यमन के ताइज प्रांत में हूती विद्रोहियों और सऊदी‑समर्थित सरकारी बलों के बीच झड़पें फिर से तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में हूती समूह ने ड्रोन स्वार्म का इस्तेमाल कर कई सैन्य ठिकानों पर बमबारी की, जिससे टैंकों और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुँचा। सैनिक कवर लेने को मजबूर दिखे।
हूती बल ताइज शहर की घेराबंदी को और कसते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। 2022 के युद्धविराम के टूटने के बाद यह संघर्ष एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। हूती लंबे समय से सस्ते और प्रभावी ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बम ले जाकर सैन्य पोजीशन, वाहनों और सैनिकों के जमावड़ों पर गिराए जाते हैं।
ताइज के कई मोर्चों पर ऐसे हमले दर्ज हुए हैं। सऊदी‑समर्थित बलों में यमनी आर्मी और स्थानीय प्रतिरोध समूह शामिल हैं, जो इन ड्रोन बमबारी, आर्टिलरी, कात्युशा रॉकेट और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ सामना कर रहे हैं। विस्फोटों से टैंक और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं, और सरकारी बलों को पीछे हटना या बचाव की मुद्रा अपनानी पड़ रही है।
ताइज, जो यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर है, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। हूती ने शहर को लगभग घेर लिया है और आपूर्ति मार्ग काट दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि नागरिकों के लिए भोजन, ईंधन और दवाइयों की कमी गंभीर हो गई है, जबकि कई इलाकों में गोलाबारी से नागरिक हताहत हुए हैं।
यमन का गृहयुद्ध 2014 से चल रहा है। हूती को ईरान‑समर्थित माना जाता है, जबकि सरकार को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन मिला है। 2022 के युद्धविराम के बाद सापेक्ष शांति थी, पर 2026 में सना एयरपोर्ट पर हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई ने संघर्ष को फिर से भड़काया। हूती सऊदी अरब के भीतर भी ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं, जिससे सऊदी गठबंधन ने हवाई हमले तीव्र कर दिए हैं।
ताइज मोर्चे पर दोनों पक्ष भारी नुकसान की रिपोर्ट कर रहे हैं। सरकारी बल दावा करते हैं कि उन्होंने कई हूती हमलों को विफल किया और दर्जनों लड़ाकों को मार गिराया, जबकि हूती भी अपनी सफलताओं का इशारा कर रहे हैं। सच्चाई मैदान में ही तय होगी।
लड़ाई का सबसे बड़ा शिकार आम नागरिक हैं। घर नष्ट हो रहे हैं, परिवार विस्थापित हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूह हूती की घेराबंदी खोलने की अपील कर रहे हैं। आपूर्ति न पहुंचने से कीमतें आसमान छू रही हैं, और यदि संघर्ष लंबा खिंचा रहा तो ताइज में मानवीय तबाही बढ़ सकती है।
यह संघर्ष रेड सी की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को भी प्रभावित कर रहा है। ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने आधुनिक युद्ध की तस्वीर बदल दी है; छोटे और सस्ते ड्रोन बड़े सैन्य बल को चुनौती दे सकते हैं। ताइज की लड़ाई इस नई वास्तविकता का स्पष्ट उदाहरण है। दोनों पक्षों को बातचीत का रास्ता अपनाना होगा, नहीं तो यमन की पीड़ा और बढ़ेगी।
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