10 अक्टूबर को सुबह 6 बजे दिल्ली में जंतर‑मंतर के पास CJP के बड़े विरोध की तैयारी देखी जा रही थी। दिल्ली पुलिस ने रात से ही वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जंतर‑मंत्र, मंडी हाउस, सुप्रीम कोर्ट और ITO मेट्रो स्टेशन के चारों ओर बैरिकेड लगा दी और सभी प्रवेश‑पथों पर कड़ी जाँच शुरू कर दी।
पोलिस ने पूर्वी बॉर्डर (गाजीपुर) और अपसरा बॉर्डर पर भी भारी बाड़ें लगाई, जिससे उत्तर प्रदेश से दिल्ली में कोई वाहन बिना जाँच के प्रवेश नहीं कर सका। सभी आने‑जाने वाली गाड़ियों की तलाशी ली जा रही थी और संदेहास्पद वाहनों को रैंडमली रोककर जांचा जा रहा था।
सुबह 7:01 बजे चिल्ला बॉर्डर पर भी पुलिस की तगड़ी मौजूदगी रही, जबकि सड़कों पर आम जनता का प्रवाह न्यूनतम था। उसी समय मुंबई से CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के विमान के आगमन की खबर मिली।
पुलिस ने RAF के जवानों को फिरोज़ शाह रोड और मंडी हाउस के पास तैनात कर अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी। जंतर‑मंत्र के निकट धौला कुआँ के पास वाहन जाँच केंद्र स्थापित किया गया, जहाँ ड्राइवरों से यात्रा का उद्देश्य पूछकर अनुमति दी जा रही थी।
जंतर‑मंत्र की निगरानी के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ड्रोन तैनात किया गया और सुरक्षा कर्मी लगातार गश्त कर रहे थे।
सुबह 8:02 बजे कनॉट प्लेस में प्रदर्शनकारियों ने भारी सुरक्षा के बीच प्रवेश करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें तुरंत रोककर हिरासत में ले लिया और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़ जमा न करने का आदेश जारी किया।
पुलिस ने बताया कि सभी जवानों ने बॉडी‑कैम लगा रखा है, जिससे किसी भी अनुचित कार्रवाई का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
सुबह 8:51 बजे कनॉट प्लेस में फिर से हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस ने तेजी से 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
सुबह 9:41 बजे गुरुग्राम में यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया। राठी जंतर‑मंत्र पहुंचने वाले थे, लेकिन सुबह 8 बजे ही उन्हें रोक लिया गया।
इसी दौरान लीगल टीम की हेड रत्ना सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों को गुड़गांव के सेक्टर 56 से लाया गया, जहाँ उन्होंने अपने माता‑पिता के घर से लौटने के बाद यात्रा की थी।
सुबह 10:19 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर अभिजीत दिपके का विमान लैंड हुआ। दिपके को विमान के अंदर ही पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। विमान में मौजूद अन्य दो सहयोगियों—सौरव दास और आशुतोष रांका—को भी उसी समय गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि दिपके के साथ तीखी बहस के बाद उन्हें विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया गया, जबकि अन्य दो सहयोगियों को अलग‑अलग स्थानों पर ले जाया गया।
दिपके, दास और रांका की गिरफ्तारी पर CJP ने कड़ी निंदा की और तुरंत रिहाई की मांग की।
दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम को अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाकर कई गिरफ्तारियों को एकत्र किया गया। यहाँ महिला पुलिसकर्मी, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान तैनात हैं।
दोपहर 12:18 बजे महाराष्ट्र के संभाजीनगर से दिपके की माँ ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराज़गी जताई, यह कहा कि सरकार ने अपने ही समर्थकों के खिलाफ अनुचित कदम उठाया।
जंतर‑मंत्र के पास PTI बिल्डिंग के पास प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिससे दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने लगभग 50 ऐसे प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया।
कुल मिलाकर, इस दिन दिल्ली पुलिस ने 400 से अधिक प्रदर्शनकारियों को विभिन्न बिंदुओं पर हिरासत में ले लिया और जंतर‑मंत्र, कनॉट प्लेस, एयरपोर्ट और कई बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा बनाए रखी।
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