सीवान के गोरेयाकोठी में अनीश कुमार को उसके दोस्त विराट कुमार ने घर बुलाकर गोली मार दी। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद निर्दोष लोगों को फंसाने की साजिश भी रची गई। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
बिहार के सीवान जिले के गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, जिस दोस्त पर भरोसा कर अनीश कुमार उसके घर पहुंचा था, उसी ने उसे गोली मार दी। इतना ही नहीं, घटना के बाद कुछ निर्दोष लोगों को इस मामले में फंसाने की कथित साजिश भी रची गई थी। घायल युवक के दोबारा दर्ज कराए गए बयान के बाद पुलिस के सामने पूरी घटना की अलग कहानी सामने आई। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले का खुलासा महाराजगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमन ने गोरेयाकोठी थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान किया।
मुस्तफाबाद में हुई थी गोलीबारी दरअसल, बीते 1 नवंबर को दिन में करीब 11 बजे गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद में गोलीबारी की सूचना पुलिस को मिली थी। भगोता निवासी मनमोहन सिंह ने थानाध्यक्ष को मोबाइल फोन पर सूचना दी थी कि कृष्णा यादव, हरिकिशोर प्रसाद, संतलाल प्रसाद समेत अन्य लोगों ने उन पर गोली चलाई है। इस दौरान उनके भांजे के दोस्त अनीश कुमार को भी गोली लग गई है।
दोबारा बयान में सामने आई अलग कहानी पुलिस के अनुसार, घायल युवक के परिजनों के पटना पहुंचने के बाद एम्स में उसका फर्द बयान दर्ज किया गया। शुरुआत में युवक काफी डरा-सहमा था और घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। इसके बाद पुलिस ने मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच शुरू की।
घायल युवक का दोबारा बयान दर्ज किए जाने पर शुरुआती कहानी से बिल्कुल अलग घटनाक्रम सामने आया। अनीश कुमार ने बताया कि उसका दोस्त विराट कुमार, पिता सर्वेश्वर सिंह, निवासी छितौली, उसे अपने घर लेकर गया था। वहां पहुंचने के बाद उस पर गोली चलाई गई।
आरोप है कि पहली गोली उसके सिर को निशाना बनाकर चलाई गई थी, लेकिन वह झुक गया, जिससे गोली उसे नहीं लगी। इसके बाद दूसरी गोली उसके सीने में मार दी गई। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
दूसरे लोगों को फंसाने की भी रची गई थी साजिश पुलिस के मुताबिक, घटना के समय विराट कुमार के अलावा मनमोहन सिंह भी मौके पर मौजूद थे। घायल अनीश ने अपने बयान में आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह ने उसे निर्देश दिया था कि घटना के संबंध में जिन लोगों के नाम बताए जा रहे हैं, उन्हीं का नाम लेना है और किसी दूसरे व्यक्ति का नाम नहीं बताना है। इस तरह शुरुआती सूचना में जिन लोगों पर गोलीबारी का आरोप लगाया गया था, जांच के दौरान मामला बिल्कुल अलग दिशा में जाता दिखाई दिया। पुलिस ने घायल के बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की।
तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए पुलिस जांच में इस मामले में विराट कुमार, मनमोहन सिंह और समसूल मंसूरी की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस संबंध में गोरेयाकोठी थाना कांड संख्या 276/2026 दर्ज है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
थानाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह की रही अहम भूमिका इस मामले के उद्भेदन में गोरेयाकोठी थानाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह की अहम भूमिका रही। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने घायल युवक के बयान और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की। इस अभियान में थाने के अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान भी शामिल रहे।
प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ अमन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस की कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया। पुलिस के इस खुलासे के बाद गोलीकांड ने नया मोड़ ले लिया है। जिस घटना को शुरुआत में कुछ अन्य लोगों के साथ हुए विवाद और गोलीबारी के रूप में पेश किया गया था, जांच में उसके पीछे अलग ही कहानी सामने आई है।
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