Nepal UP Flood LIVE: तिब्बत सीमा की ओर से बुधवार की दोपहर आई भयंकर बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई। पहाड़ में बहने वाली भोटे कोशी नदी के रौद्र रूप से नेपाल में डर का माहौल है। नेपाल में अचानक आए इस सैलाब का डर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी देखा जा रहा है। महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दोनों जिलों में अधिकारियों को सचेत करते हुए गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी पर नजर रखने और बाढ़ की आशंका के मद्देनजर पूरी सतर्कता बरने का आदेश दिया है। सीएम ने कहा है कि प्रशासन बाढ़ बचाव की पूरी तैयारी सुनिश्चित कर ले। कुशीनगर में अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन ने नदी उस पार रेता क्षेत्र के शाहपुर में खेती-बाड़ी के लिए झोपड़ी डाल कर रहने वाले लोगों को नाव से नदी इस पार पहुंचाया। कुल 70 लोग वहां थे जिन्हें सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया है। हालात की ताजा जानकारी के लिए बने रहें ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के साथ।
वाल्मीकि बैराज पर लगातार पानी का स्तर बढ़ रहा है। रात आठ बजे 1.04 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज था। वहीं रात साढ़े नौ बजे 136700 क्यूसेक तो रात दस बजे डिस्चार्ज 142100 क्यूसेक तक पहुंच गया। अपर स्ट्रीम में नदी का स्तर 354.90 तो डाउन स्ट्रीम मे नदी 352.30 फिट पर है। बैराज पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
कुशीनगर में पीएसी के जवानों के साथ मोटरबोट, नॉव, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीम को तैनात किया गया है। एसपी केशव कुमार ने बताया कि बड़ी गंडक नदी में संभावित बाढ को लेकर पुलिस प्रशासन को अलर्ट किया गया है। बड़ी गंडक नदी के सटे चार थानों में शामिल खड्डा, हनुमानंगज, तरयासुजान व सेवरही आदि के पुलिस कर्मियों को अलर्ट किया गया है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले सात गांवों के लोगों को अलर्ट किया गया है। दो प्लाटून पीएसी को लगाया गया है। दो प्लाटून पीएसी की डिमांड की गई है। बताया कि एसडीआरफ व एनडीआरएफ की दो टीमों में 18 जवानों को तैनात किया गया है। पांच मोटर बोट, 137 नॉव, 56 गोटाखोरों को तैनात किया गया है। सात गांवों के 3500 आबादी की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट है। पुलिस की गाड़ियों ने लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस कर्मियों को लाइफ जैकेट समेत सभी संसाधनों को मुहैया कराया गया है। पुलिस के साथ राजस्व, सिंचाई, सप्लाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, आपदा विभाग संयुक्त रूप से डूबा हुआ है। एसपी ने बताया कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराजगंज और कुशीनगर प्रशासन को नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर पूरी सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कहा है कि नेपाल प्रशासन से लगातार समन्वय स्थापित कर वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराई जाए। गंडक नदी तिब्बत-नेपाल सीमा के पास से निकलकर बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। यूपी में इसका प्रभाव मुख्य रूप से महाराजगंज और कुशीनगर समेत अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ता है।
नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी की आशंका को देखते हुए सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है। गंडक नदी से जुड़े करीब 40 किलोमीटर के उत्तर प्रदेश के हिस्से में बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए बचाव का काम तेज कर दिया गया है।
नेपाल में भारी बारिश के चलते गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से महराजगंज के निचलौल में नदी के पास के गांवों में बाढ़ को लेकर खतरा मंडरा रहा है। निचलौल तहसील के सोहगीबरवा समेत तीन ग्राम पंचायतों में तहसील प्रशासन बाढ़ से बचाव के लिए मुस्तैद है। एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि सोहगीबरवा सहित अन्य गांवों के मुनादी कराई गई है। वहां नायब तहसीलदार, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, पुलिस , एसडीआरएफ और एसएसबी की टीमें निगरानी में लगाई गई हैं। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। इस समय वाल्मीकिनगर बैराज पर नदी का जलस्तर स्थिर है। ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। इसके साथ ही गंडक नदी से सटे गेडहवा, कटान टोला, कनमिसवां आदि गांवों में भी लोगों को अलर्ट किया गया है।
कुशीनगर में एसडीआरएफ को तैनात कर दिया गया है। नारायणी (बड़ी गंडक) नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 2.50 लाख से तीन लाख क्यूसेक तक पानी का डिस्चार्ज होने की संभावना है। बुधवार को दिन में एक बजे नदी का डिस्चार्ज 86 हजार क्यूसेक था। दो बजे 88 हजार 300 क्यूसेक और तीन बजे 92 हजार 900 क्यूसेक पहुंच गया। चार बजे 1 लाख 50 हजार 200 क्यूसेक पहुंच गया। छितौनी तटबंध के भैसहा गेज पर नदी चेतावनी बिन्दु 95 सेमी के सापेक्ष 94.75 सेमी पर बह रही है।
नेपाल के अधिकारियों द्वारा नदी किनारे रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दिए जाने के बाद कुशीनगर प्रशासन भी अलर्ट हो गया। नदी के उस पार रेता क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। बुधवार को कुशीनगर के डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार ने खड्डा तहसील प्रशासन के साथ खड्डा के शिवपुर समेत तटवर्ती गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। दोनों अफसर वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर भी पहुंचे और पानी के डिस्चार्ज से सम्बंधित जानकारी ली।
प्रशासन की नजर विशेष रूप से नदी के उस पार बसे रेता क्षेत्र के गांवों पर है। यहां बड़ी संख्या में लोग और उनके मवेशी नदी के आसपास तथा निचले इलाकों में रहते हैं। ऐसे में जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। डीएम और एसपी बुधवार को शिवपुर क्षेत्र में भी पहुंचे। उन्होंने नदी के तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी की स्थिति, आसपास के गांवों और संभावित रूप से प्रभावित होने वाले स्थानों की जानकारी ली। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी वर्तमान स्थिति और की गई तैयारियों के बारे में जानकारी हासिल की।
अधिकारियों ने लोगों को संभावित जलस्तर वृद्धि की जानकारी देते हुए सतर्क रहने की अपील की। ग्रामीणों से कहा गया कि नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी को गंभीरता से लें और किसी भी स्थिति में नदी के समीप न जाएं। मछली पकड़ने, नदी पार करने या अन्य किसी काम से नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई।
डीएम ने ग्रामीणों से अपने पशुओं को भी नदी और निचले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को स्पष्ट किया गया कि जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
नेपाल में बाढ़ के हालात को देखते हुए महाराजगंज में भी प्रशासन अलर्ट मोड में है। नारायणी नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ने का अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 2.5 लाख से 3 लाख क्यूसेक तक डिस्चार्ज प्रवाहित होने की आशंका है। इससे सोहगीबरवा क्षेत्र में बाढ़ के आसार बन गए हैं।
18: 40 PM-Nepal UP Flood LIVE: सीएम योगी ने अधिकारियों को किया सतर्क
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में नेपाल में आई तबाही पर चिंता जताई और यूपी के सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को अलर्ट किया। अपनी पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा-‘नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है। भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।’
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