TBZ (Tribhovandas Bhimji Zaveri) के शेयरों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। GRT ज्वैलर्स द्वारा TBZ में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव के बाद निवेशकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई है। सोमवार के ₹304.45 के बंद भाव से बुधवार सुबह करीब 9:25 बजे तक TBZ का शेयर बढ़कर ₹423 पर पहुंच गया, यानी सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 38.9% चढ़ चुका है। बुधवार को शेयर 16.11% की तेजी के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में ₹423 तक पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को भी TBZ में जोरदार खरीदारी हुई थी और शेयर ₹366.80 के अपर सर्किट पर बंद हुआ था। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह GRT ज्वैलर्स की TBZ के अधिग्रहण की घोषणा है। डील के तहत GRT ज्वैलर्स TBZ के प्रमोटर्स की पूरी हिस्सेदारी खरीदने जा रहा है। GRT करीब 4.95 करोड़ शेयर, यानी TBZ की 74.12% वोटिंग कैपिटल, अधिकतम ₹209 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदने की योजना बना रहा है। इस प्रमोटर हिस्सेदारी की डील की अधिकतम कीमत करीब ₹1,033.71 करोड़ है। इसमें जावेरी (Zaveri) परिवार के सदस्य और प्रमोटर ग्रुप की दो कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बेचकर TBZ से बाहर हो जाएंगी।
प्रमोटर हिस्सेदारी खरीदने के साथ GRT ज्वैलर्स को TBZ के बाकी पब्लिक शेयरधारकों के लिए भी ओपन ऑफर लाना होगा। कंपनी ने करीब 1.73 करोड़ शेयर, यानी 25.88% वोटिंग कैपिटल के लिए ₹249.61 प्रति शेयर का ओपन ऑफर प्रस्तावित किया है। अगर पूरा ओपन ऑफर स्वीकार किया जाता है, तो GRT को करीब ₹431.10 करोड़ अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। इस तरह प्रमोटर हिस्सेदारी खरीद और ओपन ऑफर को मिलाकर कुल संभावित डील वैल्यू करीब ₹1,465 करोड़ हो सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि बुधवार को TBZ का शेयर ₹423 पर पहुंच गया, जो ओपन ऑफर के ₹249.61 भाव से करीब 69.5% ज्यादा है। वहीं, प्रमोटर हिस्सेदारी के लिए तय ₹209 प्रति शेयर के मुकाबले बाजार भाव दोगुने से भी ज्यादा है, यानी शेयर बाजार में निवेशक फिलहाल उस कीमत पर भी शेयर खरीदने को तैयार हैं, जो GRT के ओपन ऑफर भाव से काफी ऊपर है। यह तेजी इस उम्मीद को दर्शाती है कि नए प्रमोटर के आने के बाद TBZ के कारोबार और ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं।
अधिग्रहण पूरा होने के बाद GRT ज्वैलर्स TBZ का नया प्रमोटर बन जाएगा और मौजूदा प्रमोटर्स कंपनी से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे। हालांकि, यह डील अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुई है। इसके लिए CCI (Competition Commission of India), कुछ लेंडर्स और अन्य जरूरी शर्तों के तहत मंजूरी हासिल करनी होगी। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल TBZ को डीलिस्ट करने की उसकी कोई योजना नहीं है। अगर डील और ओपन ऑफर के बाद पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25% से नीचे जाती है, तो GRT को तय नियमों के अनुसार इसे फिर से न्यूनतम सीमा तक लाना होगा।
कुल मिलाकर TBZ के शेयर में मौजूदा तेजी के पीछे GRT ज्वैलर्स का अधिग्रहण, नए प्रमोटर को लेकर उम्मीद और कंपनी के भविष्य के कारोबार में संभावित सुधार मुख्य कारण दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मौजूदा बाजार भाव ओपन ऑफर कीमत से काफी ऊपर है और अधिग्रहण अभी नियामकीय मंजूरियों के अधीन है। इसलिए सिर्फ तेजी देखकर निवेश का फैसला करने के बजाय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, डील की शर्तों और आगे के जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।
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