यमन में ईरान‑समर्थित हूती समूह ने गुरुवार को लाल सागर के तट पर स्थित रणनीतिक बंदरगाह मोखा पर कब्जा कर लिया। यूएई‑समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल तारेक सालेह ने अपने सैनिकों को पीछे हटने का आदेश दिया, लेकिन इस आदेश को लागू करने से पहले ही विरोधी ने एक अनोखा कदम उठाया।
हूती ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से जनरल सालेह की आवाज़ को क्लोन किया और फर्जी ऑडियो जारी कर उनके सैनिकों में भ्रम पैदा किया। इस आवाज़ में सालेह ने अपने जवानों को पीछे हटने का संदेश दिया, जिससे कई इकाइयाँ वास्तविक आदेश को लेकर हिचकिचाने लगीं और मोखा पर उनकी पकड़ कमजोर पड़ गई।
लेफ्टिनेंट जनरल तारेक सालेह पूर्व यमनी राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के भतीजे हैं। उनका दावा है कि हूती ने उनके स्वर को नकली रूप में तैयार कर मनोबल तोड़ने की कोशिश की। मोखा स्थित सेटेलाइट टेलीविजन चैनल अल‑जुमहुरिया ने इस बात की पुष्टि की कि हूती ने इस तरह की साजिश रची।
मोखा लाल सागर‑अदन की खाड़ी‑हिंद महासागर को जोड़ने वाले प्रमुख जलमार्ग पर स्थित है। इस बंदरगाह पर कब्जा होने से बाब‑अल‑मंदेब और होर्मुज जैसे प्रमुख समुद्री चोकपॉइंट्स में रुकावट का जोखिम बढ़ गया है, जिससे विश्व तेल आपूर्ति और एशिया‑यूरोप व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अरबी में सालेह के नाम से प्रसारित ऑडियो में कहा गया: "वीरों, लड़ाई में पासा कभी भी पलट सकता है। आगे बढ़ना या पीछे हटना दोनों की जरूरत होती है। हमारे पास रिज़र्व बल और अतिरिक्त ताकतें मौजूद हैं।" इस रिकॉर्डिंग को यमनी एक्टिविस्ट अदेल अल‑हसनी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। बाशा रिपोर्ट, जो ओपन‑सोर्स इंटेलिजेंस पर काम करती है, ने इस ऑडियो को विश्लेषित कर बताया कि इसका उद्देश्य सैनिकों को आत्मसमर्पण या पीछे हटने के लिए मनाना था।
बाशा रिपोर्ट के अनुसार, 10 सितंबर को दोपहर के करीब, हूती ने पश्चिमी तट पर तैनात सैनिकों को संदेश भेजे, जिसमें हथियार डालने, आत्मसमर्पण करने और घर लौटने की पेशकश की गई। हालांकि इन संदेशों के प्रभाव को स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं किया गया है।
नेशनल रेजिस्टेंस की मिलिट्री मीडिया ने हूती पर सालेह की आवाज़ क्लोन करने का आरोप लगाया, जबकि अल‑जुमहुरिया टीवी ने इसे "जनमत को गुमराह करने और मनोबल पर असर डालने की नाकाम कोशिश" कहा।
ऑडियो विवाद के साथ यह भी उजागर हुआ कि हूती ने एंथ्रोपिक की क्लॉड AI का इस्तेमाल उन्नत हथियारों के सॉफ्टवेयर विकास में किया है। एंथ्रोपिक की 154‑पृष्ठ की थ्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बताया गया कि समूह ने गाइडेड मिसाइल और हाइपरसोनिक प्रोजेक्ट्स के कोड विकसित करने के लिए क्लॉड AI को अपनाया।
रिपोर्ट में आर2000 मिसाइल परिवार का उल्लेख है, जिसमें 2,000 किमी से अधिक रेंज वाली मल्टी‑स्टेज बैलिस्टिक मिसाइल और हाइपरसोनिक‑ग्लाइड वैरिएंट शामिल हैं। यद्यपि एंथ्रोपिक ने सीधे हूती का नाम नहीं लिया, लेकिन विवरण यमन के शिया गुट की ओर इशारा करता है।
मोखा में हुए इस घटनाक्रम ने दिखा दिया कि चप्पल पहनने वाले लड़ाके भी पारंपरिक मैदानी जंग के साथ डिजिटल तकनीक को मिलाकर नई सामरिक चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। AI‑आधारित मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन और उन्नत मिसाइल तकनीक का मिश्रण यमन के युद्ध को एक नई, अधिक जटिल परत दे रहा है, जो न केवल स्थानीय संघर्ष बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है।
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