ईशान किशन ने दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर 350 से ज्यादा रन बनाए। पहली पारी में किशन ने 270 रन की बड़ी पारी खेली। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। फाइनल के बाद बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में किशन और वैभव की यह मजेदार बातचीत नजर आई।
किशन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि रिव्यू के मामले में वैभव ने हर जगह क्रेडिट ले लिया। उन्होंने बताया कि कई बार वह खुद रिव्यू लेने वाले होते थे, लेकिन वैभव पहले ही पूरे आत्मविश्वास के साथ उनके पास आ जाते थे। किशन ने कहा "सारा क्रेडिट तो इसने हर जगह रिव्यू में ले लिया है। भले मैं रिव्यू लेने वाला था, लेकिन यह आकर बोल देता था कि मैं आपके पास आ जाता हूं। फिर इंटरनेट पर यही दिखेगा- वैभव! माय गुडनेस! वैभव ही सबकुछ है!"
When the Captain and Vice-Captain meet, you can expect a whole lot of fun and banter! 😄 A wholesome chat between Ishan Kishan and Vaibhav Sooryavanshi post East Zone's memorable #DuleepTrophy triumph 🏆👏 - By @jigsactin #EZvSZ | @ishankishan51 pic.twitter.com/3kRQC6pVT4
किशन की बात सुनकर वैभव सूर्यवंशी भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने तुरंत मजेदार जवाब देते हुए पूछा कि जब दोनों मैदान से बाहर जा रहे थे, तब रिव्यू कौन ले रहा था। सूर्यवंशी ने कहा "और जब फील्ड के बाहर जा रहे थे, तब कौन रिव्यू ले रहा था? यह भी तो बता दीजिए!" उनका यह जवाब सुनकर बातचीत और दिलचस्प हो गई।
ईशान किशन ने मजाक के बीच वैभव सूर्यवंशी की नेतृत्व क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने युवा खिलाड़ी को भविष्य का कप्तान तक बताया। किशन ने कहा, "हां, वह वैभव ही था। फ्यूचर कप्तान, शायद? देखते हैं आगे कैसे होता है। उसे टीम में रखना बहुत अच्छा है। वह सिर्फ अच्छा खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि बहुत अच्छा लड़का भी है। वह टीम के हर सदस्य का ध्यान रखता है, चाहे वह जूनियर हो या सीनियर।" इसके बाद किशन ने मजाक में खुद ही अपनी बात सुधारी और कहा कि अब वैभव को जूनियर कहना भी ठीक नहीं होगा।
किशन ने कहा कि वैभव में आगे और बेहतर करने की क्षमता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा बल्लेबाज आने वाले समय में इससे भी ज्यादा खतरनाक खिलाड़ी बनेगा। उन्होंने कहा कि यह वैभव का पहला या आखिरी ऐसा प्रदर्शन नहीं है। उनके मुताबिक, वह आगे भी इसी तरह प्रदर्शन करता रहेगा।
वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में ईशान किशन की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैदान के बाहर टीम का माहौल काफी मजेदार था और सभी ने एक-दूसरे के साथ काफी आनंद लिया। वैभव ने किशन की 270 रन की पारी को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने कहा कि किशन की बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल गया और कप्तान के तौर पर उनके साथ खेलना काफी मजेदार रहा।
ईशान किशन ने अंत में कहा कि टीम के लिए सबसे जरूरी एक साथ रहकर खेल का आनंद लेना है। उन्होंने कहा कि नतीजा हमेशा खिलाड़ियों के हाथ में नहीं होता, लेकिन टीम के तौर पर साथ मिलकर आनंद लेना जरूरी है। हालांकि, इस बार नतीजा ईस्ट जोन के पक्ष में रहा और टीम ने दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। किशन और सूर्यवंशी की यह मजेदार बातचीत अब फाइनल के बाद के यादगार पलों में शामिल हो गई है।
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