे। उसके बाद वो अहमदाबाद आए। फिर सन 2021 में रूस और सन 2022 की शुरुआत में नासिक में नौकरी की। इसके बाद 2022 में ही दोबारा रूस पहुंचे और कम्पनी में डीजीएम के तौर पर कार्य शुरू किया था। हाई क्वालीफाइड वीजा पर परिवार गया था।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!