राम मंदिर के पहले CEO बने एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र देवरिया के भाटपाररानी क्षेत्र के बनकटा ब्लॉक के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं।
उनके CEO नियुक्ति के बाद गांव में जश्न का माहौल बना हुआ है।
चाचा रामप्यारे मिश्रा का परिवार गांव में ही रहता है।
जीतेंद्र मिश्र के कंधों पर राम मंदिर की जिम्मेदारी आने से गांव के लोगों ने देवरिया के लिए गर्व का क्षण बताया।
पैतृक घर पर देर शाम तक परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा, और उत्साही युवाओं ने पटाखे भी फोड़े।
चाचा रामप्यारे मिश्रा ने बताया कि जीतेंद्र बचपन से ही प्रतिभाशाली और अनुशासित थे, और उनमें हमेशा कुछ बड़ा करने का जुनून था, जिससे वे देश की सेवा के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आज श्रीराम मंदिर के CEO जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी मिलना पूरे परिवार, गांव और जिले के लिए गर्व की बात है।
गांव के प्रमुख लोग जैसे कमलदेव मिश्र, भुवनेशर मिश्र, जगदीश मिश्र, कन्हैया मिश्र, बृज बिहारी, संतोष मिश्र, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिनेश मिश्र, मकसूद, वेद प्रकाश मिश्र, विनीत आदि ने इसे गौरव का क्षण बताया।
चचेरे भाई अंकित मिश्र ने कहा कि उन्होंने अपने लक्ष्य और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया, और ग्रामीणों ने बताया कि उनकी नियुक्ति से भोपतपुरा गांव और देवरिया जिले का नाम पूरे देश में रोशन हुआ है।
लगभग पांच साल पहले अपने पिता नथुनी मिश्र की बरखी में जीतेंद्र मिश्र अपनी पत्नी वत्सला मिश्रा और बेटे शांतनु तथा शारण्य के साथ भोपतपुरा आए थे।
चचेरे भाई विनीत मिश्र अंकित बताते हैं कि वे परिवार के सभी कार्यक्रमों में गांव जरूर आते हैं और फोन पर अक्सर बात कर गांव-घर का समाचार लेते रहते हैं।
उनकी बातों में गांव की यादें बसी हैं, और उनके मन में राष्ट्र सेवा के साथ ही सनातन की सेवा का भाव कूटकूट कर भरा है।
मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज से लिपिक के पद से रिटायर्ड चाचा रामप्यारे मिश्र बताते हैं कि जीतेंद्र मिश्र को बचपन से ही विमान उड़ाने का शौक था।
उन्होंने रक्षा अकादमी पुणे, एयर कमांड एंड स्टॉफ कॉलेज, एयर यूनिवर्सिटी और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में पढ़ाई की, और 6 दिसम्बर 1986 को असम के तेजपुर में वायुसेना के लड़ाकू विमान के पायलट ऑफिसर के पद पर नियुक्त हुए।
जीतेंद्र मिश्रा के पिता नथुनी मिश्र दिल्ली यूनिवर्सिटी में कामर्स विषय के प्रोफेसर थे, और उनके दो बेटों में जीतेंद्र सबसे बड़े हैं, जिनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई।
उनके छोटे भाई डॉ. देवेंद्र मिश्रा मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में मैनेजिंग डाइरेक्टर हैं, जबकि उनकी बहन डॉ. वंदना मिश्रा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं।
पिता नथुनी मिश्र का कुछ साल पहले निधन हो गया, जबकि मां सरस्वती देवी 90 साल की हैं।
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