शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर समेत कई जनपदों में आम आदमी के रोजमर्रा के कामकाजों से सीधे जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ ही डीएम व मंडलायुक्त को भी फटकार लगाई थी। इसके साथ ही पुलिस को इस पर नजर रखने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में सोमवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्वोदय नगर स्थित आरटीओ में छापा मारा। एसडीएम सदर, एडीसीपी ऑपरेशन, सेंट्रल जोन की क्राइम ब्रांच, काकादेव पुलिस और रिजर्व पुलिस लाइन समेत 70 पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट पहन आरटीओ के अंदर घुसे और दोनों गेट बंद करवा दिए गए। इसके बाद परिसर के अंदर मौजूद एक-एक व्यक्ति से पूछताछ की गई। इस दौरान एक साथ कई आवेदन लिए लाइन में खड़े संदिग्ध लोगों को पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया।
उन्होंने बताया कि वह ट्रांसपोर्ट कंपनियों के एजेंट हैं, हालांकि पुलिस ने उन्हें गाड़ी में बिठा लिया। इसके बाद पुलिस टीमें कार्यालय के अंदर घुसी। एक-एक कर सभी कार्यालय के दस्तावेज खंगाले। सबसे पहले ड्राइविंग लाइसेंस अनुभाग में अधिकारी पहुंचे। यहां कई ऐसे फॉर्म मिले जो बिना नंबर के इंटरटेन किए गए थे। उसका कारण बाबू नहीं बता सके। इसके बाद पुलिस टीम चालान विभाग, नीलामी टोकन सेक्शन, वाहन ट्रांसफर सेक्शन पहुंचे। यहां रखे दस्तावेज खंगाले गए। इसके बाद एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार का कार्यालय समेत अन्य विभागीय अधिकारियों के कार्यालय उनकी मौजूदगी में चेक किए गए। कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं लेकिन पुलिस इससे इनकार कर रही है। इस संबंध में एडीसीपी ऑपरेशन सुमति सुधाकर रामटेके ने बताया, आरटीओ के दोनों गेट बंद करके जांच पड़ताल की गई है। 15-20 संदिग्धों को पकड़ा गया है। इनमें आरटीओ को कोई कर्मचारी नहीं है। सभी से पूछताछ चल रही है। पूछताछ के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सूत्र बताते हैं कि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जांच के दौरान आरटीओ कर्मियों की जेब और ड्रार में काफी पैसा मिला है। पुलिस ने पूछताछ की तो कर्मचारी जवाब नहीं दे पाए। कई दस्तावेज कोड लिखे हुए थे जिन पर नंबर नहीं था। ऐसे आवेदनों के बारे में भी कर्मचारी उचित उत्तर नहीं दे सके। अब सवाल है कि पुलिस खाली दलालों पर कार्रवाई तक सीमित रहेगी या आरटीओ के कर्मचारियों पर भी कोई कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम सदर अनुभव सिंह, तहसीलदार बिठूर, एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके के साथ सेंट्रल जोन की क्राइम ब्रांच, काकादेव थाना प्रभारी और रिजर्व पुलिस लाइन के पुलिस कर्मी मौजूद थे।
आरटीओ में छापे की भनक लगते ही परिसर के अंदर मौजूद दलाल और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के एजेंट इधर उधर भागने लगे। कई दलाल तो दीवार फांदकर भाग निकले हालांकि इस दौरान कई पुलिस के हत्थे भी चढ़े। जिन्हें पुलिस काकादेव थाने ले गई है।
पुलिस ने छापे की कार्रवाई से पहले आरटीओ के अंदर की स्थिति को ड्रोन से देखा। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे अचानक छापा मारा। इस दौरान पुलिस की पूरी कार्रवाई ड्रोन की निगरानी में चली। कार्यालयों के अंदर हुई जांच पड़ताल की भी वीडियो रिकार्डिंग कराई गई।
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