बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के रौद्र रूप से दहशत बनी हुई है। राघोपुर इलाके में भीषण कटाव हो रहा है। मंगलवार सुबह रिटायर्ड रेलवे लाइन पर स्थित दुर्गा मंदिर नदी में समा गया। नदी का कटाव रेलवे लाइन स्थित कुछ अन्य मंदिरों को भी जद में ले रहा है। देर शाम तक ये भी नदी में विलीन हो जाएंगे। बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी नई दिल्ली में आयोजित बैठक को बीच में ही छोड़कर पटना लौट गए। विभागीय सचिव शाम को भागलपुर पहुंचकर कटाव स्थल का दौरा भी करेंगे।
डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने बताया कि भागलपुर जिले के राघोपुर इलाके में गंगा नदी में भीषण कटाव हो रहा है। कई जगहों पर कटाव से दबाव क्षेत्र बन गया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर मौके पर मौजूद हैं। कटाव रोकने का प्रयास जारी है। मगर गंगा नदी की धारा में अप्रत्याशित बदलाव हो रहा है, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। वह खुद इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि पिछले बाढ़ के समय में जिस जगह दबाव का क्षेत्र बना था, वहां पर विभाग ने ठोस कटाव निरोधक कार्य कराए थे। गंगा नदी अपने स्वभाव के मुताबिक कभी उस जगह के नीचे, तो कभी ऊपर अंदर ही अंदर कटाव कर रही है। इससे हालात संवेदनशील बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा स्थिति को काबू में करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
सरकार का कहना है कि भागलपुर के काजीकोरेया–राघोपुर मार्जिनल बांध पर कटाव से सुरक्षा के लिए युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य किया जा रहा है। बीते लगभग एक महीने से गंगा नदी के बायें किनारे स्थित मार्जिनल बांध पर कटाव की चुनौती बन हुई है। 27 जुलाई से कटाव को रोकने और बांध की सुरक्षा के लिए अधिकारी और इंजीनियर लगे हुए हैं।
दूसरी ओर, बाढ़ एवं कटाव को देखते हुए राघोपुर में रिटायर्ड रेलवे लाइन पर बसी आबादी को हटाने का काम जारी है। साथ ही सबौर के इंग्लिश में पानी उतरने से कटाव बढ़ गया है। हालांकि जल संसाधन विभाग द्वारा कटाव स्थल के समीप एंटीरोजन वर्क कराया जा रहा है।
सोमवार देर रात राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध में कटाव स्थल से कुछ दूरी पर पासिंग भाग के पास दरार आ गई। आसपास बचाव कार्य कर रहे सभी मजदूर वहां इकठ्ठा हुए और दरार स्थल पर तुरंत बचाव कार्य शुरू कराया गया। बांस बल्ला के साथ बालू भरी बोरी देकर दरार को बंद किया गया। बीडीओ मोना कुमारी सोनी ने बताया कि फिलहाल स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है।
राघोपुर में दूसरी जगह ब्रह्मस्थान के पास पानी का दबाव बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग ने उस बांध को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। भागलपुर की डीएम अलंकृता पाण्डेय खुद पल-पल की रिपोर्ट ले रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रत्तीपुर बैरिया इलाके में गंगा नदी के बीच जमा गाद की ड्रेजिंग शुरू कर दी गई है। इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ड्रेजिंग जहाज से यह काम किया जा रहा है। इससे राघोपुर बांध पर दबाव वाली धारा से राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से भागलपुर-नवगछिया मुख्य मार्ग के किनारे ऊंची जगहों पर अस्थायी राहत शिविर बनाने की तैयारी चल रही है।
सबौर प्रखंड के इंग्लिश गांव में भी कटाव से दहशत और दर्द का माहौल है। शनिवार रात गंगा नदी में हुए कटाव से गांव के 15 परिवार उजड़ गए। उनके घर नदी में समा गए। कई परिवारों ने पूरी रात खुले में गुजारी। अब वे प्रशासन से स्थायी पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। उनके सामने भोजन, पेयजल और आश्रय की चुनौती बनी हुई है।
(पटना और भागलपुर से हिन्दुस्तान संवाददाताओं के इनपुट के साथ)
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!