देवघर से गयाजी आ रहे एक परिवार के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का सफर उस समय दर्दनाक हो गया, जब गर्म पानी से भरा डिस्पोजेबल गिलास फट गया। परिवार का आरोप है कि ट्रेन में सर्विस अटेंडेंट ने फूटा हुआ डिस्पोजेबल गिलास दिया था। जैसे ही उसमें गर्म पानी डाला गया, गिलास फट गया और खौलता पानी गोद में बैठे एक साल के बच्चे के पैर पर गिर गया। हादसे में बच्चे का पैर झुलस गया। परिवार ने मामले की शिकायत रेल मदद पोर्टल पर दर्ज कराते हुए जांच और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फूटा गिलास फटने से बच्चे पर गिरा खौलता पानी
घटना गुरुवार को ट्रेन संख्या 22499 वंदे भारत एक्सप्रेस में हुई। मध्यप्रदेश के देवास निवासी विनायक राव जाधव अपने परिवार के साथ देवघर से गयाजी लौट रहे थे। यात्रा के दौरान ट्रेन में यात्रियों को जलपान परोसा जा रहा था। इसी दौरान परिवार को गर्म पानी दिया गया। परिवार का आरोप है कि सर्विस अटेंडेंट ने फूटा हुआ डिस्पोजेबल गिलास थमा दिया। गिलास में जैसे ही गर्म पानी डाला गया, वह फट गया और खौलता पानी गोद में बैठे एक साल के बच्चे के पैर पर गिर गया।
गर्म पानी गिरते ही डिब्बे में मची अफरातफरी
गर्म पानी गिरते ही बच्चा दर्द से रोने लगा। हादसे के बाद ट्रेन के डिब्बे में अफरातफरी का माहौल हो गया। बच्चे के साथ सफर कर रहे दीपांशु जाधव ने बताया कि पानी इतना गर्म था कि बच्चे का पैर बुरी तरह झुलस गया। परिवार ने तुरंत ट्रेन में मौजूद कर्मचारियों से मदद मांगी।
अटेंडेंट से आई-कार्ड मांगा, नहीं दिखाने का आरोप
परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद उन्होंने सर्विस अटेंडेंट से उसका पहचान पत्र यानी आई-कार्ड दिखाने को कहा, लेकिन उसने आई-कार्ड नहीं दिखाया। इसके बाद परिवार ने मैनेजर अंकित कुमार को मौके पर बुलाया। परिवार का कहना है कि मैनेजर भी घटना को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और न ही मौके पर कोई ठोस कार्रवाई की गई।
रेल मदद पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
हादसे के बाद परिवार ने रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पूरे मामले की जांच कराने, जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की गई है। परिवार ने सवाल उठाया कि गर्म पानी डिस्पोजेबल गिलास में क्यों दिया गया और बिना पहचान पत्र के कर्मचारी यात्रियों को सेवा कैसे दे रहे थे।
नवादा में मिला प्राथमिक उपचार, गया में मांगा डॉक्टर
दीपांशु जाधव ने बताया कि नवादा में बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन इससे उसे राहत नहीं मिली। इसके बाद परिवार ने गया स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों से बच्चे के लिए डॉक्टर उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। बाद में उप स्टेशन प्रबंधक ने परिवार को रेलवे अस्पताल जाने की सलाह दी और इसके लिए पर्ची उपलब्ध कराई। इसके बाद परिवार बच्चे को इलाज के लिए रेलवे अस्पताल लेकर रवाना हुआ।
रेलवे अधिकारी बोले- बच्चे के इलाज की व्यवस्था की जा रही
उप स्टेशन प्रबंधक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि घायल बच्चे के इलाज के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, परिवार का कहना है कि रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद खबर लिखे जाने तक उन्हें मामले को लेकर कोई जवाब नहीं मिला था।
वंदे भारत की खानपान सेवा और सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को दी जाने वाली खानपान सेवा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार का कहना है कि अगर गर्म पानी सुरक्षित तरीके से परोसा जाता और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होती तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
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