सतर्कता अधिष्ठान ने बुधवार शाम चेतगंज स्थित जीएसटी (राज्य) सेक्टर-6 की उपायुक्त अंबिका को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि जीएसटी फाइल के निस्तारण के लिए रुपये मांगे थे। मूलरूप से फतेहपुर के धाता की रहने वाली अंबिका का चार माह बाद रिटायरमेंट है।
बजरडीहा के लखरांव के ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्रा.लि. के निदेशक अजय कुमार मौर्य ने इस बारे में शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि फरवरी 2023 के रिटर्न तथा जीएसटी (राज्य) के आगणन के संबंध में कम्पनी की फाइल के स्पष्टीकरण/निस्तारण के लिए उन्हें बार-बार टरकाया जा रहा है। उपायुक्त उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत मांग रही हैं। लिखित शिकायत के बाद आंतरिक स्तर पर जांच कराई गई।
ट्रैप टीम ने चेतगंज में दादा रेस्टोरेंट के पास बुधवार को शिकायतकर्ता अजय कुमार मौर्य से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते उपायुक्त को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी इकाई मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही में जुटी है। आरोपी को महिला थाने में पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।
गिरफ्तार महिला अफसर विजिलेंस टीम को देर शाम तक अपने पति के नाम और पते को लेकर बरगलाती रहीं। गुरुवार को आरोपी अफसर की सेवा पुस्तिका विभाग से निकलवाई जाएगी। इसके जरिए पूरा विवरण लिया जाएगा।
राज्य कर विभाग में उपायुक्त अंबिका तरह-तरह के बहाने बनाकर व्यापारियों, कर सलाहकारों से रुपये मांगती थी। कुछ माह पहले ही अंबिका ने बेटी की शादी के लिए अधिवक्ताओं, व्यापारियों को फोन करके पैसे की मांग की थी।
अंबिका को खंड 6 की जिम्मेदारी मिली थी। इसमें रथयात्रा, लंका, कमच्छा, बजरडीहा, सरायनंदन, खोजवां, दुर्गाकुंड के क्षेत्र आते हैं। वह पान दरीबा में किराए पर रहती है। अंबिका की अपने ही विभाग में अच्छी छवि नहीं है। अधिकारियों, कर्मचारियों के बीच उसको पैसे मांगने वाली अधिकारी के रूप में पुकारा जाता था। पूर्व में वरिष्ठ अधिकारियों और उसके समकक्ष अधिकारियों ने कई बार समझाया लेकिन वह नहीं मानी।
विभाग में तीसरे तल पर अंबिका का कार्यालय है। ज्यादातर लोगों को विभाग के बाहर ही पैसे लेने के लिए वह बुलाती थीं। कर सलाहकारों, व्यापारियों में यह चर्चा भी है कि अंबिका का फोन कभी सब्जी और फल खरीदने के लिए भी पैसे लेने के लिए आ सकता है।
राज्य कर विभाग के सूत्रों के अनुसार अंबिका का चार माह बाद रिटायरमेंट है। ऐसे में कुछ माह से अंबिका में पैसे को लेकर ज्यादा लालच हो गया था। हर दूसरी-तीसरी फाइल पर पैसे के लिए व्यापारियों, सीए, अधिवक्ताओं को फोन करके ऑफिस बुलाती थी और पैसा न देने पर विभागीय कार्रवाई की धमकी देती थी।
उप्र सतर्कता अधिष्ठान की ओर से भ्रष्टाचार के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जाती है। यदि किसी लोक सेवक (राजपत्रित/ अराजपत्रित/ अन्य) सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो हेल्पलाइन नम्बर- 9454401866 या 9454401222 पर शिकायत कर सकते हैं।
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