मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद कानपुर नगर निगम में बड़ी कार्रवाई की गई है। सभी ठेकेदारों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन के लिए गठित की गई समिति निरस्त कर दी गई है जिसमें एक अधिशासी अभियंता के साथ महापौर प्रमिला पांडेय द्वारा नामित दो पार्षद भी हुआ करते थे। इसके साथ ही हॉट मिक्स प्लांट से हो रहे सभी ठेकों की सूक्ष्म जांच की जा रही है।
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि जांच सघन स्तर पर हो रही है। फाइलों की पूरी पड़ताल हो रही है। जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे उनमें से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। हॉट मिक्स प्लांट से हो रहे कार्यों पर सबसे ज्यादा नजर है। नगर आयुक्त आयुक्त के इस बयान के बाद नगर निगम में खलबली मच गई है। बताते चलें कि 500 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की फाइलों की जांच हो रही है।
सीएम ने तीन दिन पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग में मंडलायुक्त से पूछा था कि कानपुर नगर निगम में क्या हो रहा है? किसी के नाम से कैसे टैक्स वसूला जा रहा है और ठेकेदारी में माफियागिरी कैसे चल रही है? उन्होंने इस पर तत्काल अंकुश लगाने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। तभी से सरकारी मशीनरी में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस कमिश्नर अलग मामलों की जांच करा रहे हैं। खुफिया विभाग अलग जानकारी जुटाकर शासन को रिपोर्ट भेज रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती का ऐसा असर दिखा कि नगर निगम परिसर में सन्नाटा पसर गया। सारे अधिकारी नगर आयुक्त कार्यालय की जगह उनके कैंप ऑफिस में ही दिख रहे थे।
सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवरों का पंद्रह घंटे में ही भारी असर दिखने लगा था। जहां रविवार को छुट्टी के दिन भी नगर निगम का दफ्तर खोलकर फाइलें खंगाली गईं, वहीं पंद्रहवें वित्त आयोग के मद से बड़े ठेके लेने वाले ठेकेदारों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। फिलहाल सात फर्मों को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जुर्माना लगाने के भी आदेश दिए हैं।
बता दें कि नगर निगम में सफेदपोश टेंडर माफिया सक्रिय होने की शिकायतों के बाद शनिवार को सीएम ने सख्त नाराजगी के साथ कार्रवाई को कहा था। बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात से ही छापेमारी की तैयारी कर ली गई थी। रविवार की सुबह से शुरू हुई छापेमारी में हॉट मिक्स प्लांट से सड़कें बनाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का भी खुलासा हुआ। मिलीभगत करके ठेका लेने वाले ठेकेदारों में से सभी ने यही दर्शाया था कि उनके पास हॉट मिक्स प्लांट है, मगर छापेमारी में ज्यादातर के पास प्लांट नहीं मिला। सड़क बनाने के लिए जरूरी मशीनें भी नहीं मिलीं, जिन्हें दर्शाया गया था। नगर आयुक्त के निर्देश पर अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने जोनल अभियंताओं के साथ छापेमारी की। जहां सड़कें बनाने का दावा किया जा रहा था, वहां भी इंजीनियरों की टीम पहुंची और एक-एक सामान चेक किया। सड़कें बनाने में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के भी मामले छापे में उजागर हुए। भौंती में सबसे बड़ी छापेमारी की गई जहां हॉट मिक्स प्लांट एसोसिएशन के बड़े पदाधिकारी की फर्म का प्लांट था। यहां भी आवश्यक उपकरण नहीं मिले। यही ठेकेदार नगर निगम में वसूली का सूत्रधार बताया जा रहा है।
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