इस सड़क पर पैदल चलने में परेशानी होने लगी है। वाहन वाले भी संभल कर ड्राइव कर रहे हैं। रविवार को नाथनगर के समीप दोगच्छी में बाढ़ का पानी नवनिर्मित मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क पर चढ़ गया है। इससे भागलपुर से सुल्तानगंज जाने में कठिनाई होने लगी है। बाढ़ का पानी करीब 50 गांव-टोले जाने वाली सड़क पर चढ़ गया। इससे ग्रामीण क्षेत्र में बाढ़ विकराल होती जा रही है।
सबौर प्रखंड क्षेत्र के ममलखा गांव के समीप ग्रामीण बांध शनिवार की देर रात्रि लगभग एक बजे कट गया। इसके बाद गंगा का पानी ममलखा गांव में तेजी से फैला गया। रविवार सुबह लोग अपने-अपने सामान को निकालकर भागे। स्कूल में पानी घुसने से काफी दिक्कत हो गई। शिक्षकों ने स्कूल के महत्वपूर्ण सामान को सुरक्षित जगहों पर रखा। स्कूल परिसर में कमर भर पानी है। अकबरनगर के श्रीरामपुर में रिंगबांध पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है।
इधर, शहरी क्षेत्र में आधा दर्जन मोहल्ले में पानी भरना शुरू हो गया है। बरारी, आदमपुर से लेकर चंपा नाला तक जलस्तर बढ़ गया है। विश्वविद्यालय परिसर में पानी फैल गया है। पानी मुख्य गेट के पास आ गया है। यहां सोमवार सुबह से नाव चलाने की तैयारी है। साहेबगंज मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी आ गया है। बूढ़ानाथ मंदिर के नीचे मसानी काली स्थान का मैदान तालाब बन गया है। बच्चे जलक्रीड़ा करने लगे हैं। नया बाजार से सखीचंद घाट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी आ गया है। उधर, नगर निगम क्षेत्र के वार्ड चार स्थित चंपानगर के अहमदनगर में बाढ़ का पानी घुसने से कई पावरलूम डूब गए। सीएमएस स्कूल के पास गेट तक पानी आ गया। पानी में स्कूल भवन का प्रतिबिंब दिखने लगा है।
मोहिउद्दीननगर प्रखंड में गंगा और वाया नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है। प्रखंड की 11 पंचायतें जलमग्न हैं और करीब 25 हजार आबादी छतों, ऊंचे स्थानों और सड़कों पर तिरपाल लगाकर रहने को मजबूर है। दियारांचल के 200 से अधिक गांवों में 4 से 5 फीट तक पानी भरा है। कई परिवार सरैसा की ओर पलायन कर चुके हैं। पशुपालक भी मवेशियों के साथ सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं। छोटकी दुबहा गांव में तेज बहाव में दर्जनों फूस के घर बह गए।
ग्रामीणों के समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाने से बड़ी घटना टल गई। चापर, आनंदगोलवा, बदिया, बाकरपुर, हसनपुर, रजैसी, मरगंगपार, सुल्तानपुर, उदहापार, जगीरा, हरपुर मोहनपुर, बोचहा और हजरतपुर समेत कई गांवों का संपर्क प्रभावित है। जल संसाधन विभाग ने जलस्तर में और वृद्धि की चेतावनी देते हुए माइकिंग कराई है। तेतारपुर पंचायत के धर्मपुर स्थित दुर्गा मंदिर के पास हाजीपुर-बाजीतपुर रिंग बांध पर पानी का दबाव बढ़ने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे बाढ़ नियंत्रण विभाग के कर्मियों ने बालू और मिट्टी से भरे बोरे डालकर कमजोर हिस्से की मरम्मत की।
बांग्लापर बोचहा में दर्जनों घरों में पानी घुसने से लोग छतों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। पूर्व अधिकारी दिनबंधु सिंह ने प्रशासन से तत्काल नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। हरैल पंचायत के चापर गांव में 200 से अधिक घरों में 4 से 5 फीट पानी है। करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित है। ग्रामीण राजीव कुमार सिंह ने सामुदायिक किचेन शुरू कराने की मांग की है।
मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड में बाढ़ से जनजीवन के साथ शैक्षणिक गतिविधियां और पशुपालन भी प्रभावित हुआ है। मोहिउद्दीननगर के 123 विद्यालयों में से आधे से अधिक बाढ़ की चपेट में हैं। बीईओ सृष्टि सागर के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 48 से अधिक विद्यालयों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जबकि 10 में पठन-पाठन स्थगित है।
मोहनपुर की धरनीपट्टी पश्चिमी, बघड़ा, दक्षिणी डुमरी, राजपुर जौनापुर, विशनपुर बेरी और जलालपुर पंचायतों में पानी फैलने से सैकड़ों पशुपालक विस्थापित हैं। वॉटरवेज बांध पर शरण लिए किसानों के अनुसार, भुसकारों में पानी घुसने से पशु चारे की किल्लत हो गई है। बाजार में भूसा 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है और चोकर भी महंगा हो गया है। आवागमन बंद होने और आर्थिक तंगी के कारण पशुपालक मजबूरी में औने-पौने दाम पर दूध बेच रहे हैं।
दलसिंहसराय प्रमंडल के सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार, सरारी कैंप स्थल पर गंगा का जलस्तर 48.20 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 45.50 मीटर से 2.70 मीटर ऊपर है। अंचलाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है और प्रभावित लोगों के बीच पॉलीथिन शीट का वितरण किया जा रहा है।
विद्यापतिनगर की चार पंचायतों में गंगा और वाया नदी के उफान को देखते हुए अंचल प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिया है। सीओ कुमार हर्ष के अनुसार, शेरपुर, मऊ धनेशपुर दक्षिण, बाल कृष्णपुर मरवा और बाजिदपुर में कुल 11 स्थानों पर रविवार शाम से सामुदायिक किचेन शुरू किए गए हैं। प्रभावित इलाकों में आवागमन के लिए 30 सरकारी नावें चलाई जा रही हैं।
पीड़ितों के बीच 2600 पॉलीथिन शीट और 40 क्विंटल पशु चारा बांटा गया है। पीने के पानी के लिए टैंकर, ठहराव स्थलों पर अस्थायी शौचालय और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। बीईओ डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बाद मिडिल स्कूल शेरपुर दियारा, उत्क्रमित मिडिल स्कूल मऊ दियारा, मिडिल स्कूल चमथा, प्राथमिक विद्यालय हरिजन टोल और बोचहा ग्वाल टोल को बंद कर दिया गया है।
शाहपुर पटोरी के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत मटिऔर गांव में पुलिया नंबर आठ के समीप गंगा के दबाव से निर्माणाधीन बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया। सूचना पर निर्माण कंपनी की टीम ने लोहे की चादरों और गार्टर की मदद से कटाव को नियंत्रित किया। हालांकि सड़क पर पानी का दबाव बना हुआ है, जिससे इस मार्ग पर परिचालन खतरनाक हो गया है।
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